फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Farmer took possession of the land that came in the road in Yamuna Nagar

Haryana: किसान ने सड़क उखाड़ ट्रैक्टर-ट्राॅली खड़ी कर जमीन पर कब्जा लिया, कर्मचारी भी रहे मौजूद, रास्ता बंद

Thu, 01 Dec 2022 06:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 01 Dec 2022 06:19 PM IST
सार

यमुनानगर-करनाल मार्ग में किसान की जमीन आ गई तो किसान ने जमीन पर कब्जा ले लिया है। यमुनानगर से गुमथला होते हुए करनाल जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। वाहन चालक 10 किलोमीटर लंबा रास्ता तय कर दूसरे गांवों से निकल रहे हैं।

विज्ञापन
Farmer took possession of the land that came in the road in Yamuna Nagar
किसान ने अपनी जमीन पर लिया कब्जा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के यमुनानगर के जठलाना क्षेत्र के गांव गुमथला में एक किसान ने गुमथला-यमुनानगर मार्ग में आ रही अपनी करीब साढ़े तीन मरले जमीन पर कब्जा ले लिया। जिसके बाद यमुनानगर से गुमथला होते हुए करनाल जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बाधित हो गया। किसान ने सड़क के बीच में लगे सीमेंट के ब्लॉक को उखड़वा दिया और रास्ते में अपना ट्रैक्टर-ट्राली खड़ा कर दिया।

विज्ञापन


जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। रास्ता न मिलने के कारण वाहन चालकों को लौटना पड़ा। काफी वाहन 10 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करते हुए गांवों व रादौर से होते हुए आना जाना करने लगे। इस दौरान कानूनगो सुरेंद्र मोहन, पटवारी तरूण व पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जेई विशाल सिंगला मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन


गांव गुमथला निवासी किसान इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उसकी करीब छह मरले भूमि गुरुद्वारा के पास मौजूद थी। जिसमें से करीब साढ़े तीन मरले जमीन पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क बना दी थी। उन्होनें कई बार अपनी भूमि को लेकर विभाग के अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन किसी ने उनकी भूमि का हक उन्हें देना उचित नहीं समझा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो वर्ष 2011 में उन्होंने जिला न्यायालय में केस दायर कर दिया। जिस पर वह 2015 में यह केस जीत गए, लेकिन एक बार फिर से पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने न्यायालय में अपील दायर की। उनकी यह अपील भी न्यायालय ने 2019 में खारिज कर दी। अगस्त 2022 में कोर्ट ने इस भूमि पर किसान को कब्जा दिलवाने के आदेश पारित किए। जिसमें अब अधिकारियों को नौ दिसंबर तक इसकी रिपोर्ट देने को कहा था।

प्रशासन खुद पहुंचा जमीन पर कब्जा दिलवाने
इसी मामले को लेकर गुरुवार को प्रशासन उन्हें यहां कब्जा दिलवाने पहुंचा था। उनकी मौजदूगी में उन्होंने अपनी साढ़े तीन मरले भूमि पर कब्जा ले लिया। उन्होंने बताया कि रास्ता बाधित न हो इसके लिए उन्होंने कई बार विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने भी उनकी इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। अधिकारियों ने उन्हें इस जमीन का मुआवजा देने से भी मना कर दिया। इतना ही नहीं कोर्ट ने विभाग को जमीन का किराया देने के आदेश भी दिए थे, लेकिन वह भी विभाग ने उन्हें नहीं दिया। जिस कारण आज उन्हें अपनी जमीन पर कब्जा लेने का कार्य किया। अब वह जमीन के किराये को लेकर भी न्यायालय में अपील करेंगे।

किसान नेता बोले- कोर्ट से न्याय मिला
वहीं पूर्व जिला परिषद के पूर्व सदस्य व किसान नेता शिवकुमार संधाला ने कहा कि न्यायालय ने किसान को न्याय दिया है। सरकार व विभाग इस पूरे मामले में विफल रही है। विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जिस कारण आज यह रास्ता बंद हो गया है। जिससे हर दिन सैकड़ों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। इस रास्ते के बंद हो जाने के बाद क्षेत्र से इंद्री, करनाल व दिल्ली जाने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करने पर विवश होना होगा। विभाग इसका जल्द से जल्द दूसरा विकल्प निकाले और लोगों की इस परेशानी का समाधान करे।


कोर्ट के आदेशों का पालन किया हैः विशाल सिंगला
पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई विशाल सिंगला ने बताया कि मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। विभाग ने किसान से कोई बातचीत की या नहीं इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। रास्ते के विकल्प को लेकर उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आज न्यायालय के आदेश पर किसान को कब्जा दे दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed