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Yamuna Nagar News: डेढ़ करोड़ की ठगी करने के आरोप में मौलवी गिरफ्तार
Mon, 20 Jul 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। घर में दबे सोने का खजाना तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ से निकालने का झांसा देकर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में छप्पर थाना पुलिस ने जोगिंद्र नगर निवासी मौलवी इरशाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस उससे पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य आरोपियों और ठगी की पूरी साजिश के बारे में जानकारी जुटा रही है। उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जागधौली निवासी छमिंद्र कुमार को तंत्र-मंत्र और खजाना निकलवाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। पुलिस को दी शिकायत में छमिंद्र कुमार ने बताया था कि पिछले दिनों उसकी मुलाकात न्यू काॅलोनी बूड़िया निवासी मुन्नवर, इरशाद और जिला अंबाला के गांव धनौरा निवासी जंगशेर उर्फ जस्सी से हुई थी।
तब आरोपियों ने उसे बताया कि उसके मकान में करीब 19 क्विंटल सोना दबा है। उस पर बुरी शक्तियों का साया होने के कारण खजाना बाहर नहीं निकल पा रहा है। आरोपियों ने दावा किया कि विशेष पूजा, तांत्रिक अनुष्ठान और हाजरी कराने के बाद ही खजाना निकाला जा सकता है। ऐसा नहीं करने पर परिवार पर संकट आने की बात कहकर उसे डराया गया।
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शिकायत के अनुसार आरोपियों ने उसके घर पहुंचकर एक स्थान पर दूध रखने के लिए कहा। इसके बाद फोन पर बाबा से बात कर खजाना होने की बात कही गई और पूजा शुरू करने के नाम पर पहले 40 हजार रुपये खाते में जमा करवाए गए। इसके बाद नकद राशि भी ली गई। आरोप है कि अलग-अलग अनुष्ठानों, पूजा सामग्री और विशेष खनिज लाने के नाम पर रुपये वसूले गए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 41 हाजरियों के नाम पर 41 लाख रुपये, उत्तराखंड से 21 तुंब लाने के नाम पर 21 लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा एक परिचित से भी चार लाख रुपये खाते में जमा करवाए गए। कुल मिलाकर आरोपियों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने घर में गड्ढा खोदकर तांत्रिक क्रियाएं भी कीं और एक मटका दिखाकर खोलने से मना कर दिया।
बाद में मानव बलि, अजमेर में पूजा और अन्य धार्मिक क्रियाओं का डर दिखाकर और रकम मांगी गई। पीड़ित का आरोप है कि परिवार पर खतरे की बात कहकर उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा गया। उसने पत्नी के गहने बेचने पड़े और रिश्तेदारों व दोस्तों से उधार लेकर रुपये दिए। पुलिस ने जांच अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि इरशाद मस्जिद में मौलवी है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया है या नहीं।
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यमुनानगर। घर में दबे सोने का खजाना तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ से निकालने का झांसा देकर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में छप्पर थाना पुलिस ने जोगिंद्र नगर निवासी मौलवी इरशाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस उससे पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य आरोपियों और ठगी की पूरी साजिश के बारे में जानकारी जुटा रही है। उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जागधौली निवासी छमिंद्र कुमार को तंत्र-मंत्र और खजाना निकलवाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। पुलिस को दी शिकायत में छमिंद्र कुमार ने बताया था कि पिछले दिनों उसकी मुलाकात न्यू काॅलोनी बूड़िया निवासी मुन्नवर, इरशाद और जिला अंबाला के गांव धनौरा निवासी जंगशेर उर्फ जस्सी से हुई थी।
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तब आरोपियों ने उसे बताया कि उसके मकान में करीब 19 क्विंटल सोना दबा है। उस पर बुरी शक्तियों का साया होने के कारण खजाना बाहर नहीं निकल पा रहा है। आरोपियों ने दावा किया कि विशेष पूजा, तांत्रिक अनुष्ठान और हाजरी कराने के बाद ही खजाना निकाला जा सकता है। ऐसा नहीं करने पर परिवार पर संकट आने की बात कहकर उसे डराया गया।
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शिकायत के अनुसार आरोपियों ने उसके घर पहुंचकर एक स्थान पर दूध रखने के लिए कहा। इसके बाद फोन पर बाबा से बात कर खजाना होने की बात कही गई और पूजा शुरू करने के नाम पर पहले 40 हजार रुपये खाते में जमा करवाए गए। इसके बाद नकद राशि भी ली गई। आरोप है कि अलग-अलग अनुष्ठानों, पूजा सामग्री और विशेष खनिज लाने के नाम पर रुपये वसूले गए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 41 हाजरियों के नाम पर 41 लाख रुपये, उत्तराखंड से 21 तुंब लाने के नाम पर 21 लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा एक परिचित से भी चार लाख रुपये खाते में जमा करवाए गए। कुल मिलाकर आरोपियों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने घर में गड्ढा खोदकर तांत्रिक क्रियाएं भी कीं और एक मटका दिखाकर खोलने से मना कर दिया।
बाद में मानव बलि, अजमेर में पूजा और अन्य धार्मिक क्रियाओं का डर दिखाकर और रकम मांगी गई। पीड़ित का आरोप है कि परिवार पर खतरे की बात कहकर उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा गया। उसने पत्नी के गहने बेचने पड़े और रिश्तेदारों व दोस्तों से उधार लेकर रुपये दिए। पुलिस ने जांच अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि इरशाद मस्जिद में मौलवी है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया है या नहीं।