दिल्ली में अलर्ट: हथिनीकुंड बैराज के खोले गए सभी गेट, खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना
पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश से हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं जिससे यमुना नदी में जलस्तर बढ़ गया है। यह पानी 35 घंटों में दिल्ली पहुंचेगा जिससे दिल्ली में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
विस्तार
पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश से हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर रविवार को डेढ़ लाख क्यूसेक को पार कर गया। शाम चार बजे बैराज पर नदी में अधिकतम 1,78,996 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, जो इस साल का सबसे अधिकतम रहा। बैराज के सभी 18 गेट खोल कर अब सारा पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। यह पानी अगले 35 घंटों में दिल्ली में दस्तक देगा। इसी के साथ सिंचाई विभाग ने मीडियम फ्लड घोषित किया है।
वहीं मूसलाधार बारिश यमुना नदी औरअन्य बरसाती नदियां में उफान पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से निकल रही हरिपुर खोल नदी, सोम नदी का पानी देख कर लोग सहम गए। सोम नदी में सुबह आठ बजे 24,100 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। गत वर्ष सोम नदी में 23,896 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। सोम नदी के उफान आने से पानी पुल के ऊपर से निकलने लगा।
वहीं, घाड़ क्षेत्र के गांव उत्तमवाला के समीप कांडी परियोजना के तहत बने चैक डैम का तटबंध टूटने से गांव उत्तमवाला व पानीवाला में 200 एकड़ धान व गन्ने की फसल और पशुचारा जलमग्न हो गए। मलिकपुर बांगर में भी दर्जनों किसानों की 200 एकड़ फसल पानी में डूब गई। सोम नदी में उफान आने से छछरौली के चिंतपुर गांव में पानी घुस गया। यहां पहले बांधी गई पटरी टूट गई थी। लोगों ने जल्द पटरी बांधने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे हल्के में लिया। जिससे सोम नदी का पानी घरों, सड़कों, खेतों व गलियों में घुस गया।
यमुना नदी में इस मानसून सीजन में अधिकतम 80 हजार क्यूसेक पानी आया था। एक लाख क्यूसेक पानी आने पर सिंचाई विभाग द्वारा बैराज पर लगे सायरन को काफी देर तक बजाया गया। इस सायरन की रेंज चार से पांच किलोमीटर है। इसे बजाकर निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सचेत किया गया। एक लाख पर मिनी फ्लड, डेढ़ लाख क्यूसेक पर मीडियम फ्लड और ढाई लाख क्यूसेक पर फ्लड घोषित कर दिया जाता है।
#WATCH | Yamunanagar, Haryana | All 18 gates of the Hathinikund Barrage have been opened for the first time this season as the water level of the Yamuna River rises. (17.08) pic.twitter.com/bUo57Zx4fd
— ANI (@ANI) August 18, 2025
नहरों की सप्लाई की बंद
एक लाख क्यूसेक पानी आने पर पश्चिमी यमुना नहर व उत्तर प्रदेश जा रही पूर्वी यमुना नहरों की सप्लाई को बंद कर दिया गया। ऐसा इसलिए ताकि पहाड़ों से पानी में बहकर आई लकड़ी व गाद से नहरें जाम न हो जाएं। अब सारा पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। सुबह आठ बजे हथिनीकुंड बैराज पर 60,284 क्यूसेक, नौ बजे 73,336 क्यूसेक, 10 बजे 77,965 क्यूसेक, 11 बजे 78,773 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 77,965 क्यूसेक, एक बजे 1,09,029 क्यूसेक, दो बजे 1,04,306 क्यूसेक, तीन बजे 1,28,280 क्यूसेक और शाम 4 बजे 1,78,996 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।
काठगढ़ गांव में घर का हिस्सा ढहा
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बरसाती नदियों के साथ-साथ बरसाती नाले भी उफान पर आ गए। जिससे गांव काठगढ़ में बरसाती नाले के पास बने लछमी चंद के घर के नीचे से मिट्टी पानी के साथ बह गई। नाले के उफान के कारण पानी ने घर की दीवारों को गिरा दिया। घर का आधा हिस्सा पानी में ढहने से सारा सामान बारिश में खराब हो गया। लछमी चंद के परिवार में पांच सदस्य हैं। घर गिर जाने से परिवार के सिर से छत छिन गई। लछमी चंद ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
एक लाख क्यूसेक पानी आने पर नहरों को धीरे-धीरे बंद कर दिया गया। सायरन बजाकर निचले इलाकों में रहने वाले सरपंचों व ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है कि वह नदी क्षेत्र में न जाएं। बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली में 35 घंटे में पहुंचेगा। अब यमुना नदी का पानी घटने लगा है। वहीं, सोम नदी में भी सुबह 24 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। सोम नदी का डेंजर प्वाइंट 10 हजार क्यूसेक है। - आरएस मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
#WATCH | Haryana | Vijay Garg, Executive Engineer of the Irrigation Department, says, "1.78 lakh cusec of water has come into the river after the recent rainfall. This is the highest water level of this season..." (17.08) pic.twitter.com/8pFiFLXOk2
— ANI (@ANI) August 18, 2025
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