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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को आयरन की गोली खिलाने का लक्ष्य अधूरा

Fri, 09 Oct 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 09 Oct 2026 12:52 AM IST
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Goal of administering iron tablets to students remains unfulfilled
सिविल सर्जन कार्यालय यमुनानगर। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में विद्यार्थियों को एनीमिया से बचाने और स्वास्थ्य बेहतर रखने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहा है। इस बार राजकीय और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 1,82,670 विद्यार्थियों को आयरन की गोलियां खिलाई जानी थीं। अगस्त तक केवल 1,31,950 विद्यार्थियों को ही गोली खिलाई जा सकी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में बच्चों को निर्धारित आयु के अनुसार आयरन की गोली दी जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों में खून की कमी को दूर करना और उन्हें स्वस्थ रखना है। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष भी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ था। उस समय जिले में 1,38,625 विद्यार्थियों को ही आयरन की गोली खिलाई जा सकी थी।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के राजकीय स्कूलों में करीब 90 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं, बाकी कि निजी स्कूलों के हैं। राजकीय स्कूलों में तो शिक्षक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को आयरन की गोली खिला देते हैं। विभाग के अनुसार निजी स्कूलों में यह प्रक्रिया चुनौती बनी हुई है।
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कई निजी स्कूल संचालक बच्चों को गोली सीधे खिलाने के बजाय उनके हाथ में दे देते हैं और माता-पिता की मौजूदगी में खाने के लिए कहते हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़ जाए, इस आशंका के चलते निजी स्कूलों में शिक्षक बच्चों को गोली खिलाने से बचते हैं। इसका सीधा असर अभियान के लक्ष्य पर पड़ रहा है।
बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है आयरन
आयरन की कमी बच्चों में कमजोरी और एनीमिया का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को नियमित रूप से आयरन की गोलियां उपलब्ध कराई जाती हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले। आयरन की गोली शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करती है। इससे कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है।

निजी स्कूलों को बताया जाता है कि आयरन की गोली बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और इससे नुकसान नहीं होता। विभाग की ओर से स्कूलों को सहयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। -डॉ. दिव्या मंगला, कार्यवाहक सिविल सर्जन यमुनानगर।
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