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Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Feeder Dwarkapuri was closed for eight hours, with darkness City

आठ घंटे बंद रहा द्वारकापुरी फीडर, अंधेरे में डूबा शहर

Thu, 15 May 2014 12:33 AM IST
जगाधरी
जगाधरी Updated Thu, 15 May 2014 12:33 AM IST
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मंगलवार की रात आई आंधी में कई स्थानाें पर पेड़ गिरने से कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जगाधरी का द्वाराकापुरी फीडर जहां आठ घंटे तक बंद रहा, वहीं केसर नगर फीडर की सात घंटे तक बत्ती गुल रही।
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बिजली गुल होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कतें फैक्टरी संचालकों को उठानी पड़ी।

मंगलवार रात को 12 बजे तकनीकी खराबी की वजह से द्वाराकापुरी फीडर, केसर नगर फीडर बुडिया फीडर, गुलाब नगर फीडर की बिजली गुल हो गई। इसके उपरांत द्वाराकापुरी, श्याम सुंदर पुरी, सेक्टर-18, रूप नगर कॉलोनी, गांधीधाम, जडौदा गेट, जसैको कॉलोनी, विश्वकर्मा मोहल्ला, महावीर कॉलोनी, हनुमान गेट, गंगानगर कॉलोनी, हनुमान गेट, जडौदा गेट, मुखर्जी पार्क, केसर नगर, बुडिया रोड, विश्वकर्मा मोहल्ला, महावीर कॉलोनी के अलावा अन्य कॉलोनियों की बिजली गुल हो गई।
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बिजली गुल होने पर लोगों ने समझा कि रोजमर्रा की तरह कोई कट लगा है। लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आई, तो उन्होंने पावर हाउस पर फोन कर स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। जहां से उन्हें पता चला कि तकनीकी खराबी की वजह से फीडर बंद हुए है। विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक बुडिया फीडर को रात साढे़ 12 बजे चालू कर दिया गया।
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जबकि गुलाब नगर फीडर 12 बजकर 50 मिनट पर चालू हो पाया। केसर नगर तथा द्वारकापुरी फीडर का फाल्ट न मिलने की वजह से दोनों फीडरों को सुबह चालू किया जा सका। केसर नगर फीडर की सात घंटे तथा द्वाराकापुरी फीडर की आठ घंटें बिजली गुल रही। बुधवार को दिन में नरेंद्रा फीडर सुबह 8 बजकर 40 मिनट से लेकर 9 बजकर 25 मिनट तक बंद रहा। जबकि परमिट की वजह से मुखर्जी पार्क फीडर सुबह 10 बजकर 50 मिनट से लेकर दोपहर दो बजकर 50 मिनट तक बंद रहा।

मैटल व्यापारियों का धंधा हो रहा चौपट
द जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना आए घंटों बिजली गुल रहने की वजह से मैटल व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है। शहर में कहीं न कहीं तकनीकी खराबी, तो कहीं पर तार टूटने की वजह से बिजली गुल हो जाती है। जिसका खामियाजा बर्तन व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं मैटल फैक्टरी संचालक योगेश शर्मा, विजय कुमार, पवन कुमार, राजेश शर्मा का कहना है कि बिजली गुल  होने की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर वे जनरेटर सेट पर मशीनों को चलाते हैं, तो सामान की लागत बढ़ जाती है। जो कि उनके लिए संभव नहीं है। बिजली के बिना मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है। एक बार बिजली गुल होने पर उनका हजारों रुपये का नुकसान होता है। इसके अलावा गलाई की भट्टी को फिर से चालू करने में काफी समय लग जाता है।


गृहणियों को उठानी पड़ी दिक्कतें
गौरी शंकार कॉलोनी निवासी शैलजा त्यागी, दुर्गेश शर्मा, प्रवेश शर्मा, निर्मल शर्मा, नीरज शर्मा का कहना है कि बिजली गुल होने की वजह से दोपहर के समय पेयजल की सप्लाई न होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के काम निपटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी की टंकी खाली होने की वजह से उनकी मुश्किलें ज्यादा बढ़ी नजर आई। दुर्गेश तथा शैलजा का कहना है कि सरकार शहर में 24 घंटे बिजली सप्लाई देने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। आए दिन बिजली गुल रहने की वजह से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।  
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