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Yamuna Nagar News: श्री सम्मेद शिखर को पयर्टन स्थान बनाने पर निकाला रोष मार्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jan 2023 08:00 AM IST
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Fury march on making Shri Sammed peak a tourist destination
जैन समाज के लोगों ने तीर्थ श्री सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के विरोध में प्रदर्शन किया। तीर्थ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के विरोध में जैन समाज मुखर दिखाई दिया। उन्होंने मॉडल टाउन के शास्त्री पार्क से लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान लोगों ने भगवान महावीर का जयघोष करते हुए झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज के लोग लघु सचिवालय में समाज के लोग डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे थे। डीसी की अनुपस्थिति में एसडीएम ने ज्ञापन लिया।
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समाज की ओर से झारखंड के गिरिडीह जिला स्थित श्री सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के विरोध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, पर्यटन मंत्री व झारखंड मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और यह आदेश रद्द करने की मांग की। इस प्रदर्शन का दिगंबर समाज यमुनानगर प्रधान अजय जैन, श्वेतांबर समाज यमुनानगर प्रधान विनोद जैन, स्थानक समाज प्रधान राकेश जैन, जगाधरी दिगंबर समाज प्रधान नरेंद्र जैन, बुड़िया दिगंबर जैन समाज प्रधान भूषण जैन, साढौरा दिगंबर जैन समाज प्रधान रोबिन जैन, श्वेतांबर समाज जगाधरी महामंत्री आशीष जैन, जिला जैन मिलन प्रधान महेश जैन ने नेतृत्व किया।
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यहां समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज अहिंसा प्रिय है और सदा इसका पालन करता है। झारखंड सरकार ने गिरिडीह स्थित श्री सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल में परिवर्तित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि श्री सम्मेद शिखर को पारसनाथ के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र जैन अनुयायियों का अनादि निधन व सबसे बड़ा तीर्थ है। जहां से 24 में से 20 जैन तीर्थंकर सिद्धालय गए हैं। इस तीर्थ क्षेत्र का कण-कण पवित्र है। यदि कोई व्यक्ति निर्मल भावों से एक बार वंदना करे तो उसे कभी नरक तिर्यंच गति का बंध नहीं होता है। लेकिन ऐसे पावन तीर्थ क्षेत्र पर कुछ समय से अप्रिय घटनाएं हो रही है, जो कि निंदनीय है।
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उन्होंने बताया कि पारसनाथ पर्वतराज को वन्यजीव अभयारण्य, पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित मास्टर प्लान में धार्मिक पर्यटन सूची से बाहर किया जाए। तीर्थ क्षेत्र को बिना जैन समाज की सहमति के वन्य जीव अभ्यारण्य का एक भाग व तीर्थ माना जाता है। इसे नष्ट करने वाली झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को अविलंब रद्द किया जाए। तीर्थ क्षेत्र और मधुबन को मांस-मदिरा बिक्री मुक्त पवित्र जैन तीर्थ स्थल घोषित किया जाए। पर्वत राज की वंदना मार्ग को अतिक्रमण, वाहन संचालन व अभक्ष्य सामग्री बिक्री मुक्त कर यात्री पंजीकरण, समान जांच हेतु सीआरपीएफ व स्कैनर, सीसीटीवी कैमरे सहित दो चेक पोस्ट चिकित्सा सुविधा सहित बनाए जाएं। पर्वतराज से पेड़ों का अवैध कटान, पत्थरों का खनन और महुआ के लिए आग लगाना प्रतिबंधित करना जैन समाज की प्रमुख मांगें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस घोषणा से समाज आहत हैं। लोगों ने केंद्र सरकार व राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर झारखंड सरकार के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की।
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