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Yamuna Nagar News: डेंगू के केस मिलने पर ही हो रही फॉगिंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2022 08:00 AM IST
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Fogging is being done only after receiving dengue cases
हर साल डेंगू-मलेरिया के सीजन में नगर निगम दो से तीन बार सभी वार्डों में फॉगिंग करता है, पर इस बार सभी वार्ड पूरी तरह से एक बार भी फॉगिंग से कवर नहीं हो पाए। क्योंकि इस बार निगम टीमें केवल वहां फॉगिंग कर रही है, जहां डेंगू केस मिल रहे हैं। जबकि वार्डों के पार्षद इस नीति के विरोध में है। उनका कहना है कि फॉगिंग कार्य में केवल सरकारी रिकॉर्ड के डेंगू केस को आधार नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि काफी संख्या में डेंगू संदिग्ध व मच्छर जनित अन्य रोगों से ग्रस्त लोग सरकारी रिकॉर्ड के बाहर है, जो निजी क्लीनिकों व अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। इसलिए उनकी मांग है कि बीते वर्षों जैसे सभी वार्डों में दो से तीन चरण में फॉगिंग कराई जाए।
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नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में 12 अगस्त से फॉगिंग शुरू हुई थी। तब निगम टीमों के पास एक बड़ी व छह छोटी मशीनें थी। इससे शुरुआत में फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग से 125 लीटर दवा मिली थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग से इस दवा का स्प्रे डेंगू प्रभावित इलाकों में करने के निर्देश थे, पर निगम टीमों ने मुख्य सड़कों पर स्प्रे कर वार्ड वाइज फॉगिंग का शेड्यूल बनाया, पर तीन-चार वार्डों में स्प्रे के बाद दवा खत्म हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को 20 लीटर दवा दी, जिससे डेंगू प्रभावित इलाकों में ही फॉगिंग हुई। ये 20 लीटर दवा भी खप गई तो नगर निगम ने अपने स्तर पर 50 लीटर दवा ली है। साथ ही पहले के मुकाबले नगर निगम के पास एक बड़ी व आठ छोटी नई मशीने आने पर कुल दो बड़ी व 14 छोटी हैं, लेकिन निगम टीमें फॉगिंग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से नए डेंगू मरीजों की लोकेशन की बाट में रहती है।
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वार्ड-3 से पार्षद हरमीन कोहली, 4 से पार्षद देवेंद्र सिंह, 5 से पार्षद विनय कांबोज, 8 से पार्षद विनोद मरवाह, 13 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि हर साल डेंगू-मलेरिया के सीजन में सभी वार्ड में दो से तीन बार फॉगिंग होती है, पर इस सीजन में एक भी बार वार्ड पूरी तरह फॉगिंग से कवर नहीं हुए। क्योंकि डेंगू प्रभावित इलाकों में ही फॉगिंग की जा रही है, पर फॉगिंग कार्य में केवल सरकारी रिकॉर्ड के डेंगू केस को आधार नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि काफी संख्या में डेंगू संदिग्ध व मच्छर जनित अन्य रोगों से ग्रस्त लोग सरकारी रिकॉर्ड के बाहर है, जिनके क्षेत्र में भी फॉगिंग जरूरी है। इसलिए उनकी मांग है कि बीते वर्षों जैसे सभी वार्डों में दो से तीन चरण में फॉगिंग कराई जाए।
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फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग से दूसरी बार मिली 20 लीटर दवा खत्म होने पर नगर निगम ने अपने स्तर पर 50 लीटर दवा ली है। इससे जहां डेंगू मरीज मिल रहे हैं, उस क्षेत्र में ही फॉगिंग की जा रही है। जहां डेंगू मरीज मिल रहे हैं, वहां की लोकेशन स्वास्थ्य विभाग से मिलने पर टीमें फॉगिंग कर रही हैं।
-सुरेंद्र चोपड़ा, सीएसआई, नगर निगम।
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