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Yamuna Nagar News: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आज, 39 सब स्टेशनों पर तैनात रहेगी पुलिस
Thu, 22 Oct 2026 03:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 22 Oct 2026 03:09 AM IST
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जगाधरी। जिले में बिजली कर्मचारियों की 22 से 24 अक्तूबर तक प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीसी प्रीति ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि हड़ताल के दौरान बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और यातायात जैसी जरूरी सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। हड़ताल का असर बिजली व्यवस्था पर पड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने बिजली घरों की सुरक्षा बढ़ाने, वैकल्पिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वहीं, बिजली आपूर्ति सुचारु रखने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए धारा 163 लागू कर दी गई है। ये हड़ताल तक यह आदेश रहेंगे। प्रशासन ने बिजली घरों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती के निर्देश दिए हैं। एसपी कमलदीप गोयल ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिजली संबंधी परेशानी होने पर आमजन टोल फ्री नंबर 1950 और डायल 112 पर सूचना दे सकते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि हड़ताल के दौरान किसी भी स्थिति में आमजन को आवश्यक सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
जिले में बुधवार रात दस बजे से शुरू होने वाली हड़ताल में बिजली विभाग के एक अधीक्षण अभियंता (एसई), पांच कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन), 14 उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। कर्मचारियों की इस प्रस्तावित हड़ताल से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सब स्टेशनों पर तकनीकी कर्मचारियों के साथ दूसरे विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। वहीं हड़ताल सफल बनाने के लिए बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को दिनभर रोष प्रदर्शन किया और आगे की रणनीति बनाई।
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39 बिजली सब स्टेशनों की व्यवस्था संभालना चुनौती
जिले में बिजली आपूर्ति का नेटवर्क 39 सब स्टेशनों पर निर्भर है। इनमें पांच सब स्टेशन 220 केवी, 20 सब स्टेशन 66 केवी, नौ सब स्टेशन 33 केवी और पांच सब स्टेशन 11 केवी क्षमता के हैं। इतने बड़े नेटवर्क पर हड़ताल के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती होगी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति में किसी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है।
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नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
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वहीं, बिजली आपूर्ति सुचारु रखने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए धारा 163 लागू कर दी गई है। ये हड़ताल तक यह आदेश रहेंगे। प्रशासन ने बिजली घरों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती के निर्देश दिए हैं। एसपी कमलदीप गोयल ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिजली संबंधी परेशानी होने पर आमजन टोल फ्री नंबर 1950 और डायल 112 पर सूचना दे सकते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि हड़ताल के दौरान किसी भी स्थिति में आमजन को आवश्यक सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
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जिले में बुधवार रात दस बजे से शुरू होने वाली हड़ताल में बिजली विभाग के एक अधीक्षण अभियंता (एसई), पांच कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन), 14 उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। कर्मचारियों की इस प्रस्तावित हड़ताल से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सब स्टेशनों पर तकनीकी कर्मचारियों के साथ दूसरे विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। वहीं हड़ताल सफल बनाने के लिए बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को दिनभर रोष प्रदर्शन किया और आगे की रणनीति बनाई।
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39 बिजली सब स्टेशनों की व्यवस्था संभालना चुनौती
जिले में बिजली आपूर्ति का नेटवर्क 39 सब स्टेशनों पर निर्भर है। इनमें पांच सब स्टेशन 220 केवी, 20 सब स्टेशन 66 केवी, नौ सब स्टेशन 33 केवी और पांच सब स्टेशन 11 केवी क्षमता के हैं। इतने बड़े नेटवर्क पर हड़ताल के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती होगी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति में किसी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई