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Yamuna Nagar News: करोड़ों शुल्क देने के बाद भी खुले में गिर रहा कचरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में डोर टू डोर कचरा उठान का काम कर रहीं एजेंसियों का कार्यकाल नगर निगम की ओर से बढ़ाने की तैयारी है, पर निवर्तमान पार्षद काम से नाखुश हैं। उनका आरोप है कि अक्टूबर-नवंबर में जब से एजेंसियों के ठेके की अवधि खत्म हुई, तब से डोर टू डोर कचरा उठान नियमित नहीं है। जबकि इस सेवा के बदले एजेंसियों को नगर निगम के खजाने से सालाना 26 करोड़ का भुगतान है, वहीं शहरियों से भी नगर निगम द्वारा सालाना करोड़ों रुपये का शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों में वसूला जा रहा है। इतना होने पर भी वार्डों में कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों के किनारे भी कचरा गिर रहा है। बता दें कि शहर से रोजाना 250 से 300 एमटी कचरा निकलता है। जिसके डोर टू डोर उठान से निस्तारण तक के काम के लिए शहर दो जोन में बंटा है। जोन-1 में एक से 11 तक के वार्ड हैं, जिसमें उक्त काम का ठेका श्री श्याम एसोसिएट के पास है। जबकि जोन-2 में आठ से 22 तक के वार्ड हैं, जिसका ठेका आईएनडी सॉल्यूशन के पास है। 2595 रुपये प्रति टन के हिसाब से यह ठेके अलॉट हुए थे, जिसके मुताबिक इस काम पर सालाना 26 करोड़ खर्च बनता है। एजेंसियों को दिए ठेके की अवधि वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर में खत्म हो गई थी, पर उसे नए टेंडर सिरे चढ़ने तक नगर निगम द्वारा तीन माह बढ़ाया गया। किंतु अभी भी नए टेंडर की प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई है, इसलिए फिर से एजेंसियों के ठेके की अवधि बढ़ाने की तैयारी है, लेकिन इस पर निवर्तमान पार्षदों को एतराज है। वार्ड तीन से पार्षद प्रतिनिधि हरमीन कोहली, वार्ड पांच से पार्षद विनय कांबोज, वार्ड सात से पार्षद रामआसरा भारद्वाज, वार्ड आठ से विनोद मरवाह ने कहा कि डोर टू डोर कचरा उठान पर नगर निगम सालाना 26 खर्च रहा है। साथ ही इस सेवा की एवज में लोगों से करोड़ों रुपये का शुल्क वसूला रहा है। इसके बाद भी नियमित कचरा उठान नहीं हो रहा। वार्डों की कई कॉलोनियों-मोहल्लों में कई दिन बाद डोर टू डोर कचरा उठान के वाहन पहुंच रहे हैं, इसलिए मजबूरन लोग घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों के डस्टबिन में इकट्ठे किए कचरा से दुर्गंध व मक्खी-मच्छर से परेशान होकर आसपास गिरा रहे हैं। इन हालात का कारण निगम अफसरों द्वारा काम की सही मॉनिटरिंग न होना है। क्योंकि ठेके के तहत तय नियमों की सरेआम अवहेलना होती है, पर तब भी कार्रवाई ढाक के तीन पात है।
डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य दोनों जोन में चल रहा है। अगर कहीं कचरा उठान नहीं हो रहा है तो ऐसे स्थानों पर एजेंसी को कचरा उठान के वाहन भेज कचरा उठान कराया जाएगा। गलियों-सड़कों में भी कहीं कचरा है तो उसका भी उठान कराया जाएगा। -हरजीत सिंह, सीएसआई, नगर निगम।
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यमुनानगर। शहर में डोर टू डोर कचरा उठान का काम कर रहीं एजेंसियों का कार्यकाल नगर निगम की ओर से बढ़ाने की तैयारी है, पर निवर्तमान पार्षद काम से नाखुश हैं। उनका आरोप है कि अक्टूबर-नवंबर में जब से एजेंसियों के ठेके की अवधि खत्म हुई, तब से डोर टू डोर कचरा उठान नियमित नहीं है। जबकि इस सेवा के बदले एजेंसियों को नगर निगम के खजाने से सालाना 26 करोड़ का भुगतान है, वहीं शहरियों से भी नगर निगम द्वारा सालाना करोड़ों रुपये का शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों में वसूला जा रहा है। इतना होने पर भी वार्डों में कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों के किनारे भी कचरा गिर रहा है। बता दें कि शहर से रोजाना 250 से 300 एमटी कचरा निकलता है। जिसके डोर टू डोर उठान से निस्तारण तक के काम के लिए शहर दो जोन में बंटा है। जोन-1 में एक से 11 तक के वार्ड हैं, जिसमें उक्त काम का ठेका श्री श्याम एसोसिएट के पास है। जबकि जोन-2 में आठ से 22 तक के वार्ड हैं, जिसका ठेका आईएनडी सॉल्यूशन के पास है। 2595 रुपये प्रति टन के हिसाब से यह ठेके अलॉट हुए थे, जिसके मुताबिक इस काम पर सालाना 26 करोड़ खर्च बनता है। एजेंसियों को दिए ठेके की अवधि वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर में खत्म हो गई थी, पर उसे नए टेंडर सिरे चढ़ने तक नगर निगम द्वारा तीन माह बढ़ाया गया। किंतु अभी भी नए टेंडर की प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई है, इसलिए फिर से एजेंसियों के ठेके की अवधि बढ़ाने की तैयारी है, लेकिन इस पर निवर्तमान पार्षदों को एतराज है। वार्ड तीन से पार्षद प्रतिनिधि हरमीन कोहली, वार्ड पांच से पार्षद विनय कांबोज, वार्ड सात से पार्षद रामआसरा भारद्वाज, वार्ड आठ से विनोद मरवाह ने कहा कि डोर टू डोर कचरा उठान पर नगर निगम सालाना 26 खर्च रहा है। साथ ही इस सेवा की एवज में लोगों से करोड़ों रुपये का शुल्क वसूला रहा है। इसके बाद भी नियमित कचरा उठान नहीं हो रहा। वार्डों की कई कॉलोनियों-मोहल्लों में कई दिन बाद डोर टू डोर कचरा उठान के वाहन पहुंच रहे हैं, इसलिए मजबूरन लोग घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों के डस्टबिन में इकट्ठे किए कचरा से दुर्गंध व मक्खी-मच्छर से परेशान होकर आसपास गिरा रहे हैं। इन हालात का कारण निगम अफसरों द्वारा काम की सही मॉनिटरिंग न होना है। क्योंकि ठेके के तहत तय नियमों की सरेआम अवहेलना होती है, पर तब भी कार्रवाई ढाक के तीन पात है।
डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य दोनों जोन में चल रहा है। अगर कहीं कचरा उठान नहीं हो रहा है तो ऐसे स्थानों पर एजेंसी को कचरा उठान के वाहन भेज कचरा उठान कराया जाएगा। गलियों-सड़कों में भी कहीं कचरा है तो उसका भी उठान कराया जाएगा। -हरजीत सिंह, सीएसआई, नगर निगम।
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