{"_id":"575b0e064f1c1b1f349c6b15","slug":"fight-environment-plant-tree-parking-yamunanagar-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार पार्किंग में बाधा न बने इसलिए उखाड़ दिया पौधा व ट्री गार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार पार्किंग में बाधा न बने इसलिए उखाड़ दिया पौधा व ट्री गार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
पर्यावरण
- फोटो : ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। एक पर्यावरण प्रेमी दुकानदार ने हरियाणा एनवायरमेंट सोसाइटी की मदद से सड़क किनारे पौधा व ट्री गार्ड लगवाया। मगर पड़ोसी ने एक घंटे में ही पौधे व ट्री गार्ड को उखाड़ा फेंका। क्योंकि ट्री गार्ड व पौधा सड़क पर पड़ोसी की कार पार्किंग में बाधा बन रहे थे। दुकानदारों ने इसकी शिकायत नगर निगम अधिकारियों से भी की है।
रेलवे रोड के बुक सैलर अजय महाजन ने बताया कि उसकी रेलवे रोड पर दुकान है। शुक्रवार सुबह 11 बजे एचईएस संस्था के सहयोग से एक पौधा लगाया गया था। पौधे को जानवरों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड भी लगाया गया। उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा के लिए उसने इस पर आठ सौ रुपये खर्च किए थे। मगर एक घंटे के भीतर ही पास ही रहने वाले एक व्यक्ति ने पौधे व ट्री गार्ड को उखाड़ा फेंका।
वह व्यक्ति सड़क किनारे ही गाड़ी को खड़ा करता है, इसके लिए उसने पौधे को उखाड़ दिया। दुकानदारों ने बताया कि पड़ोसी अपनी गाड़ी को सारा दिन यहां खड़ी करके रखता है। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी भी होती है और सड़क किनारे पार्किंग से जाम की स्थिति भी बनी रहती है। दुकानदार ने बताया कि जब इस संबंध में उन्होंने पड़ोसी से बात की तो उसने उल्टा उन्हें ही भला बुरा बोलना शुरू कर दिया। उनके साथ अन्य दुकानदारों ने भी इस मामले की निंदा की है और व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है ये : सैनी
उधर, एचईएस के अध्यक्ष एवं ग्रीनमैन प्रो. एसएल सैनी का कहना है कि ये हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना हैं। अधिकारियों को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वे इस संबंध में जल्द ही डीसी से मिलेंगे और उन्हें सारे मामले से अवगत करवाएंगे।
ये नगर निगम की जमीन है। पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण करवाया गया था। कोई कैसे अपने निजी स्वार्थ के लिए निगम की जमीन से पौधे को उखाड़ सकता है। उन्हें प्रशासन से सहयोग की उम्मीद है।
रिपोर्ट ली जाएगी: एसडीएम
एसडीएम जगाधरी प्रेमचंद का कहना है कि ये गंभीर मामला है। इस सारे मामले में नगर निगम के ईओ से रिपोर्ट ली जाएगी। जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
यमुनानगर। एक पर्यावरण प्रेमी दुकानदार ने हरियाणा एनवायरमेंट सोसाइटी की मदद से सड़क किनारे पौधा व ट्री गार्ड लगवाया। मगर पड़ोसी ने एक घंटे में ही पौधे व ट्री गार्ड को उखाड़ा फेंका। क्योंकि ट्री गार्ड व पौधा सड़क पर पड़ोसी की कार पार्किंग में बाधा बन रहे थे। दुकानदारों ने इसकी शिकायत नगर निगम अधिकारियों से भी की है।
रेलवे रोड के बुक सैलर अजय महाजन ने बताया कि उसकी रेलवे रोड पर दुकान है। शुक्रवार सुबह 11 बजे एचईएस संस्था के सहयोग से एक पौधा लगाया गया था। पौधे को जानवरों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड भी लगाया गया। उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा के लिए उसने इस पर आठ सौ रुपये खर्च किए थे। मगर एक घंटे के भीतर ही पास ही रहने वाले एक व्यक्ति ने पौधे व ट्री गार्ड को उखाड़ा फेंका।
विज्ञापन
वह व्यक्ति सड़क किनारे ही गाड़ी को खड़ा करता है, इसके लिए उसने पौधे को उखाड़ दिया। दुकानदारों ने बताया कि पड़ोसी अपनी गाड़ी को सारा दिन यहां खड़ी करके रखता है। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी भी होती है और सड़क किनारे पार्किंग से जाम की स्थिति भी बनी रहती है। दुकानदार ने बताया कि जब इस संबंध में उन्होंने पड़ोसी से बात की तो उसने उल्टा उन्हें ही भला बुरा बोलना शुरू कर दिया। उनके साथ अन्य दुकानदारों ने भी इस मामले की निंदा की है और व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है ये : सैनी
उधर, एचईएस के अध्यक्ष एवं ग्रीनमैन प्रो. एसएल सैनी का कहना है कि ये हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना हैं। अधिकारियों को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वे इस संबंध में जल्द ही डीसी से मिलेंगे और उन्हें सारे मामले से अवगत करवाएंगे।
ये नगर निगम की जमीन है। पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण करवाया गया था। कोई कैसे अपने निजी स्वार्थ के लिए निगम की जमीन से पौधे को उखाड़ सकता है। उन्हें प्रशासन से सहयोग की उम्मीद है।
रिपोर्ट ली जाएगी: एसडीएम
एसडीएम जगाधरी प्रेमचंद का कहना है कि ये गंभीर मामला है। इस सारे मामले में नगर निगम के ईओ से रिपोर्ट ली जाएगी। जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।