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नर को नारायण से जोड़ती है गीता : डॉ. भारद्वाज
Tue, 10 Dec 2024 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Dec 2024 12:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। राजकीय महाविद्यालय छछरौली में गीता जयंती के उपलक्ष्य में आधुनिक जीवन में श्रीमद्भागवत की प्रासंगिकता विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में गुरु नानक खालसा कॉलेज के हिंदी विभाग से रिटायर्ड प्रो. डॉ. पीसी भारद्वाज और पंचनद शोध संस्थान के जिला अध्यक्ष सुरेश पाल ने हिस्सा लिया। डॉ. भारद्वाज ने कहा कि गीता नर को नारायण से जोड़ती है।
सेमिनार राजकीय महाविद्यालय छछरौली के आईक्यूएसी सेल के तत्वावधान व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत तुलसी के पौधे भेंट कर किया। वक्ताओं ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण विधा का अक्षय भंडार है। यह पुराण सभी प्रकार के कल्याण देने वाला और नर को नारायण से जोड़ने में एक सेतु की तरह काम करने वाला है। डॉ. पीसी भारद्वाज ने श्रीमद् भागवत गीता के बारे में बताया कि यह परम सत्य की अनुभूति एवं कालभय से मुक्त कराने वाला ग्रंथ है।
सुरेश पाल सिंह ने कहा कि यह पुराण प्राणी की सतकामनाओं को पूर्ण करते हुए मृत्यु को मंगलमय बनाने में विशुद्ध प्रेम शास्त्र का काम करता है। हमें अपने जीवन में क्रोध, मोह, हिंसा, संग्रह का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। इस अवसर पर प्रो. सीमा ने भजन प्रस्तुत कर अपनी मधुर आवाज से सबको झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इस मौके पर आईक्यूएसी सेल के इंचार्ज और कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. अशोक बंसल, सह समन्वयक प्रो. सतबीर सिंह, संयोजिका प्रो. प्रतिभा, सह संयोजिका डॉ. रुचिका वधवा उपस्थित रहे।
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छछरौली। राजकीय महाविद्यालय छछरौली में गीता जयंती के उपलक्ष्य में आधुनिक जीवन में श्रीमद्भागवत की प्रासंगिकता विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में गुरु नानक खालसा कॉलेज के हिंदी विभाग से रिटायर्ड प्रो. डॉ. पीसी भारद्वाज और पंचनद शोध संस्थान के जिला अध्यक्ष सुरेश पाल ने हिस्सा लिया। डॉ. भारद्वाज ने कहा कि गीता नर को नारायण से जोड़ती है।
सेमिनार राजकीय महाविद्यालय छछरौली के आईक्यूएसी सेल के तत्वावधान व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत तुलसी के पौधे भेंट कर किया। वक्ताओं ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण विधा का अक्षय भंडार है। यह पुराण सभी प्रकार के कल्याण देने वाला और नर को नारायण से जोड़ने में एक सेतु की तरह काम करने वाला है। डॉ. पीसी भारद्वाज ने श्रीमद् भागवत गीता के बारे में बताया कि यह परम सत्य की अनुभूति एवं कालभय से मुक्त कराने वाला ग्रंथ है।
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सुरेश पाल सिंह ने कहा कि यह पुराण प्राणी की सतकामनाओं को पूर्ण करते हुए मृत्यु को मंगलमय बनाने में विशुद्ध प्रेम शास्त्र का काम करता है। हमें अपने जीवन में क्रोध, मोह, हिंसा, संग्रह का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। इस अवसर पर प्रो. सीमा ने भजन प्रस्तुत कर अपनी मधुर आवाज से सबको झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इस मौके पर आईक्यूएसी सेल के इंचार्ज और कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. अशोक बंसल, सह समन्वयक प्रो. सतबीर सिंह, संयोजिका प्रो. प्रतिभा, सह संयोजिका डॉ. रुचिका वधवा उपस्थित रहे।
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