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Yamuna Nagar News: मेमोरी चिप से लेकर लैपटॉप तक महंगा, 15 प्रतिशत तक बढ़े दाम
Sat, 18 Jul 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:44 AM IST
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दुकान में लैपटॉप की विशेषताओं के बारे में जानकारी लेते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। मेमोरी चिप, एसएसडी, पेनड्राइव, मेमोरी कार्ड, लैपटॉप, ग्राफिक कार्ड और सीसीटीवी जैसे उत्पादों के दाम पिछले कुछ महीनों में 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। आयात और वैश्विक स्तर पर बढ़ी लागत के कारण कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
शहर के साई कंप्यूटर के संचालक राहुल शर्मा ने बताया कि एक वर्ष पहले जो लैपटॉप करीब 40 हजार रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 50 हजार रुपये के आसपास पहुंच गई है। इसी प्रकार पहले दो हजार रुपये में मिलने वाली एसएसडी अब 3,500 से 4,000 रुपये में मिल रही है। 32 जीबी की पेनड्राइव, जो पहले करीब 400 रुपये में मिलती थी, अब लगभग एक हजार रुपये तक पहुंच गई है।
मेमोरी कार्ड के दाम भी 400 रुपये से बढ़कर करीब एक हजार रुपये हो गए हैं। सीसीटीवी कैमरे का पूरा सेट, जो पहले लगभग 15 हजार रुपये में लग जाता था, अब 25 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। लैपटॉप बैटरियों की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं ग्राफिक कार्ड, जो पहले करीब पांच हजार रुपये में उपलब्ध था, अब 10 से 12 हजार रुपये तक बिक रहा है।
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राहुल शर्मा के अनुसार जिन-जिन गैजेट्स में मेमोरी चिप या फ्लैश मेमोरी का उपयोग होता है, लगभग सभी उत्पाद महंगे हो गए हैं। कुछ कंपनियों ने पुराने मॉडल के कई उत्पाद और उनके पुर्जों का निर्माण कम या बंद कर दिया है। कंपनियां लगातार नए उत्पाद बाजार में उतार रही हैं, लेकिन पुराने मॉडलों के स्पेयर पार्ट्स आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे। इससे दुकानदारों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राहकों का कहना है कि कंपनियों को नए उत्पाद लॉन्च करने के साथ-साथ पुराने मॉडलों के आवश्यक पुर्जे भी बाजार में उपलब्ध कराने चाहिए। इससे सीमित बजट वाले विद्यार्थी और उपभोक्ता कम खर्च में अपने उपकरणों की मरम्मत कराकर उनका उपयोग जारी रख सकेंगे।
विद्यार्थियों पर सबसे अधिक असर
दुकान पर पहुंचे ग्राहक रामकुमार, मयंक, रुचि शर्मा और अमन वर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। पढ़ाई, ऑनलाइन कक्षाओं, प्रोजेक्ट और नोट्स तैयार करने के लिए लैपटॉप व टैबलेट अब आवश्यकता बन चुके हैं। पहले छात्र नए लैपटॉप नकद खरीद लेते थे,। अब बढ़ी कीमतों के कारण अधिकांश लोग ईएमआई का सहारा लेने को मजबूर हैं।
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यमुनानगर। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। मेमोरी चिप, एसएसडी, पेनड्राइव, मेमोरी कार्ड, लैपटॉप, ग्राफिक कार्ड और सीसीटीवी जैसे उत्पादों के दाम पिछले कुछ महीनों में 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। आयात और वैश्विक स्तर पर बढ़ी लागत के कारण कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
शहर के साई कंप्यूटर के संचालक राहुल शर्मा ने बताया कि एक वर्ष पहले जो लैपटॉप करीब 40 हजार रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 50 हजार रुपये के आसपास पहुंच गई है। इसी प्रकार पहले दो हजार रुपये में मिलने वाली एसएसडी अब 3,500 से 4,000 रुपये में मिल रही है। 32 जीबी की पेनड्राइव, जो पहले करीब 400 रुपये में मिलती थी, अब लगभग एक हजार रुपये तक पहुंच गई है।
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मेमोरी कार्ड के दाम भी 400 रुपये से बढ़कर करीब एक हजार रुपये हो गए हैं। सीसीटीवी कैमरे का पूरा सेट, जो पहले लगभग 15 हजार रुपये में लग जाता था, अब 25 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। लैपटॉप बैटरियों की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं ग्राफिक कार्ड, जो पहले करीब पांच हजार रुपये में उपलब्ध था, अब 10 से 12 हजार रुपये तक बिक रहा है।
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राहुल शर्मा के अनुसार जिन-जिन गैजेट्स में मेमोरी चिप या फ्लैश मेमोरी का उपयोग होता है, लगभग सभी उत्पाद महंगे हो गए हैं। कुछ कंपनियों ने पुराने मॉडल के कई उत्पाद और उनके पुर्जों का निर्माण कम या बंद कर दिया है। कंपनियां लगातार नए उत्पाद बाजार में उतार रही हैं, लेकिन पुराने मॉडलों के स्पेयर पार्ट्स आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे। इससे दुकानदारों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राहकों का कहना है कि कंपनियों को नए उत्पाद लॉन्च करने के साथ-साथ पुराने मॉडलों के आवश्यक पुर्जे भी बाजार में उपलब्ध कराने चाहिए। इससे सीमित बजट वाले विद्यार्थी और उपभोक्ता कम खर्च में अपने उपकरणों की मरम्मत कराकर उनका उपयोग जारी रख सकेंगे।
विद्यार्थियों पर सबसे अधिक असर
दुकान पर पहुंचे ग्राहक रामकुमार, मयंक, रुचि शर्मा और अमन वर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। पढ़ाई, ऑनलाइन कक्षाओं, प्रोजेक्ट और नोट्स तैयार करने के लिए लैपटॉप व टैबलेट अब आवश्यकता बन चुके हैं। पहले छात्र नए लैपटॉप नकद खरीद लेते थे,। अब बढ़ी कीमतों के कारण अधिकांश लोग ईएमआई का सहारा लेने को मजबूर हैं।