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छह कॉलोनियों में ग्यारह घंटे बिजली ने रुलाया
यमुनानगर
Updated Fri, 10 Jan 2014 04:27 PM IST
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जगाधरी-बिलासपुर मार्ग पर जिला जेल के पास वाहन ने टक्कर मारकर बिजली के
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खंभे को तोड़ दिया। इसके बाद बुड़िया फीडर ब्रेेक डाउन हो गया। इस कारण शहर
की आधा दर्जन कॉलोनियों में 11 घंटे बत्ती गुल रही।
फीडर ब्रेक डाउन होने के कारण इन कॉलोनियों में मौजूद उद्योग धंधे बंद पडे़ रहे। इस कारण मजदूरों को हाथ पर हाथ धरे बैठे देखा गया। बिजली गुल होने की वजह से व्यापारियों के साथ-साथ गृहिणियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम को बिजली सप्लाई सुचारु होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली निगम से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह सात बजकर 40 मिनट पर अज्ञात वाहन ने जगाधरी बिलासपुर मार्ग पर जिला जेल के पास बुड़िया फीडर पर जाने वाली लाइन के खंभे को तोड़ दिया। इसके बाद भारत सेवक नगर, बुड़िया रोड, बुड़िया गांव, विजय नगर, अमादलपुर रोड तथा आसपास क्षेत्र की कॉलोनियों की बिजली गुल हो गई। द जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है कि भारत सेवक नगर तथा विजय नगर में मेटल फैक्टरियों की भरमार है।
आए दिन बिजली गुल होने के कारण उद्योगपतियों को समय पर माल तैयार करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फीडर ब्रेक डाउन की वजह से फैक्टरियों में बिजली की सप्लाई नहीं हो पाई। जिस कारण दिनभर मजदूरों को खाली बैठे देखा गया। बर्तन फैक्टरी मालिक सुरेश कुमार तथा विजय कुमार का कहना है कि अगर वे जेनरेटर सेट पर मशीनों को चलाते हैं, तो सामान की लागत बढ़ जाती है। जो कि उनके लिए संभव नहीं है। बिजली के बिना दिनभर खाली बैठे मजदूरों को बिना काम के ही मजदूरी देनी पड़ती है। इस वजह से भी उनका हजारों रुपये का नुकसान होता है।
फैक्टरी मालिक बोले, चौपट हो रहा धंधा
बर्तन व्यापारियों का कहना है कि जगाधरी शहर की हर कॉलोनी में बर्तन बनाने की भट्टी व यूनिट लगी हुई है। जो बिजली पर निर्भर रहती है। वीरवार को शहर की आधा दर्जन कॉलोनियों में 11 घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बर्तन व्यापारियों को उठानी पड़ी। इस दौरान दिनभर मजदूरों को खाली बैठे देखा गया। बर्तन व्यापारी विकास व अजय कुमार का कहना है कि आए दिन बिजली गुल हो जाती है। इससे उन्हें हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली गुल होने के कारण समय पर माल तैयार करने में परेशानियां होती है। एक बार बिजली गुल होने पर सबसे ज्यादा गलाई का काम प्रभावित होता है। क्योंकि मशीन को फिर से गर्म करने में घंटों लग जाते हैं।
उधर, वीरवार सुबह से शाम तक बिजली गुल रहने की वजह से लोगों के घरों में सुबह तथा दोपहर को पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। जिस कारण गृहणियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को आसपास की कालोनियों से पीने के लिए पानी भरकर लाते देखा गया। दोपहर के समय पानी की सप्लाई न होने की वजह से महिलाओं को घरेलू काम निपटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारत सेवक नगर निवासी सुमन तथा कविता का कहना है कि 11 घंटें तक बिजली गुल रहने के कारण इनवर्टर ने भी जवाब दे दिया। जिस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
फीडर ब्रेक डाउन होने के कारण इन कॉलोनियों में मौजूद उद्योग धंधे बंद पडे़ रहे। इस कारण मजदूरों को हाथ पर हाथ धरे बैठे देखा गया। बिजली गुल होने की वजह से व्यापारियों के साथ-साथ गृहिणियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम को बिजली सप्लाई सुचारु होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली निगम से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह सात बजकर 40 मिनट पर अज्ञात वाहन ने जगाधरी बिलासपुर मार्ग पर जिला जेल के पास बुड़िया फीडर पर जाने वाली लाइन के खंभे को तोड़ दिया। इसके बाद भारत सेवक नगर, बुड़िया रोड, बुड़िया गांव, विजय नगर, अमादलपुर रोड तथा आसपास क्षेत्र की कॉलोनियों की बिजली गुल हो गई। द जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है कि भारत सेवक नगर तथा विजय नगर में मेटल फैक्टरियों की भरमार है।
आए दिन बिजली गुल होने के कारण उद्योगपतियों को समय पर माल तैयार करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फीडर ब्रेक डाउन की वजह से फैक्टरियों में बिजली की सप्लाई नहीं हो पाई। जिस कारण दिनभर मजदूरों को खाली बैठे देखा गया। बर्तन फैक्टरी मालिक सुरेश कुमार तथा विजय कुमार का कहना है कि अगर वे जेनरेटर सेट पर मशीनों को चलाते हैं, तो सामान की लागत बढ़ जाती है। जो कि उनके लिए संभव नहीं है। बिजली के बिना दिनभर खाली बैठे मजदूरों को बिना काम के ही मजदूरी देनी पड़ती है। इस वजह से भी उनका हजारों रुपये का नुकसान होता है।
फैक्टरी मालिक बोले, चौपट हो रहा धंधा
बर्तन व्यापारियों का कहना है कि जगाधरी शहर की हर कॉलोनी में बर्तन बनाने की भट्टी व यूनिट लगी हुई है। जो बिजली पर निर्भर रहती है। वीरवार को शहर की आधा दर्जन कॉलोनियों में 11 घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बर्तन व्यापारियों को उठानी पड़ी। इस दौरान दिनभर मजदूरों को खाली बैठे देखा गया। बर्तन व्यापारी विकास व अजय कुमार का कहना है कि आए दिन बिजली गुल हो जाती है। इससे उन्हें हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली गुल होने के कारण समय पर माल तैयार करने में परेशानियां होती है। एक बार बिजली गुल होने पर सबसे ज्यादा गलाई का काम प्रभावित होता है। क्योंकि मशीन को फिर से गर्म करने में घंटों लग जाते हैं।
उधर, वीरवार सुबह से शाम तक बिजली गुल रहने की वजह से लोगों के घरों में सुबह तथा दोपहर को पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। जिस कारण गृहणियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को आसपास की कालोनियों से पीने के लिए पानी भरकर लाते देखा गया। दोपहर के समय पानी की सप्लाई न होने की वजह से महिलाओं को घरेलू काम निपटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारत सेवक नगर निवासी सुमन तथा कविता का कहना है कि 11 घंटें तक बिजली गुल रहने के कारण इनवर्टर ने भी जवाब दे दिया। जिस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।