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Yamuna Nagar News: शिलान्यास ः दो साल में बनेगा बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक

Tue, 28 Oct 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 28 Oct 2025 01:39 AM IST
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Foundation stone laid: Baba Banda Singh Bahadur Memorial to be built in two years
कार्यक्रम को संबो​​धित करते केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लौहगढ़ में जिस बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक व संग्रहालय के निर्माण की नींव रखी, वह दो साल में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। संगत को 2027 में इसकी सौगात मिल जाएगी। पूरे भवन को बनाने से पहले इसका स्ट्रेक्चर बनेगा इसके निर्माण की शुरूआत के लिए 35 करोड़ रुपये टेंडर लग चुका है 14 नवंबर को यह खुल जाएगा।
यह पूरा भवन गांव भगवानपुर की 20 एकड़ भूमि पर बनेगा। इस पर 112 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मारक व संग्रहालय बनकर कैसा दिखेगा सिंचाई विभाग ने इसका थ्रीडी नक्शा भी बनवा लिया है। पूरा भवन पुराने किले की दीवारों की तरह बनेगा। जिसका रंग भी लाल होगा। वहीं बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक के अंदर मार्शल आर्ट स्कूल भी बनाया जाएगा। इसमें गतका, कलरी व मार्शल आर्ट सहित अन्य कलाएं भी सिखाई जाएगी।
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बाबा बंदा सिंह बहादुर के स्मारक के अलावा भव्य संग्रहालय भी बनेगा। इसमें तीन गैलरियां भी बनेगी। पहली गैलरी जन्म और योद्धा पथ होगा, इसमें संगत को बाबा बंदा सिंह बहादुर के प्रारंभिक जीवन से परिचित कराया जाएगा। दूसरी गैलरी में उदय और लोहगढ़ किला पर होगी। इसमें बाबा बंदा सिंह बहादुर के एक नेता के रूप में उदय और लोहगढ़ किले की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालेगी।
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तीसरी गैलरी शहादत और सेवा पर आधारित होगी। इसमें बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत और मानवता के निस्वार्थ सेवक के रूप में उनकी चिरस्थायी विरासत पर केंद्रित होगी। यह उनके बलिदान, न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और उत्पीड़न के विरुद्ध प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में उनकी भूमिका को उजागर करेगी।
क्विलानुमा दीवारों और किले के द्वारों के प्रवेश द्वार को पंजाब की भव्य किला वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने के लिए डिजाइन किया जाएगा। इस प्रवेश द्वार को अत्यंत बारीकी से तैयार किया जाएगा, जो अजेय लोहगढ़ किले की विरासत को श्रद्धांजलि देगा। प्रवेश द्वार के डिजाइन में पंजाब के महान किलों की याद दिलाने वाले वास्तुशिल्प तत्व शामिल होंगे।
वहीं शिवालिक की पहाड़ियों से सटे गांव भगवानपुर में सिखों की पहली राजधानी लोहगढ़ के नाम से बाबा बंदा सिंह बहादुर की विरासत को याद करने के लिए विश्व स्तरीय स्मारक व संग्रहालय बनाया जाएगा। जोकि, बाबा बंदा सिंह बहादुर के साहसी नेतृत्व में खालसा साम्राज्य की दृढ़ता की कहानी को उजागर करेगा।
कार्यक्रम के दौरान इन्होंने दी राशि
वहीं कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा, कृषि एवं किसान कल्याण श्याम सिंह राणा व जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के सरदार रणदीप सिंह जौहर ने 21- 21 लाख रुपये बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ ट्रस्ट को दान दिए। इस अवसर पर अन्य दान दाताओं फिरोज हैदरी, अमरजीत सिंह, गुरु अमर इंडस्ट्रीज, भोपाल, मक्खन सिंह लुबाणा, राकेश बेनीवाल, अमनदीप सिंह विर्क, डॉ. जोरा सिंह गिल, डॉ. अवनीत सिंह वड़ैच ने दान दिया और इस अवसर पर कुल लगभग एक करोड़ रुपये दान स्वरूप बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ ट्रस्ट को दिए गए।

यह स्मारक 2027 में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रथम चरण में भवन का स्ट्रेक्चर तैयार हो सके, इसका 35 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। भगवानपुर गांव में 20 एकड़ भूमि में यह भवन बनना है। -अमित, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी नारायणगढ़।
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