फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   forest department, four lane

कैल से कलानौर तक पुराने हाईवे को फोरलेन बनाने में वन विभाग बना रोड़ा

Wed, 24 Jul 2019 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
forest department, four lane
-पुराने हाईवे से गुजरते भारी वाहन - फोटो : YAMUNA NAGAR
शहर के बीचोंबीच से गुजर रहे कैल से कलानौर तक (पुराने एनएच-73) हाईवे को चौड़ा करने के कार्य में वन विभाग रोड़ा बन गया। विभाग की तरफ से पीडब्ल्यूडी को एनओसी नहीं मिल पाई है। यहां से अनुमति मिलेगी तभी इसे चौड़ा करने का कार्य संभव हो पाएगा। दरअसल, 23 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के दोनों तरफ 15 से 50 साल पुराने हजारों पेड़ खड़े हैं। जिनकी कटाई की अभी तक अनुमति नहीं मिली। चूंकि पेड़ों की कटाई के बाद दूसरी जगहों पर पेड़ लगाने की जगह भी चाहिए। इसी मामले को लेकर तीन दिन पहले पीडब्ल्यूडी की केंद्र से मीटिंग हुई। जिसमें ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
विज्ञापन

सीएम ने की थी हाईवे को चौड़ा करने की घोषणा : दरअसल, सीएम मनोहर लाल ने हाईवे को चौड़ा करने की घोषणा की थी। कैल से कलानौर तक पकड़ने वाले इस 23 किमी. लंबे इस हाईवे पर पूरी योजना पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। कैल से रक्षक विहार नाके तक हालात बेहद खराब हैं। ऐसा ही हाल कमानी चौक से चांदपुर चौक तक है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए 29 करोड़ का टेंडर लगाया हुआ है।
विज्ञापन

यह बनाई गई है योजना : नया बाईपास बनने के बाद इस पुराने हाईवे को पीडब्ल्यूडी के अधीन कर दिया गया। इसकी देखरेख का पूरा जिम्मा विभाग के पास है। वहीं 23 किलोमीटर लंबे इस हाइवे को नया रूप देने के लिए पीडब्ल्यूडी ने हाईवे की चौड़ाई सात से दस मीटर करने की योजना बनाई है। हालांकि जहां चौड़ाई दस मीटर है वहां इसे फोरलेन किया जाएगा। जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं हादसों का ग्राफ भी कम होगा। बता दें विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के भाई की इसी रोड पर हादसे में मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईवे के दोनों तरफ खड़े हजारों पेड़ : वन विभाग के मुताबिक इस पुराने हाइवे के दोनों छोर हजारों पेड़ खड़े हैं जोकि छायादार हैं। ये पेड़ 15 से 50 पुराने है जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में है। इन पेड़ों की कटाई के लिए पीडब्ल्यूडी को पेमेंट करनी होगी। जिसके बाद वन विभाग नये पेड़ों को लगाने के लिए जगह भी देखनी होगी। इसी क्लीयरेंस को लेकर अब तक पुराने हाईवे को चौड़ा करने का पेंच फंसा हुआ है। बताया गया है कि एनओसी के लिए केंद्र से परमिशन मिलना जरूरी है इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की मीटिंग भी हो चुकी है। जिसमें ठोस निर्णय आना बाकी है।
कैल से कलानौर तक 23 किमी. लंबे इस पुराने हाईवे को चौड़ा किया जाना है। इसका टेंडर पास हो चुका है और निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी मिलनी बाकी है जिसको लेकर हेड क्वार्टर की केंद्र से बातचीत चल रही है। जल्द ही इसका कार्य शुरू हो जाएगा।

-ऋषि सचदेवा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
पुराने हाईवे पर दोनों तरफ हजारों पेड़ खड़े हैं जो 15 से 50 साल पुराने हैं जिनकी कटाई होनी है। इसपर काफी खर्च आएगा और यह मामला केंद्र से जुड़ा हुआ है। इसी को लेकर पीडब्ल्यूडी को क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है।
-रामपाल सिंह, आरएफओ, वन विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed