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बहू बनकर आई बेटी को दें समय : रेनू

Tue, 03 Feb 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 03 Feb 2026 01:15 AM IST
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Give time to your daughter who has come as a daughter-in-law: Renu
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देतीं छात्राएं। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। दूसरे परिवार से बहू बनकर आपके घर आई लड़की को बेटी ही समझे और अपने परिवार में घुलने-मिलने व सभी का व्यवहार व प्यार समझने के लिए कम से कम दो वर्ष का समय अवश्य दें। सास बहू एक दूसरे को मां-बेटी समझेंगी तो कभी तकरार नहीं होगी। यह बात हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रेनू भाटिया ने कही।
वे सोमवार को शहर के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में सामाजिक जागरूकता एवं पारिवारिक उत्तरदायित्व विषय पर बतौर मुख्यातिथि बोल रही थीं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टूटते बिखरते परिवारों को आपसी तालमेल व बातचीत से बचाने के प्रयास के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम हरियाणा राज्य महिला आयोग और जिला प्रशासन की ओर से करवाया गया।
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मुख्यातिथि ने रेनू भाटिया ने कहा कि सामाजिक जागरूकता व पारिवारिक उत्तरदायित्व का विषय इसलिए चुना है कि बदलते परिवेश में पति-पत्नी के आपसी विवाद से परिवार बिखर रहे हैं। हमें आपसी बातचीत से परिवार बिखरने से बचाना होगा। अपने जीवन की घटनाओं के उदाहरण देकर उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया। पति-पत्नी का विवाद छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने पर उपजता है। यदि आपसी समझ से एक दूसरे के प्रति सम्मान भाव रखें तो ऐसा नहीं होगा।
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उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को संस्कारवान व शिक्षित बनाना है। चूंकि आगे बढ़ने के लिए संस्कार होना बहुत ही जरूरी है। संस्कारी बेटा-बेटी मजबूती से आगे बढ़ते हैं। घर के सदस्यों को समझने के लिए दूसरे परिवार से बहू के रूप में आई बेटी को कम से कम दो वर्ष का समय अवश्य देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 16 वर्ष की आयु तक बच्चों का ध्यान रखें और उनमें एक-दूसरे के प्रति आदर-सम्मान की भावना पैदा करें तथा बच्चों में परिवार, रिश्ते आदि की इज्जत करना यदि बातें अवश्य समझाएं।
उन्होंने डिजिटल चुनौतियों पर कहा कि बच्चों में संस्कार परिवार व माता-पिता से ही आते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे काम के तनाव घर की दहलीज के बाहर छोड़ें और बच्चों को अधिक से अधिक समय दें। उनकी बात सुनें और समस्या समाधान का सुझाव दें। सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर वास्तविक रिश्तों में निवेश करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

डीसी प्रीति ने उपस्थित लोगों से कहा कि कार्यक्रम में अपनी बात खुलकर रख सकते हैं। हमें आगे बढ़ने के लिए परिवार के साथ मिलकर काम करना होगा। हमें एक दूसरे के विचारों को समझना और सम्मान करना होगा, तभी हमारे रिश्ते बिखरने से बच सकते हैं। हम 21वीं सदी में आ गए हैं, इसलिए हमें अपनी सोच व व्यवहार में परिवर्तन करने की जरूरत है।

एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि आज वैवाहिक मतभेद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इन मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझाया जा सकें इसलिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से ही हम अधिकांश विवादों का निपटारा आसानी से कर सकते हैं।

हमें किसी विवाद को सुलझाने में हमें अपनी गलती को स्वीकार करना होगा जब हम अपनी गलती को स्वीकार करेगें तो अवश्य विवाद समाप्त होगा और एक दूसरे के आत्मसम्मान की रक्षा करनी होगी। इस दौरान भाजपा जिला महिला मोर्चा अध्यक्षा प्रीति जौहर, जिला महिला पुलिस थाना प्रभारी शीलावंती, रजनी गुप्ता, डीएलएसए अधिवक्ता विरेंद्र पाल संधू ने जिला परिषद सीईओ सुनील कुमार, डीएसपी जगाधरी राजीव मिगलानी, अंडर ट्रेनी डीएसपी पूजा, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुखमिंद्र सिंह, डीपीओ मिक्षा रंगा, डीआईओ विनय गुलाटी, सीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देतीं छात्राएं। डीआईपीआरओ

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देतीं छात्राएं। डीआईपीआरओ

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देतीं छात्राएं। डीआईपीआरओ

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देतीं छात्राएं। डीआईपीआरओ

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