यमुनानगर: गेंदा रामपुर में फारेस्ट ट्रेडिशन के पहले बौद्ध मठ की स्थापना, श्रद्धालुओं ने किया शांति पाठ
थाइलैंड के वरिष्ठ भिक्षु समेत देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने शांति पाठ किया। द बुद्धिस्ट फोरम की पहल से क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
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अजान चाह फारेस्ट ट्रेडिशन (वन परंपरा) के पहले बौद्ध मठ की स्थापना रविवार को हरियाणा के यमुनानगर के गांव गेंदा रामपुर में हुई। इस दौरान थाइलैंड के वरिष्ठ भिक्षु लुंगपोर जुंडी, अजान केवली, अजान महापन्यो समेत अन्य बौद्ध भिक्षुओं ने विश्व शांति के लिए पाठ किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी बौद्ध भिक्षुओं के साथ इसमें हिस्सा लिया। इससे पहले बौद्ध मठ के लिए 13 एकड़ भूमि खरीदी गई है, जिसमें अब हरे-भरे पेड़ पौधे लहलहाएंगे। माना जा रहा है कि क्षेत्र में बौद्ध मठ की स्थापना से इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
द बुद्धिस्ट फोरम के अध्यक्ष सिद्धार्थ गौरी ने बताया कि आदिबद्री में सैकड़ों वर्ष पूर्व से बौद्ध धर्म का आकर्षण रहा है, लेकिन 800 साल पहले विदेशी आक्रमणकारियों ने यहां के बौद्ध स्थलों को तहस नहस कर दिया था, जिसके साक्ष्य आज भी मौजूद हैं। आदिबद्री के लगभग हर चोटी पर बौद्ध मठों और स्तूपों के अवशेष मिलते हैं।
उन्होंने बताया कि फारेस्ट ट्रेडिशन (वन परंपरा) की शुरुआत वर्षों पहले थाईलैंड में हुई, लेकिन यह भारत में पहली बार शुरू की गई है। यही कारण है कि फारेस्ट ट्रेडिशन का यह देश में पहला बौद्ध मठ होगा। इसके अलावा इंग्लैंड, यूके, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील आदि जगहों पर इसी तरह के बौद्ध मठ स्थापित किए जा चुके हैं। गांव गेंदा रामपुर में विधि विधान से बौद्ध मठ की स्थापना के बाद पास के गांव काठगढ़ के सामुदायिक केंद्र में बौद्ध भिक्षुओं, श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों ने एक साथ लंगर का भी आनंद लिया।