{"_id":"5801b954171b76f7aa487b1bca982d18","slug":"fighting-for-the-safety-of-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राओं की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राओं की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद
अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Sat, 28 Sep 2013 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्राओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की मांग पर शुक्रवार को जिले के विभिन्न कॉलेज की छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। छात्राआें ने जहां लघु सचिवालय के समक्ष नेशनल हाईवे-73 पर प्रदर्शन किया, वहीं लघु सचिवालय में जमकर प्रदर्शन किया।
छात्राआें ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्रा प्रमुख उमा शर्मा के नेतृत्व में उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से छात्राआें की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
शहर के विभिन्न कॉलेज की छात्राएं शुक्रवार सुबह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले लघु सचिवालय के मेन गेट के समक्ष नेशनल हाईवे-73 पर एकत्रित हुई। उन्हाेंने सरकार पर छात्राआें की सुरक्षा में असफल होने का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। छात्राएं सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचीं और प्रदर्शन किया। यहां छात्राआें ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से छात्राआें ने कहा कि सरकार की अक्षमता एवं नीति विहीन नेतृत्व के कारण देशभर की छात्राएं और महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। छात्राओं और महिलाओं से दुराचार, एसिड अटैक, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण, कन्या भ्रूण हत्या और साइबर क्राइम जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। आज कहीं भी छात्रा अकेले चलने में भी संकोच करती है। ट्रेन हो या बस, कॉलेज हो या बस स्टैंड आदि स्थानों पर कोई भी उनके साथ गलत व्यवहार करके चला जाता है। छात्रा मिनी, आयुषी, कृतिका, दिव्या और निधि ने कहा कि आज देश की कानून व्यवस्था ऐसी हो चुकी है कि आरोपी राह चलती छात्रा का दिनदहाड़े अपहरण कर फरार हो जाते हैं। जब तक पुलिस कार्रवाई में लगती है आरोपी उनसे कोसों दूर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में कड़े कानून बनाए जाएं। इससे महिलाएं अपने आपको सुरक्षित महसूस करें।
विज्ञापन
मूक बने रहते हैं पुलिसकर्मी
छात्रा उमा शर्मा, खुशबू, वीरा, दीक्षा व मनदीप ने उपायुक्त को कहा कि आज छात्राएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। कई बार छात्रा जब ट्रेन, बस या अपने निजी वाहन से कॉलेज या शिक्षण संस्थान में आती है तो कई बार पुलिसकर्मी के सामने ही आरोपी छात्राओं से छेड़छाड़ कर फरार हो जाते हैं, लेकिन पुलिसकर्मी मूक बने देखते रहते हैं।
संदिग्ध स्थानों पर लगें सीसीटीवी कैमरे
छात्राआें ने उपायुक्त को कहा कि शहर के विभिन्न कॉलेजों से बस स्टैंड, ऑटो चौक तक निकलने वाली सड़कों और गलियों में ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। जहां से छात्राआें का आवागमन होता है। इसके अलावा छात्राओं के कॉलेज के बाहर जिन सड़कों और गलियाें से छात्राएं निकलती हैं, वहां पर युवकों के ग्रुप बनाकर खड़े होने पर पाबंदी लगाई जाए, ताकि छेड़छाड़ की घटनाआें पर अंकुश लगाया जाए।
ये हैं मुख्य मांगें
- यौन शोषण, ऐसिड अटैक, दुराचार जैसी घटनाओं के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए।
- महिलाओं के प्रति हिंसा के पहले से बने कानूनों में सुधार किया जाए।
- दुराचार के दोषी को फांसी या आजीवन की सजा का प्रावधान किया जाए।
- पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं।
- पुलिस थानों में महिला पुलिसकर्मी की नियुक्ति की जाए।
- शिक्षण संस्थाओं में महिला विकास कक्षों की स्थापना की जाए।
- छात्राओं के प्रति हिंसा रोकने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक का प्रयोग करे।
- शिक्षण संस्थाओं में शिकायत पेटी रखी जाए और शिकायतों के निराकरण के लिए एक समिति का गठन हो।
- सभी शिक्षण संस्थाआें में यौन उत्पीड़न विरोधी समिति का गठन किया जाए।
- स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थाआें में छात्राआें को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के पाठ्यक्रम शुरू किए जाए।
- सोशल नेटवर्किंग साइट्स जिन पर महिलाआें से जुड़ी अभद्रता दिखाई जा रही है उन पर रोक के लिए कठोर कानून बनाए जाएं।
थानों में बनाए गए सेल
यमुनानगर। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यमुनानगर के शहरी क्षेत्र के थाना शहर यमुनानगर, थाना फर्कपुर और थाना शहर जगाधरी में एक-एक सेल खोला गया है। इस महिला विरुद्ध अपराध सेल में दो-दो पुरुष व तीन-तीन महिला पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना शहर यमुनानगर में उप निरीक्षक बलदेव सिंह, सहायक उप निरीक्षक विजय विवेक, महिला सहायक उप निरीक्षक कुसुम बाला, महिला सिपाही मीनाक्षी व महिला सिपाही रूबी को नियुक्त किया गया है। थाना शहर जगाधरी में उप निरीक्षक युधिष्ठिर पाल, सहायक उप निरीक्षक जसवंत सिंह, महिला मुख्य सिपाही बलजीत कौर, महिला सिपाही परमजीत कौर, महिला सिपाही कुलदीप कौर को लगाया गया है। इसके अलावा थाना फर्कपुर में सहायक उप निरीक्षक जिले सिंह, मुख्य सिपाही रमेश कुमार, महिला सिपाही प्रवीन कौर, महिला मुख्य सिपाही रामभतेरी, महिला सिपाही प्रवीन कौर को नियुक्त किया गया है। इनके द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराध का निपटारा जल्द किया जाएगा। महिलाओं को यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी और यमुनानगर पुलिस महिलाओं के प्रति सतर्कतापूर्वक कार्य करेगी।
