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शिकायत के बाद भी नहीं रुक रही गोसदन की भूमि पर अवैध माइनिंग

Sun, 15 Sep 2019 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 11:48 PM IST
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go sadan field, complaint
मांडेवाला गौसदन के पास अवैध खनन होता हुआ। - फोटो : YAMUNA NAGAR
शिकायत के बाद भी मांडेवाला गोसदन भूमि में अवैध खनन रुक नहीं रहा है। माइनिंग माफिया की जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली बेखौफ बेशकीमती सरकारी जमीन की खुदाई में जुटी है। अवैध खनन का यह मामला पुलिस और खनन अधिकारियों के साथ-साथ डीसी तक के संज्ञान में है। इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई माइनिंग माफिया के खिलाफ अमल में नहीं लाई जा सकी है। जिससे अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद है। गोसदन भूमि में हो रहे अवैध खनन को लेकर पशु चिकित्सक कई बार लिखित में शिकायत भी दे चुका है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में लगा हुआ है। जिससे ग्रामीणों में रोष बनता जा रहा है। वहीं माइनिंग विभाग की एक टीम इस क्षेत्र का दौरा भी कर चुकी है। खनन विभाग के अधिकारियों की शिकायत के बाद ही एफआईआर दर्ज की जानी है।
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भू-संपदा को नुकसान : मांडेवाला गोसदन के पशु चिकित्सक रोहित सैनी का कहना है कि कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। माइनिंग माफिया से उन्हें भी खतरा बना हुआ है। अगर जल्द ही इन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो ये लोग आसपास की सारी जमीन को खोद डालेंगे। ये लोग सरकारी भू संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही गोसदन पर खनन की भेंट चढ़कर गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
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ताजेवाला से मांडेवाला तक अवैध खनन : खनन माफिया द्वारा ताजेवाला, लालटोपी घाट, कोलीवाला, मांडे वाला आदि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर माइनिंग की जा रही है। कई जगह अवैध खनन करके 80 से 100 फीट गहरे गड्ढे तक खोद दिए गए हैं। खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि वे अब दिन-रात माइनिंग में जुटे हैं, जबकि यह क्षेत्र खनन के लिए प्रतिबंधित है और यहां सरकार की तरफ से खनन की परमिशन भी किसी को नहीं दी गई है।
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पहरा दे रहे हैं कारिंदे : यहां की हालत इतनी बदतर हो चुकी है, आसपास के क्षेत्र की पूरी जमीन माइनिंग माफिया के कब्जे में है। यहां माफिया के कारिंदे लाठी और डंडे लेकर पहरा दे रहे हैं और किसी ग्रामीण और अनजान व्यक्ति को डरा धमका कर भगा देते हैं। पुलिस या खनन विभाग की पेट्रोलिंग को देखकर ये पहले ही अपने साथियों को आगाह कर देते हैं और मशीन व अन्य वाहनों को भगा ले जाते हैं।
एनजीटी के आदेश हवा हवाई : अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ एनजीटी के साफ आदेश हैं। इसके बावजूद यमुनानगर बेखौफ तरीके से अवैध खनन जारी है। साथ ही धड़ल्ले से ओवरलोड वाहनों का आवागमन जारी है। खानापूर्ति के नाम पर आरटीए की तरफ से 14 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन रोजाना सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड वाहन निकल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरटीए अधिकारियों की मिलीभगत से ओवरलोडिंग का खेल चल रहा है। लोगों ने चरखी दादरी की तरह यमुनानगर में भी ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इस बारे में थाना प्रभारी खिजराबाद मनोज कुमार का कहना है कि पशु चिकित्सक डॉ रोहित सैनी की तरफ से शिकायत आई थी। जिसके बारे में जांच की जा रही है। मांडेवाला गोसदन के पास रोजाना पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि अवैध खनन ना हो।
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