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किसानों को अपने खेत से रेत उठाने का अधिकार दे सरकार : संजू
Sat, 06 Sep 2025 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:03 AM IST
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गांव गुमथला राव का दौरा करते भाकियू के पदाधिकारी। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने शुक्रवार को गांव गुमथला राव, संधाला, संधाली आदि गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को अपनी जमीन से रेत उठाने का अधिकार देने की मांग सरकार से की।
उन्होंने बताया कि यमुना नदी द्वारा अबकी बार जो किसानों की जमीन उत्तर प्रदेश की ओर लगती है, इसमें बहुत भारी कटाव किया गया। बहुत से किसानों की जमीन यमुना नदी में समा गई। उसमें लगी फसल गन्ना, धान, पॉपुलर के पेड़ यमुना नदी में समा गए। बहुत से किसानों के ट्यूबवेल के मकान, बिजली की लाइन, ट्रांसफार्मर यमुना नदी में समा गए।
किसानों का भारी नुकसान हुआ है। गांव गुमथला के उदयपाल ने बताया कि उनकी 50 एकड़ जमीन यमुना नदी में समां गई। 1995 से लेकर आज तक चार बार हमारी जमीन यमुना में समा चुकी है। कुछ साल बाद हम अपनी जमीन ठीक करते हैं और फिर दोबारा जमुना में समा जाती है। यह सब प्रशासन की नाकामी का कारण है।
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यदि समय रहते बांधों को अच्छे से ठोकरे लगाकर पक्का किया जाता है तो यह बर्बादी न होती। उनकी मांग है कि सरकार किसानों के नुकसान को देखते हुए उचित मुआवजा देकर किसानों की सहायता करे। किसानों को अपने खेतों से रेत उठाने का अधिकार दे। इस अवसर पर युवा जिला अध्यक्ष संदीप टोपरा, जिला सचिव विक्रांत ससौली, पप्पल गुंदियाना, बलिंद्र नरवाल, राजपाल गुमथला, सुरेश पाल भागू माजरा, कर्मबीर सिंह, पवन नंबरदार मौजूद रहे।
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रादौर। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने शुक्रवार को गांव गुमथला राव, संधाला, संधाली आदि गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को अपनी जमीन से रेत उठाने का अधिकार देने की मांग सरकार से की।
उन्होंने बताया कि यमुना नदी द्वारा अबकी बार जो किसानों की जमीन उत्तर प्रदेश की ओर लगती है, इसमें बहुत भारी कटाव किया गया। बहुत से किसानों की जमीन यमुना नदी में समा गई। उसमें लगी फसल गन्ना, धान, पॉपुलर के पेड़ यमुना नदी में समा गए। बहुत से किसानों के ट्यूबवेल के मकान, बिजली की लाइन, ट्रांसफार्मर यमुना नदी में समा गए।
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किसानों का भारी नुकसान हुआ है। गांव गुमथला के उदयपाल ने बताया कि उनकी 50 एकड़ जमीन यमुना नदी में समां गई। 1995 से लेकर आज तक चार बार हमारी जमीन यमुना में समा चुकी है। कुछ साल बाद हम अपनी जमीन ठीक करते हैं और फिर दोबारा जमुना में समा जाती है। यह सब प्रशासन की नाकामी का कारण है।
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यदि समय रहते बांधों को अच्छे से ठोकरे लगाकर पक्का किया जाता है तो यह बर्बादी न होती। उनकी मांग है कि सरकार किसानों के नुकसान को देखते हुए उचित मुआवजा देकर किसानों की सहायता करे। किसानों को अपने खेतों से रेत उठाने का अधिकार दे। इस अवसर पर युवा जिला अध्यक्ष संदीप टोपरा, जिला सचिव विक्रांत ससौली, पप्पल गुंदियाना, बलिंद्र नरवाल, राजपाल गुमथला, सुरेश पाल भागू माजरा, कर्मबीर सिंह, पवन नंबरदार मौजूद रहे।