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Yamuna Nagar News: तेजली खेल स्टेडियम में नशेड़ियों का डेरा
Fri, 06 Mar 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:16 AM IST
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तेजली खेल स्टेडियम में टूटा पड़ा पेड़।
- फोटो : दुकान पर हुई तोड़फोड़ की घटना की जांच करती पुलिस।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले का सबसे बड़ा और करीब 65 एकड़ में फैला तेजली खेल स्टेडियम इन दिनों खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित अभ्यास स्थल की बजाय असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। कभी खिलाड़ियों की दौड़ती सांसों और अभ्यास की आवाजों से गूंजने वाला यह परिसर अब अंधेरा, गंदगी और असुरक्षा के माहौल से घिर गया है।
खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां रनिंग ट्रैक के पास बनी एक बिल्डिंग में करीब 30 से 40 इस्तेमाल किए हुए इंजेक्शन पड़े मिले। शाम होते ही नशेड़ी यहां डेरा जमा लेते हैं और तरह-तरह के नशे करते हैं। ट्रैक के पास सामान रखने के लिए करीब 25 से 30 कमरे बनाए गए हैं, लेकिन उनकी हालत बेहद खराब है। इन कमरों में टूटी शराब की बोतलें और गंदगी बिखरी पड़ी है। कई कमरों के दरवाजे टूटे हुए हैं।
स्टेडियम में लगी लगभग सभी हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं। बिजली के अधिकतर पोल जर्जर हालत में हैं और वर्षों से इन पर पेंट तक नहीं किया गया। खिलाड़ियों का कहना है कि बरसात के दिनों में इन लोहे के खंभों में करंट आने का डर बना रहता है। शाम ढलते ही पूरा स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है, जिससे अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों, खासकर महिला खिलाड़ियों में भय का माहौल रहता है।
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स्टेडियम परिसर के बीच से एक खुला नाला गुजरता है, जिससे चारों ओर दुर्गंध फैलती रहती है। इसके अलावा परिसर में दो बड़े पेड़ करीब छह महीने से टूटे पड़े हैं। एक पेड़ तो डस्टबिन के ऊपर गिरा हुआ है, लेकिन अब तक उसे हटाया नहीं गया। इससे प्रशासनिक लापरवाही साफ दिखाई देती है। स्टेडियम में कई डस्टबिन लंबे समय से कबाड़ और कचरे से भरे पड़े हैं, लेकिन उन्हें खाली नहीं किया गया। इससे परिसर में गंदगी का माहौल बना हुआ है।
स्टेडियम में तीन बाथरूम यूनिट बनाई गई हैं। इनमें से दो पर ताले लगे हैं। मुख्य गेट के पास बने शौचालय की हालत इतनी खराब है कि उसके पास खड़ा होना भी मुश्किल है। खिलाड़ियों ने बताया कि सालों से सफाई न होने के कारण शौचालय जाम पड़े हैं। इससे खासकर महिला खिलाड़ियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मैदान में लंबी-लंबी घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा बना रहता है। वहीं आवासीय फुटबॉल अकादमी के पीछे गंदा पानी जमा होकर कई बार तालाब का रूप ले लेता है।
तेजली खेल परिसर में दो बास्केटबॉल कोर्ट, एथलेटिक्स मैदान, हैमर थ्रो रिंग, दो फुटबॉल मैदान, दो वॉलीबॉल मैदान, तीन लॉन टेनिस कोर्ट, एक बॉक्सिंग रिंग व शेड, एक मल्टीपर्पज हॉल और एक आवासीय अकादमी भवन जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रही हैं। करीब 65 एकड़ में फैले इस विशाल स्टेडियम की सुरक्षा का जिम्मा केवल एक सिक्योरिटी गार्ड पर है, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से तैनात है।
सुरक्षाकर्मियों के लिए विभाग को लिखा : शिल्पा
जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता ने बताया कि फिलहाल स्टेडियम में केवल एक सिक्योरिटी गार्ड एचकेआरएन के माध्यम से तैनात है। स्टेडियम में चार से पांच गार्ड की आवश्यकता है और इसके लिए मुख्यायल को लिखा गया है। स्टेडियम में खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए एस्टीमेट आने के बाद दुरुस्त कराया जाएगा।
