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एक हजार वालों का आया पैंतालीस हजार तक बिल
यमुनानगर
Updated Wed, 12 Feb 2014 12:22 AM IST
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एक तो हजारों रुपये के बिल आने से पहले ही लोगों में हायतौबा मची है, वहीं
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रही सही कसर बिजली वितरण निगम के अधिकारी और कर्मचारी पूरी कर रहे हैं।
रूप नगर और तीर्थ नगर में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जिनके अब तक 500 से दो
हजार रुपये से ज्यादा बिल नहीं आया है।
लेकिन इस बार उनके बिल हजारों ही नहीं लाख रुपये तक आए हैं। इतना ज्यादा बिल आने से लोग अधिकारियों और कर्मचारी के पास प्रतिदिन हाजिरी लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें वे कोई रास्ता नहीं दिखा रहे हैं। लोगों की बात सुने बिना और किसी प्रकार की जांच किए बिना ही उल्टा इतना अधिक बिल आने का लोगों को ही जिम्मेदार बता रहे हैं। बिल घरों में पहुंचते ही लोगों की टेंशन बढ़ी गई है।
उन्हें सिर्फ एक ही सोच खाए जा रही है कि इतना अधिक बिल भरने के लिए हजारों रुपये का बंदोबस्त कहां से किया जाए। रूप नगर निवासी संतोष कुमारी का कहना है कि उनका पति मजदूरी करता है। प्रतिदिन 200 से 300 रुपये मजदूरी मिलती है। उसमें घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चल रहा है। उनका बिल 33 हजार रुपये आया है। उनका कहना है कि 33 हजार रुपये तो अब तक की उम्र में पति जोड़ भी नहीं पाया है।
चार दिन से लगा रहे चक्कर
रूप नगर निवासी जोगिंद्र सिंह, शिवकली, बाला, सरोज, बिमलेश, हुकम सिंह, संतोष, वासमती और राजकुमार का कहना है कि हजारों रुपये में बिल आने से चार दिन से मॉडल टाउन स्थित बिजली निगम के कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अधिकारी कोई भी जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी बात को सुना नहीं जा रहा है। उनका कहना है कि चार दिन से घर परिवार का काम छोड़कर आ रहे हैं, लेकिन ऐसे ही घर पर वापस जाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई माह से कोई भी रीडिंग लेने वाला नहीं आता था। इस बार रीडिंग लेने वाला आया है और बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर जारी किया गया है। उनका कहना है कि कई कई बार अधिकारियों को बिलों को ठीक करने की बात कह चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार ही नहीं है।
एक हजार किराया और बिल पांच हजार
माया देवी का कहना है कि वे किराए के मकान में रहते हैं। मकान का किराया एक हजार रुपये देते हैं और बिजली का बिल पांच हजार रुपये आया है। उनका कहना है कि अब तक उनका बिजली का बिल 700 रुपये से ज्यादा नहीं आया है। लेकिन इस बार पांच हजार रुपये आ गया है। मकान में सिर्फ दो कमरे ही हैं, उसके बाद भी पांच हजार बिल आ गया है, वहीं लाची देवी का कहना है कि उसका एक कमरा है जिसमें सिर्फ एक बल्ब ही है। उसका बिल 1400 रुपये आया है। जो उसकी पहुंच से बाहर है। संतोष देवी का कहना है कि उसका बिल 33221 रुपये आया है। सुमन का कहना है कि वह किराए के मकान में रहती है जिसका किराया एक हजार रुपये है, लेकिन इस बार तीन हजार रुपये बिल आया है। वासमती का बिल 45 हजार रुपये आया है। बालादेवी का कहना है कि उसके दो कमरे हैं और उनका बिल 23 हजार रुपये आया है।
लेकिन इस बार उनके बिल हजारों ही नहीं लाख रुपये तक आए हैं। इतना ज्यादा बिल आने से लोग अधिकारियों और कर्मचारी के पास प्रतिदिन हाजिरी लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें वे कोई रास्ता नहीं दिखा रहे हैं। लोगों की बात सुने बिना और किसी प्रकार की जांच किए बिना ही उल्टा इतना अधिक बिल आने का लोगों को ही जिम्मेदार बता रहे हैं। बिल घरों में पहुंचते ही लोगों की टेंशन बढ़ी गई है।
उन्हें सिर्फ एक ही सोच खाए जा रही है कि इतना अधिक बिल भरने के लिए हजारों रुपये का बंदोबस्त कहां से किया जाए। रूप नगर निवासी संतोष कुमारी का कहना है कि उनका पति मजदूरी करता है। प्रतिदिन 200 से 300 रुपये मजदूरी मिलती है। उसमें घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चल रहा है। उनका बिल 33 हजार रुपये आया है। उनका कहना है कि 33 हजार रुपये तो अब तक की उम्र में पति जोड़ भी नहीं पाया है।
चार दिन से लगा रहे चक्कर
रूप नगर निवासी जोगिंद्र सिंह, शिवकली, बाला, सरोज, बिमलेश, हुकम सिंह, संतोष, वासमती और राजकुमार का कहना है कि हजारों रुपये में बिल आने से चार दिन से मॉडल टाउन स्थित बिजली निगम के कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अधिकारी कोई भी जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी बात को सुना नहीं जा रहा है। उनका कहना है कि चार दिन से घर परिवार का काम छोड़कर आ रहे हैं, लेकिन ऐसे ही घर पर वापस जाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई माह से कोई भी रीडिंग लेने वाला नहीं आता था। इस बार रीडिंग लेने वाला आया है और बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर जारी किया गया है। उनका कहना है कि कई कई बार अधिकारियों को बिलों को ठीक करने की बात कह चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार ही नहीं है।
एक हजार किराया और बिल पांच हजार
माया देवी का कहना है कि वे किराए के मकान में रहते हैं। मकान का किराया एक हजार रुपये देते हैं और बिजली का बिल पांच हजार रुपये आया है। उनका कहना है कि अब तक उनका बिजली का बिल 700 रुपये से ज्यादा नहीं आया है। लेकिन इस बार पांच हजार रुपये आ गया है। मकान में सिर्फ दो कमरे ही हैं, उसके बाद भी पांच हजार बिल आ गया है, वहीं लाची देवी का कहना है कि उसका एक कमरा है जिसमें सिर्फ एक बल्ब ही है। उसका बिल 1400 रुपये आया है। जो उसकी पहुंच से बाहर है। संतोष देवी का कहना है कि उसका बिल 33221 रुपये आया है। सुमन का कहना है कि वह किराए के मकान में रहती है जिसका किराया एक हजार रुपये है, लेकिन इस बार तीन हजार रुपये बिल आया है। वासमती का बिल 45 हजार रुपये आया है। बालादेवी का कहना है कि उसके दो कमरे हैं और उनका बिल 23 हजार रुपये आया है।