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Yamuna Nagar News: बाढ़ बचाव कार्य पर संकट के बादल, नुकसान की आशंका

Tue, 17 Jun 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 17 Jun 2025 11:57 PM IST
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Flood rescue work in danger, fear of loss
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सिंचाई विभाग की तरफ से इस बार 40 साइटों पर 26 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ बचाव कार्य किए जाने हैं। कार्य पूरा करने की डेडलाइन 30 जून है। विभाग 16 साइटों पर कार्य पूरा कर चुका है, छह साइट इको सेंसेटिव जोन में है, जिनकी अभी अनुमति नहीं मिली। बाकी अन्य साइटों पर भी जल्द पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
मौसम विभाग ने जिले में एक सप्ताह की बारिश का अनुमान दिया है, ऐसे में यदि भारी बारिश हुई तो बाढ़ बचाव कार्य काफी प्रभावित हो जाएंगे जिससे काफी नुकसान होने की आशंका है। चूंकि जिले की सीमा में यमुनानगर के अलावा सोम, पथराला जैसी कई बरसाती नदियां भी बहती हैं। जोकि बारिश के सीजन में रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। ऐसे में हर साल नदियों से काफी कटाव होता है।
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इस बार सरकार की ओर से जिले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा तय किए गए 40 साइटों पर पत्थर लगाने का काम होना है, इसकी लागत 26 करोड़ रुपये है। लेकिन काम में देरी होने के दो कारण है। पहला बाढ़ बचाव के लिए बजट लेट मिलना तथा दूसरा लगाए जाने वाले पत्थरों का न मिलना है। अब जब पत्थर मिले तो बारिश का मौसम शुरू होने जा रहा है।
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ऐसे में 30 जून तक सिंचाई विभाग के लिए सभी कार्य पूरे कराना बड़ी चुनौती रहेगी, और यदि कार्य पूरे नहीं हुए तो यमुना के साथ लगते क्षेत्र को काफी नुकसान हो सकता है। हर साल बाढ़ बेलगढ़, ओदरी, लापरा, कमालपुर उन्हेड़ी, लाल छप्पर, एमपी करेहड़ा व नगली गांव के क्षेत्र में कहर बरपाती है।
2023 में हुआ था काफी नुकसान
बात करें तो साल 2023 में आई बाढ़ टापू कमालपुर और छछरौली के बेलगढ़ क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी। उस दौरान जहां टापू कमालपुर में वन विभाग के हजारों सांगवान के पेड़ों के साथ करीब 200 एकड़ भूमि यमुना नदी में समा गई थी, वहीं बेलगढ़ में भी लगभग 100 एकड़ भूमि प्रभावित हुई थी। जिसका मुख्यकारण कारण जिले के साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों में भारी बारिश होना था। जिससे हथिनी कुंड बैराज से साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो तबाही लेकर आया था। जिससे सबक लेते हुए इस बार सिंचाई विभाग ने बाढ़ बचाव कार्य के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था।

40 साइटों पर 26 करोड़ से बाढ़ बचाव कार्य होना है। कुछ जगह रह गई हैं जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पत्थर मिलने में देरी हुई इसलिए कुछ समय लगा है, लेकिन उम्मीद है 30 जून तक पूरा कार्य निपटा दिया जाएगा। - विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
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