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यमुनानगर। जिले का सबसे बड़ा और करीब 65 एकड़ में फैला तेजली खेल स्टेडियम इन दिनों खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित अभ्यास स्थल की बजाय असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। कभी खिलाड़ियों की दौड़ती सांसों और अभ्यास की आवाजों से गूंजने वाला यह परिसर अब अंधेरा, गंदगी और असुरक्षा के माहौल से घिर गया है।
खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां रनिंग ट्रैक के पास बनी एक बिल्डिंग में करीब 30 से 40 इस्तेमाल किए हुए इंजेक्शन पड़े मिले। शाम होते ही नशेड़ी यहां डेरा जमा लेते हैं और तरह-तरह के नशे करते हैं। ट्रैक के पास सामान रखने के लिए करीब 25 से 30 कमरे बनाए गए हैं, लेकिन उनकी हालत बेहद खराब है। इन कमरों में टूटी शराब की बोतलें और गंदगी बिखरी पड़ी है। कई कमरों के दरवाजे टूटे हुए हैं।
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स्टेडियम में लगी लगभग सभी हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं। बिजली के अधिकतर पोल जर्जर हालत में हैं और वर्षों से इन पर पेंट तक नहीं किया गया। खिलाड़ियों का कहना है कि बरसात के दिनों में इन लोहे के खंभों में करंट आने का डर बना रहता है। शाम ढलते ही पूरा स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है, जिससे अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों, खासकर महिला खिलाड़ियों में भय का माहौल रहता है।
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स्टेडियम परिसर के बीच से एक खुला नाला गुजरता है, जिससे चारों ओर दुर्गंध फैलती रहती है। इसके अलावा परिसर में दो बड़े पेड़ करीब छह महीने से टूटे पड़े हैं। एक पेड़ तो डस्टबिन के ऊपर गिरा हुआ है, लेकिन अब तक उसे हटाया नहीं गया। इससे प्रशासनिक लापरवाही साफ दिखाई देती है। स्टेडियम में कई डस्टबिन लंबे समय से कबाड़ और कचरे से भरे पड़े हैं, लेकिन उन्हें खाली नहीं किया गया। इससे परिसर में गंदगी का माहौल बना हुआ है।
स्टेडियम में तीन बाथरूम यूनिट बनाई गई हैं। इनमें से दो पर ताले लगे हैं। मुख्य गेट के पास बने शौचालय की हालत इतनी खराब है कि उसके पास खड़ा होना भी मुश्किल है। खिलाड़ियों ने बताया कि सालों से सफाई न होने के कारण शौचालय जाम पड़े हैं। इससे खासकर महिला खिलाड़ियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मैदान में लंबी-लंबी घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा बना रहता है। वहीं आवासीय फुटबॉल अकादमी के पीछे गंदा पानी जमा होकर कई बार तालाब का रूप ले लेता है।
तेजली खेल परिसर में दो बास्केटबॉल कोर्ट, एथलेटिक्स मैदान, हैमर थ्रो रिंग, दो फुटबॉल मैदान, दो वॉलीबॉल मैदान, तीन लॉन टेनिस कोर्ट, एक बॉक्सिंग रिंग व शेड, एक मल्टीपर्पज हॉल और एक आवासीय अकादमी भवन जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रही हैं। करीब 65 एकड़ में फैले इस विशाल स्टेडियम की सुरक्षा का जिम्मा केवल एक सिक्योरिटी गार्ड पर है, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से तैनात है।
सुरक्षाकर्मियों के लिए विभाग को लिखा : शिल्पा
जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता ने बताया कि फिलहाल स्टेडियम में केवल एक सिक्योरिटी गार्ड एचकेआरएन के माध्यम से तैनात है। स्टेडियम में चार से पांच गार्ड की आवश्यकता है और इसके लिए मुख्यायल को लिखा गया है। स्टेडियम में खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए एस्टीमेट आने के बाद दुरुस्त कराया जाएगा।

तेजली खेल स्टेडियम में टूटा पड़ा पेड़।- फोटो : दुकान पर हुई तोड़फोड़ की घटना की जांच करती पुलिस।

तेजली खेल स्टेडियम में टूटा पड़ा पेड़।- फोटो : दुकान पर हुई तोड़फोड़ की घटना की जांच करती पुलिस।

तेजली खेल स्टेडियम में टूटा पड़ा पेड़।- फोटो : दुकान पर हुई तोड़फोड़ की घटना की जांच करती पुलिस।