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Yamuna Nagar News: दुकानों के आगे कब्जा, राहगीरों का छिना रास्ता
Wed, 22 Jul 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:44 AM IST
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साढौरा में दुकान के आगे रखा सामान और खड़ी रेहड़ी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। कस्बे के बाजार की दुकानों के आगे अतिक्रमण के कारण राहगीरों के लिए पैदल चलना मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि कई दुकानदार पहले अपनी दुकानों के सामने सामान सजा देते हैं और बची हुई जगह पर रेहड़ी लगाने के लिए स्थान उपलब्ध कराकर उससे पैसे वसूलते हैं।
स्थानीय निवासी सतपाल, शिव कुमार और रोहन का आरोप है कि इसी वजह से सड़कें लगातार संकरी होती जा रही हैं और बाजार में जाम की समस्या स्थायी रूप ले चुकी है। इतना ही नहीं रेहड़ी वालाें को दुकानदार बिजली भी बेच रहे हैं। कइयों ने अपनी दुकानों से रेहड़ी वालों को बिजली कनेक्शन दे रखे हैं।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब सवारी भरने वाली बसें, ऑटो और अन्य वाहन सड़क किनारे खड़े होकर अवैध पार्किंग करते हैं। इससे बाजार में आने वाले ग्राहकों को अपने वाहन खड़े करने तक के लिए जगह नहीं मिलती। जाम के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दुकानों तक पहुंचने वाले ग्राहकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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लोगों का कहना है कि सड़क और फुटपाथ आम लोगों की सुविधा के लिए हैं। अतिक्रमण के कारण पैदल चलने तक की जगह नहीं बची है। आरोप है कि अवैध कब्जे और वसूली बाजार में जाम तथा अव्यवस्था की सबसे बड़ी वजह हैं। इस संबंध में नगरपालिका सचिव नितिन वत्स ने बताया कि आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रेता (विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत केवल नगरपालिका को ही रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन निर्धारित करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि किसी भी दुकानदार को अपनी दुकान के बाहर सड़क या फुटपाथ पर रेहड़ी लगवाने अथवा उसके बदले किराया वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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साढौरा। कस्बे के बाजार की दुकानों के आगे अतिक्रमण के कारण राहगीरों के लिए पैदल चलना मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि कई दुकानदार पहले अपनी दुकानों के सामने सामान सजा देते हैं और बची हुई जगह पर रेहड़ी लगाने के लिए स्थान उपलब्ध कराकर उससे पैसे वसूलते हैं।
स्थानीय निवासी सतपाल, शिव कुमार और रोहन का आरोप है कि इसी वजह से सड़कें लगातार संकरी होती जा रही हैं और बाजार में जाम की समस्या स्थायी रूप ले चुकी है। इतना ही नहीं रेहड़ी वालाें को दुकानदार बिजली भी बेच रहे हैं। कइयों ने अपनी दुकानों से रेहड़ी वालों को बिजली कनेक्शन दे रखे हैं।
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स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब सवारी भरने वाली बसें, ऑटो और अन्य वाहन सड़क किनारे खड़े होकर अवैध पार्किंग करते हैं। इससे बाजार में आने वाले ग्राहकों को अपने वाहन खड़े करने तक के लिए जगह नहीं मिलती। जाम के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दुकानों तक पहुंचने वाले ग्राहकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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लोगों का कहना है कि सड़क और फुटपाथ आम लोगों की सुविधा के लिए हैं। अतिक्रमण के कारण पैदल चलने तक की जगह नहीं बची है। आरोप है कि अवैध कब्जे और वसूली बाजार में जाम तथा अव्यवस्था की सबसे बड़ी वजह हैं। इस संबंध में नगरपालिका सचिव नितिन वत्स ने बताया कि आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रेता (विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत केवल नगरपालिका को ही रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन निर्धारित करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि किसी भी दुकानदार को अपनी दुकान के बाहर सड़क या फुटपाथ पर रेहड़ी लगवाने अथवा उसके बदले किराया वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।