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डरा रहा डेंगू, निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भीड़
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। जिले में बुखार और डेंगू का कहर लगातार लोगों को डरा रहा है। बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं वीरवार को सात नए मरीज सामने आने के बाद जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 59 हो गई है। यह सरकारी आंकड़ा है। निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है।
खास बात यह है कि बुखार के मरीजों के भी प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। वहीं अधिकतर में डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग रेपिड टेस्ट से पॉजिटिव मिल रहे मरीजों की पुष्टि नहीं कर रहा है। एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर ही डेंगू रोगी माना जाता है। वहीं, निजी अस्पताल रेपिड कार्ड जांच में पॉजिटिव आने पर ही रोगी को डेंगू पॉजिटिव मान लेते हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वागिश गुटेन ने बताया कि डेंगू जांच के दो तरीके हैं। एक जांच रेपिड कार्ड से होती है, जिसमें आईजीजी, आईजीएम की जांच होती है। कई निजी अस्पताल रेपिड कार्ड जांच में आईजीजी पॉजीटिव होने पर ही रोगी को डेंगू पॉजिटिव मान लेते हैं। खून लेकर की गई इस जांच में पुराने एंटीबॉडीज का इंफेक्शन भी दिखाई देता है, जबकि जांच में नया इंफेक्शन सामने आना चाहिए, यानी पॉजिटिव होना चाहिए।
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डेंगू रोग का पता लगाने के लिए सरकार की तरफ से एलाइजा टेस्ट को ही सही माना गया है। ये टेस्ट एलाइजा रीडर से किया जाता है। इसमें खून के नमूने से इंफेक्शन की मात्रा की जांच जाती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे टीम घर घर जाकर लारवा और मरीजों की जांच कर रही है। अभी दो सौ से ज्यादा सैंपलों की जांच आना बाकी है। छुट्टी की वजह से शुक्रवार को किसी भी मरीज के सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिली है।
गांवों से भी आ रहे मरीज
डॉ. वागिश गुटेन का कहना है कि मौसम बदलने के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, तेज बुखार हो रहा है। वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। जांच में डेंगू के मरीज भी मिल रहे हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। टायफाइयड के केस भी मिल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम परिवर्तन के कारण अभिभावक बच्चों को पानी उबाल कर या फिल्टर करके देें। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, जिससे बच्चों को सर्दी, जुकाम खांसी से बचाया जा सकें।
केवल एलाइजा टेस्ट के जरिए डेंगू पॉजिटिव मिल रहे मरीजों की ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुष्टि की जा रही है। इस मौसम में वायरल भी बढ़ जाता है, इसलिए लोग घबराएं नहीं और अपने आसपास पानी एकत्र न होने दें। साथ ही मच्छरों से बचाव के साधन अपनाएं। मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने और मच्छरदानी का प्रयोग करें। - डॉ. विजय दहिया, सीएमओ
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यमुनानगर। जिले में बुखार और डेंगू का कहर लगातार लोगों को डरा रहा है। बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं वीरवार को सात नए मरीज सामने आने के बाद जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 59 हो गई है। यह सरकारी आंकड़ा है। निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है।
खास बात यह है कि बुखार के मरीजों के भी प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। वहीं अधिकतर में डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग रेपिड टेस्ट से पॉजिटिव मिल रहे मरीजों की पुष्टि नहीं कर रहा है। एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर ही डेंगू रोगी माना जाता है। वहीं, निजी अस्पताल रेपिड कार्ड जांच में पॉजिटिव आने पर ही रोगी को डेंगू पॉजिटिव मान लेते हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वागिश गुटेन ने बताया कि डेंगू जांच के दो तरीके हैं। एक जांच रेपिड कार्ड से होती है, जिसमें आईजीजी, आईजीएम की जांच होती है। कई निजी अस्पताल रेपिड कार्ड जांच में आईजीजी पॉजीटिव होने पर ही रोगी को डेंगू पॉजिटिव मान लेते हैं। खून लेकर की गई इस जांच में पुराने एंटीबॉडीज का इंफेक्शन भी दिखाई देता है, जबकि जांच में नया इंफेक्शन सामने आना चाहिए, यानी पॉजिटिव होना चाहिए।
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डेंगू रोग का पता लगाने के लिए सरकार की तरफ से एलाइजा टेस्ट को ही सही माना गया है। ये टेस्ट एलाइजा रीडर से किया जाता है। इसमें खून के नमूने से इंफेक्शन की मात्रा की जांच जाती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे टीम घर घर जाकर लारवा और मरीजों की जांच कर रही है। अभी दो सौ से ज्यादा सैंपलों की जांच आना बाकी है। छुट्टी की वजह से शुक्रवार को किसी भी मरीज के सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिली है।
गांवों से भी आ रहे मरीज
डॉ. वागिश गुटेन का कहना है कि मौसम बदलने के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, तेज बुखार हो रहा है। वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। जांच में डेंगू के मरीज भी मिल रहे हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। टायफाइयड के केस भी मिल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम परिवर्तन के कारण अभिभावक बच्चों को पानी उबाल कर या फिल्टर करके देें। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, जिससे बच्चों को सर्दी, जुकाम खांसी से बचाया जा सकें।
केवल एलाइजा टेस्ट के जरिए डेंगू पॉजिटिव मिल रहे मरीजों की ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुष्टि की जा रही है। इस मौसम में वायरल भी बढ़ जाता है, इसलिए लोग घबराएं नहीं और अपने आसपास पानी एकत्र न होने दें। साथ ही मच्छरों से बचाव के साधन अपनाएं। मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने और मच्छरदानी का प्रयोग करें। - डॉ. विजय दहिया, सीएमओ