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Yamuna Nagar News: रोष मार्च निकाल रहे कर्मचारियों की जिला सचिवालय में पुलिस से नोकझोंक, डीसी कार्यालय जाने से रोका
Thu, 02 Jul 2026 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 02 Jul 2026 03:08 AM IST
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भाई कन्हैया साहिब चौक के पास पार्क में नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के कर्मचारी। संवाद
यमुनानगर। भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के बैनर तले बुधवार को जिले के कर्मचारियों और श्रमिकों ने लंबित मांगों के समर्थन में कन्हैया साहिब चौक से जिला सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। बारिश के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारी हाथों में झंडे और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे। जैसे ही कर्मचारी ज्ञापन देने के लिए डीसी कार्यालय में जाने लगे तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सचिवालय के गेट पास ही उन्हें रोक लिया। कर्मचारी अंदर जाने की जिद पर अड़े थे। दूसरी तरफ से मुस्तैद पुलिस भी उन्हें अंदर जाने देने को तैयार नहीं थी। इस दौरान संघ पदाधिकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई। इससे नाराज कर्मचारी परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में डीडीपीओ नरेंद्र सिंह बाहर आए और सचिवालय के दरवाजे के पास आकर कर्मचारियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष आशीष धीमान और राज ठाकुर ने कहा कि 26 अप्रैल को गुरुग्राम में आयोजित श्रमिक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सार्वजनिक मंच से सेवा सुरक्षा के पात्र कर्मचारियों को 15 जून तक ऑफर लेटर जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो ऑफर लेटर जारी हुए और न ही कर्मचारियों के साथ कोई वार्ता की गई। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन में सरकार से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे, संविदा, आउटसोर्स और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने, सेवा सुरक्षा नियम-2024 का लाभ लागू करने, पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने तथा रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती करने की मांग की गई। इसके अलावा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करने तथा बिजली निगम, एचवीपीएनएल, परिवहन, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, नगर परिषद, पंचायत, सहकारी, श्रम विभाग और आंगनबाड़ी समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की भी मांग उठाई गई। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो भारतीय मजदूर संघ पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगा।
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वीसी में व्यस्त थी डीसी:
जब कर्मचारी ज्ञापन देने के लिए जिला सचिवालय में जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। पुलिस का तर्क था कि अंदर अमृत सरोवरों के उद्घाटन का ऑनलाइन कार्यक्रम चल रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ डीसी वीसी के माध्यम से जुड़ी हुई हैं। इसलिए उनके अंदर जाने से वीसी प्रभावित हो सकती है। बाद में ज्ञापन लेने के लिए डीडीपीओ नरेंद्र सिंह को भेजा गया था। पुलिस के अनुसार संघ पदाधिकारी उन्हें ज्ञापन देने के बजाय अंदर जाने की जिद पर अड़ गए, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से बैरिकेड्स लगाए गए। संवाद
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भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष आशीष धीमान और राज ठाकुर ने कहा कि 26 अप्रैल को गुरुग्राम में आयोजित श्रमिक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सार्वजनिक मंच से सेवा सुरक्षा के पात्र कर्मचारियों को 15 जून तक ऑफर लेटर जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो ऑफर लेटर जारी हुए और न ही कर्मचारियों के साथ कोई वार्ता की गई। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन में सरकार से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे, संविदा, आउटसोर्स और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने, सेवा सुरक्षा नियम-2024 का लाभ लागू करने, पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने तथा रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती करने की मांग की गई। इसके अलावा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करने तथा बिजली निगम, एचवीपीएनएल, परिवहन, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, नगर परिषद, पंचायत, सहकारी, श्रम विभाग और आंगनबाड़ी समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की भी मांग उठाई गई। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो भारतीय मजदूर संघ पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगा।
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वीसी में व्यस्त थी डीसी:
जब कर्मचारी ज्ञापन देने के लिए जिला सचिवालय में जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। पुलिस का तर्क था कि अंदर अमृत सरोवरों के उद्घाटन का ऑनलाइन कार्यक्रम चल रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ डीसी वीसी के माध्यम से जुड़ी हुई हैं। इसलिए उनके अंदर जाने से वीसी प्रभावित हो सकती है। बाद में ज्ञापन लेने के लिए डीडीपीओ नरेंद्र सिंह को भेजा गया था। पुलिस के अनुसार संघ पदाधिकारी उन्हें ज्ञापन देने के बजाय अंदर जाने की जिद पर अड़ गए, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से बैरिकेड्स लगाए गए। संवाद

भाई कन्हैया साहिब चौक के पास पार्क में नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के कर्मचारी। संवाद

भाई कन्हैया साहिब चौक के पास पार्क में नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के कर्मचारी। संवाद
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