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गंदे पानी से लोग बीमार, मचा हाहाकार
ब्ूयरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Mon, 08 Jun 2015 12:18 AM IST
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छोटी लाइन व संतनगर में गंदा पानी पीकर चार बच्चों सहित दर्जनभर लोग बीमार पड़ गए हैं। यह हालात डेढ़ माह से क्षेत्र के करीब 500 घरों में हो रही दूषित पानी की सप्लाई के कारण बने हैं। क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय अधिकारियों से लेकर पंचकूला हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की, मगर समाधान नहीं हुआ। नागरिकों ने सरकारी नलों का पानी पीना बंद कर दिया है और उन्हें हैंड पंपों का शोरायुक्त पानी पीने से भी बीमारी का खतरा सता रहा है।
संतनगर के पंकज नारंग, सतीश कुमार, मुकेश, अंकित, गोल्डी, राजिंद्र सेठ, सुनील कुमार, हर्ष, अमित, मोहित ने बताया कि छोटी लाइन व संतनगर तथा आसपास के करीब 500 घरों में डेढ़ माह से पानी में रेत व मिट्टी आ रही है। इससे क्षेत्र की करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित है।
कई बच्चों सहित बड़ों के बीमार पड़ने पर लोगों ने सरकारी नलों से पानी पीना बंद कर दिया है। अब क्षेत्रवासी हैंड पेंपों के शोरायुक्त पानी से ही काम चला रहे हैं, लेकिन इसे पीते समय भी लोगों को बीमारी का भय बना हुआ है।
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ये पड़े बीमार
संत नगर में डेढ़ वर्षीय पारुल, तीन वर्षीय मेहक, सात वर्षीय प्रेम व तीन वर्षीय दक्ष, पीयुश ओबराय व उसकी मां कविता गंदा पानी पीने के बाद बीमार पड़ गए हैं। इन्हें पेट में दर्द के बाद उल्टी व दस्त की शिकायत हुई। करीब एक सप्ताह से उक्त सभी इसकी दवा ले रहे हैं। इसके अलावा छोटी लाइन में भी अन्य कई लोग गंदा पानी पीने से बीमार पड़े हैं। क्षेत्रवासियों की मानें तो लोग मजबूरी में गंदा पानी पीने से बीमार पड़ रहे हैं। डेढ़ माह से विभाग उन्हें स्वच्छ जल की एक बूंद भी नहीं दे पाया है, जबकि दावा प्रति व्यक्ति 135 लीटर स्वच्छ जल मुहैया कराने का किया जाता है। विभाग की ओर से क्षेत्र में पानी के टैंक भी नहीं भेजे जा रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों में विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति रोष है।
...तो क्या जान जाने पर जागेगा विभाग?
संतनगर निवासी अशोक ओबराय ने कहा कि वह जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग के स्थानीय अधिकारियों के अलावा पंचकूला हेल्पलाइन पर भी कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर क्षेत्रवासियों ने थापर कॉलोनी स्थित एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बावजूद क्षेत्र में करीब 500 घरों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। इससे कई घरों में लोग मजबूरन गंदा पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं, ऐसे में समझ नहीं हा रहा है कि क्या विभाग किसी की जान जाने पर ही जागेगा।
मेहमान को भी नहीं पानी
संतनगर की रजनी, सुनीता, बिमला, रानी ने कहा कि बिन पानी घर के कामकाज भी नहीं हो पा रहे हैं। नहाने, कपड़े-बर्तन धोने के अलावा घर की सफाई भी सही तरह से नहीं हो पाती। बच्चों के स्कूल की छुट्टियां हो गई हैं और मेहमानों का आना-जाना रहता है। ऐसे में उन्हें पिलाने के लिए घर पर पानी भी न होता, जिससे शर्मिंदगी महसूस होती है।
एक ट्यूबवेल में खराबी चल रही है। इस कारण यह दिक्कत है। दूसरे ट्यूबवेल से सप्लाई के कारण पानी धीमी गति से आ रहा है, लेकिन वह साफ है। अगर फिर भी कहीं पानी में रेत-मिट्टी आ रही है, तो समाधान किया जाएगा।
सुमित गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग।
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संतनगर के पंकज नारंग, सतीश कुमार, मुकेश, अंकित, गोल्डी, राजिंद्र सेठ, सुनील कुमार, हर्ष, अमित, मोहित ने बताया कि छोटी लाइन व संतनगर तथा आसपास के करीब 500 घरों में डेढ़ माह से पानी में रेत व मिट्टी आ रही है। इससे क्षेत्र की करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित है।
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कई बच्चों सहित बड़ों के बीमार पड़ने पर लोगों ने सरकारी नलों से पानी पीना बंद कर दिया है। अब क्षेत्रवासी हैंड पेंपों के शोरायुक्त पानी से ही काम चला रहे हैं, लेकिन इसे पीते समय भी लोगों को बीमारी का भय बना हुआ है।
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ये पड़े बीमार
संत नगर में डेढ़ वर्षीय पारुल, तीन वर्षीय मेहक, सात वर्षीय प्रेम व तीन वर्षीय दक्ष, पीयुश ओबराय व उसकी मां कविता गंदा पानी पीने के बाद बीमार पड़ गए हैं। इन्हें पेट में दर्द के बाद उल्टी व दस्त की शिकायत हुई। करीब एक सप्ताह से उक्त सभी इसकी दवा ले रहे हैं। इसके अलावा छोटी लाइन में भी अन्य कई लोग गंदा पानी पीने से बीमार पड़े हैं। क्षेत्रवासियों की मानें तो लोग मजबूरी में गंदा पानी पीने से बीमार पड़ रहे हैं। डेढ़ माह से विभाग उन्हें स्वच्छ जल की एक बूंद भी नहीं दे पाया है, जबकि दावा प्रति व्यक्ति 135 लीटर स्वच्छ जल मुहैया कराने का किया जाता है। विभाग की ओर से क्षेत्र में पानी के टैंक भी नहीं भेजे जा रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों में विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति रोष है।
...तो क्या जान जाने पर जागेगा विभाग?
संतनगर निवासी अशोक ओबराय ने कहा कि वह जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग के स्थानीय अधिकारियों के अलावा पंचकूला हेल्पलाइन पर भी कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर क्षेत्रवासियों ने थापर कॉलोनी स्थित एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बावजूद क्षेत्र में करीब 500 घरों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। इससे कई घरों में लोग मजबूरन गंदा पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं, ऐसे में समझ नहीं हा रहा है कि क्या विभाग किसी की जान जाने पर ही जागेगा।
मेहमान को भी नहीं पानी
संतनगर की रजनी, सुनीता, बिमला, रानी ने कहा कि बिन पानी घर के कामकाज भी नहीं हो पा रहे हैं। नहाने, कपड़े-बर्तन धोने के अलावा घर की सफाई भी सही तरह से नहीं हो पाती। बच्चों के स्कूल की छुट्टियां हो गई हैं और मेहमानों का आना-जाना रहता है। ऐसे में उन्हें पिलाने के लिए घर पर पानी भी न होता, जिससे शर्मिंदगी महसूस होती है।
एक ट्यूबवेल में खराबी चल रही है। इस कारण यह दिक्कत है। दूसरे ट्यूबवेल से सप्लाई के कारण पानी धीमी गति से आ रहा है, लेकिन वह साफ है। अगर फिर भी कहीं पानी में रेत-मिट्टी आ रही है, तो समाधान किया जाएगा।
सुमित गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग।