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स्वास्थ्य ठेका कर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी शुक्रवार को ट्रामा सेंटर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन भी नहीं दिया गया है। साथ ही 80 स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने नौकरी से निकाल दिया है। कर्मचारियों ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने की अगुवाई स्वास्थ्य सेवा के जिला प्रधान सुमित ऋषि ने की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सह सचिव मांगेराम तिगरा, ब्लाक प्रधान जोत सिंह, कोषाध्यक्ष सतीश राणा व प्रेम प्रकाश ने बताया कि विभाग के बड़े अफसरों के साथ कई बार बातचीत की गई। लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। कर्मचारियों ने कोरोना काल में दिन-रात अपनी ड्यूटी निभाई। कोरोना योद्धाओं के रूप में कर्मचारियों को 15 अगस्त को सम्मानित भी किया गया। आरोप लगाया कि दो माह से ठेका कर्मचारी बिना वेतन के कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के परिवार के भूखा रहने की नौबत आ गई है।
उन्होंने कहा कि एक ओर कोरोना महामारी के दौर में सभी को घर बैठने और सुविधा का देने का दावा किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाला जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि यदि कोई कर्मचारी इसको लेकर आवाज उठाता है तो उसे धमकियां दी जाती है।
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कर्मचारियों का आरोप है कि सिविल सर्जन यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं कि कर्मचारियों को रखना मेरे बस की बात नहीं है। यह कार्य ठेकेदार का है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब कि स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को ड्यूटी रोस्टर में हाजरी नहीं लगती है, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर जिला सचिव नरेश कुमार, नरवेश शर्मा, विशाल बाजीगर, शोभित, विजय, कमल, राजेश, सहलिंद्र, अली, निखिल व मलकीत आदि मौजूद रहे।
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यमुनानगर। स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी शुक्रवार को ट्रामा सेंटर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन भी नहीं दिया गया है। साथ ही 80 स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने नौकरी से निकाल दिया है। कर्मचारियों ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने की अगुवाई स्वास्थ्य सेवा के जिला प्रधान सुमित ऋषि ने की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सह सचिव मांगेराम तिगरा, ब्लाक प्रधान जोत सिंह, कोषाध्यक्ष सतीश राणा व प्रेम प्रकाश ने बताया कि विभाग के बड़े अफसरों के साथ कई बार बातचीत की गई। लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। कर्मचारियों ने कोरोना काल में दिन-रात अपनी ड्यूटी निभाई। कोरोना योद्धाओं के रूप में कर्मचारियों को 15 अगस्त को सम्मानित भी किया गया। आरोप लगाया कि दो माह से ठेका कर्मचारी बिना वेतन के कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के परिवार के भूखा रहने की नौबत आ गई है।
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उन्होंने कहा कि एक ओर कोरोना महामारी के दौर में सभी को घर बैठने और सुविधा का देने का दावा किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाला जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि यदि कोई कर्मचारी इसको लेकर आवाज उठाता है तो उसे धमकियां दी जाती है।
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कर्मचारियों का आरोप है कि सिविल सर्जन यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं कि कर्मचारियों को रखना मेरे बस की बात नहीं है। यह कार्य ठेकेदार का है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब कि स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को ड्यूटी रोस्टर में हाजरी नहीं लगती है, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर जिला सचिव नरेश कुमार, नरवेश शर्मा, विशाल बाजीगर, शोभित, विजय, कमल, राजेश, सहलिंद्र, अली, निखिल व मलकीत आदि मौजूद रहे।