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Yamuna Nagar News: अज्ञात बीमारी से चार पशुओं की मौत, दस पीड़ित
Thu, 18 Jan 2024 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 18 Jan 2024 02:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। नाचरौन गांव में अज्ञात बीमारी से एक के बाद एक चार पशुओं की मौत हो चुकी है और दस दुधारू पशु पीड़ित हैं। ये देख गांव के पशुपालक चिंतित हैं। पशुपालकों ने गांव में फैली बीमारी से पीड़ित पशुओं का इलाज कर उनकी जान बचाने की मांग उठाई है।
नाचरौन गांव के धर्मबीर ने बताया कि पशुओं में अज्ञात बीमारी से बुखार व मुंह में छाले हो रहे हैं। इसमें पशु घास खाना छोड़ देते हैं फिर जान गंवा देते हैं। इसी बीमारी की चपेट में आकर उनकी एक बछड़ी की मौत हो गई। गांव के सन्नी की भी एक भैंस व एक गाय और प्रवीण की एक भैंस की इसी अज्ञात बीमारी से मौत हो गई।
मामले की सूचना रादौर एसडीएम को दी थी, उनके आदेशों पर पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मरे पशुओं की जांच कर उन्हें दफना दिया। पशुपालकों ने मांग रखी कि विभाग की ओर से गांव में फैली बीमारी से पीड़ित पशुओं का इलाज किया जाए, जिससे पशुओं की जान बचाई जा सके।
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पशुओं को ठंड से बचाएं : डॉ. छौक्कर
पशुपालन विभाग के डॉ. सुरेंद्र सिंह छौक्कर ने बताया कि ठंड से पशु बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आमतौर पर स्वस्थ पशु का तापमान 101 तक होता है, पर बीमारी के कारण गांव के पशुओं का तापमान 90 से 92 के बीच मिला है। पीड़ित पशुओं को दवा दी गई है, वहीं उनका गुरुवार को सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। एक-दो दिनों तक रिपोर्ट आने पर पशुओं का इलाज किया जाएगा। उनकी अपील है कि पशुपालक पशुओं को ठंड से बचाएं, जिससे वह बीमारियों का शिकार न हों।
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रादौर। नाचरौन गांव में अज्ञात बीमारी से एक के बाद एक चार पशुओं की मौत हो चुकी है और दस दुधारू पशु पीड़ित हैं। ये देख गांव के पशुपालक चिंतित हैं। पशुपालकों ने गांव में फैली बीमारी से पीड़ित पशुओं का इलाज कर उनकी जान बचाने की मांग उठाई है।
नाचरौन गांव के धर्मबीर ने बताया कि पशुओं में अज्ञात बीमारी से बुखार व मुंह में छाले हो रहे हैं। इसमें पशु घास खाना छोड़ देते हैं फिर जान गंवा देते हैं। इसी बीमारी की चपेट में आकर उनकी एक बछड़ी की मौत हो गई। गांव के सन्नी की भी एक भैंस व एक गाय और प्रवीण की एक भैंस की इसी अज्ञात बीमारी से मौत हो गई।
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मामले की सूचना रादौर एसडीएम को दी थी, उनके आदेशों पर पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मरे पशुओं की जांच कर उन्हें दफना दिया। पशुपालकों ने मांग रखी कि विभाग की ओर से गांव में फैली बीमारी से पीड़ित पशुओं का इलाज किया जाए, जिससे पशुओं की जान बचाई जा सके।
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पशुओं को ठंड से बचाएं : डॉ. छौक्कर
पशुपालन विभाग के डॉ. सुरेंद्र सिंह छौक्कर ने बताया कि ठंड से पशु बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आमतौर पर स्वस्थ पशु का तापमान 101 तक होता है, पर बीमारी के कारण गांव के पशुओं का तापमान 90 से 92 के बीच मिला है। पीड़ित पशुओं को दवा दी गई है, वहीं उनका गुरुवार को सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। एक-दो दिनों तक रिपोर्ट आने पर पशुओं का इलाज किया जाएगा। उनकी अपील है कि पशुपालक पशुओं को ठंड से बचाएं, जिससे वह बीमारियों का शिकार न हों।