विज्ञापन
छात्राआें ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्रा प्रमुख उमा शर्मा के नेतृत्व में उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से छात्राआें की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विज्ञापन
शहर के विभिन्न कॉलेज की छात्राएं शुक्रवार सुबह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले लघु सचिवालय के मेन गेट के समक्ष नेशनल हाईवे-73 पर एकत्रित हुई। उन्हाेंने सरकार पर छात्राआें की सुरक्षा में असफल होने का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। छात्राएं सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचीं और प्रदर्शन किया। यहां छात्राआें ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से छात्राआें ने कहा कि सरकार की अक्षमता एवं नीति विहीन नेतृत्व के कारण देशभर की छात्राएं और महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। छात्राओं और महिलाओं से दुराचार, एसिड अटैक, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण, कन्या भ्रूण हत्या और साइबर क्राइम जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। आज कहीं भी छात्रा अकेले चलने में भी संकोच करती है। ट्रेन हो या बस, कॉलेज हो या बस स्टैंड आदि स्थानों पर कोई भी उनके साथ गलत व्यवहार करके चला जाता है। छात्रा मिनी, आयुषी, कृतिका, दिव्या और निधि ने कहा कि आज देश की कानून व्यवस्था ऐसी हो चुकी है कि आरोपी राह चलती छात्रा का दिनदहाड़े अपहरण कर फरार हो जाते हैं। जब तक पुलिस कार्रवाई में लगती है आरोपी उनसे कोसों दूर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में कड़े कानून बनाए जाएं। इससे महिलाएं अपने आपको सुरक्षित महसूस करें।
विज्ञापन
मूक बने रहते हैं पुलिसकर्मी
छात्रा उमा शर्मा, खुशबू, वीरा, दीक्षा व मनदीप ने उपायुक्त को कहा कि आज छात्राएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। कई बार छात्रा जब ट्रेन, बस या अपने निजी वाहन से कॉलेज या शिक्षण संस्थान में आती है तो कई बार पुलिसकर्मी के सामने ही आरोपी छात्राओं से छेड़छाड़ कर फरार हो जाते हैं, लेकिन पुलिसकर्मी मूक बने देखते रहते हैं।
संदिग्ध स्थानों पर लगें सीसीटीवी कैमरे
छात्राआें ने उपायुक्त को कहा कि शहर के विभिन्न कॉलेजों से बस स्टैंड, ऑटो चौक तक निकलने वाली सड़कों और गलियों में ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। जहां से छात्राआें का आवागमन होता है। इसके अलावा छात्राओं के कॉलेज के बाहर जिन सड़कों और गलियाें से छात्राएं निकलती हैं, वहां पर युवकों के ग्रुप बनाकर खड़े होने पर पाबंदी लगाई जाए, ताकि छेड़छाड़ की घटनाआें पर अंकुश लगाया जाए।
ये हैं मुख्य मांगें
- यौन शोषण, ऐसिड अटैक, दुराचार जैसी घटनाओं के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए।
- महिलाओं के प्रति हिंसा के पहले से बने कानूनों में सुधार किया जाए।
- दुराचार के दोषी को फांसी या आजीवन की सजा का प्रावधान किया जाए।
- पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं।
- पुलिस थानों में महिला पुलिसकर्मी की नियुक्ति की जाए।
- शिक्षण संस्थाओं में महिला विकास कक्षों की स्थापना की जाए।
- छात्राओं के प्रति हिंसा रोकने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक का प्रयोग करे।
- शिक्षण संस्थाओं में शिकायत पेटी रखी जाए और शिकायतों के निराकरण के लिए एक समिति का गठन हो।
- सभी शिक्षण संस्थाआें में यौन उत्पीड़न विरोधी समिति का गठन किया जाए।
- स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थाआें में छात्राआें को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के पाठ्यक्रम शुरू किए जाए।
- सोशल नेटवर्किंग साइट्स जिन पर महिलाआें से जुड़ी अभद्रता दिखाई जा रही है उन पर रोक के लिए कठोर कानून बनाए जाएं।
थानों में बनाए गए सेल
यमुनानगर। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यमुनानगर के शहरी क्षेत्र के थाना शहर यमुनानगर, थाना फर्कपुर और थाना शहर जगाधरी में एक-एक सेल खोला गया है। इस महिला विरुद्ध अपराध सेल में दो-दो पुरुष व तीन-तीन महिला पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना शहर यमुनानगर में उप निरीक्षक बलदेव सिंह, सहायक उप निरीक्षक विजय विवेक, महिला सहायक उप निरीक्षक कुसुम बाला, महिला सिपाही मीनाक्षी व महिला सिपाही रूबी को नियुक्त किया गया है। थाना शहर जगाधरी में उप निरीक्षक युधिष्ठिर पाल, सहायक उप निरीक्षक जसवंत सिंह, महिला मुख्य सिपाही बलजीत कौर, महिला सिपाही परमजीत कौर, महिला सिपाही कुलदीप कौर को लगाया गया है। इसके अलावा थाना फर्कपुर में सहायक उप निरीक्षक जिले सिंह, मुख्य सिपाही रमेश कुमार, महिला सिपाही प्रवीन कौर, महिला मुख्य सिपाही रामभतेरी, महिला सिपाही प्रवीन कौर को नियुक्त किया गया है। इनके द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराध का निपटारा जल्द किया जाएगा। महिलाओं को यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी और यमुनानगर पुलिस महिलाओं के प्रति सतर्कतापूर्वक कार्य करेगी।