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पश्चिमी यमुना नहर को गंदा करने पर उतारू रेलवे
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Tue, 21 Jul 2015 12:23 AM IST
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ताजेवाला से यमुना नदी के हिस्से के रूप में शहर से होकर गुजर रही पश्चिमी यमुना नहर को रेलवे भी गंदा करने जा रहा है। योजना जगाधरी रेलवे स्टेशन के कार्यालयों, कैंटीनों व ट्रैक से पानी की निकासी के लिए सीवर लाइन डालने की है। रेलवे अधिकारी इसमें सिर्फ बरसाती पानी जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन इससे पश्चिमी यमुना नहर का जल दूषित होना लाजमी है। बावजूद इसके न तो रेलवे को इसकी कोई परवाह है और न प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व सिंचाई विभाग कोई कार्रवाई करते दिख रहे हैं।
बता दें कि रेलवे की ओर से जगाधरी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-1 व 2 के बीच ट्रैक के बीच माहभर से अंडरग्राउंड नाले का काम चल रहा है। इसमें रेलवे स्टेशन के कार्यालयों, कैंटीनों व ट्रैक से पानी निकासी की दिक्कत दूर होगी। लेकिन प्रोजेक्ट के तहत नाले को सीधे पश्चिमी यमुना नहर से जोड़ दिया गया है। इससे नाले का पानी सीधे नहर में गिरेगा और जल दूषित होगा।
फिलहाल नाला अंडर कंस्ट्रक्शन है और रेलवे अधिकारी इसमें सिर्फ बरसाती पानी के जाने की बात कह रहे हैं। किंतु प्रोजेक्ट के पूरा होते ही बरसाती के पानी में मिलकर रोजाना गंदा पानी नहर में जाना स्वाभाविक है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सीधे तौर पर नदी व नहर में कोई भी सीवर लाइन व नाला नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके पानी को ट्रीट करने के बाद ही जल स्त्रोत में छोड़े जाने का प्रावधान है। लेकिन रेलवे ने नाले को सीधे यमुना नहर में जोड़ दिया है और मौजूदा समय में नाले से कुछ मात्रा में पानी नहर में जाने भी लगा है।
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सिंचाई विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करे कार्रवाई
पश्चिमी यमुना नहर को स्वच्छ रखने के लिए कई समाजसेवी संस्थाएं यमुना बचाओ सेवा समिति व यमुना मैया बचाओ संस्था व अन्य संगठन आगे आकर गंगा की तर्ज पर इसे साफ-सुथरा रखने की मांग कर रहे हैं। उधर, शहर में तीन स्थानों पर यमुना नहर में नाले गिर रहे हैं, इसी तरह रेलवे भी नहर को दूषित करने पर उतारू है। यमुना बचाओ सेवा समिति के किरण पाल (कनालसी) यमुना मैया बचाओ संस्था के महेंद्र कुमार मित्तल ने कहा कि यमुना नहर में नाले-सीवरेज का दूषित पानी छोड़ा जाना किसी भी सूरत में सही नहीं है। इस संबंध में सिंचाई विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई करनी चाहिए। अगर जल्द किसी ने सुध नहीं ली तो स्थानीय लोगों की मदद से यमुना पर सफाई अभियान चलाएंगे।
अंडरग्राउंड नाला ट्रैक व आसपास बरसाती पानी जमा न हो, इसलिए बनाया जा रहा है। जहां तक बात नाले को यमुना नहर से जोड़े जाने की है, इस बारे में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से बात करें। मैं इस संबंध में कुछ कह नहीं सकता। फिलहाल सीवर लाइन निर्माणाधीन है जिसका कार्य एक-दो सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
आरके राणा, स्टेशन अधीक्षक, जगाधरी रेलवे स्टेशन।
मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो चेक कराते हैं। अगर गंदगी युक्त पानी नहर में छोड़ा जाता है, तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जेबी शर्मा, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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बता दें कि रेलवे की ओर से जगाधरी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-1 व 2 के बीच ट्रैक के बीच माहभर से अंडरग्राउंड नाले का काम चल रहा है। इसमें रेलवे स्टेशन के कार्यालयों, कैंटीनों व ट्रैक से पानी निकासी की दिक्कत दूर होगी। लेकिन प्रोजेक्ट के तहत नाले को सीधे पश्चिमी यमुना नहर से जोड़ दिया गया है। इससे नाले का पानी सीधे नहर में गिरेगा और जल दूषित होगा।
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फिलहाल नाला अंडर कंस्ट्रक्शन है और रेलवे अधिकारी इसमें सिर्फ बरसाती पानी के जाने की बात कह रहे हैं। किंतु प्रोजेक्ट के पूरा होते ही बरसाती के पानी में मिलकर रोजाना गंदा पानी नहर में जाना स्वाभाविक है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सीधे तौर पर नदी व नहर में कोई भी सीवर लाइन व नाला नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके पानी को ट्रीट करने के बाद ही जल स्त्रोत में छोड़े जाने का प्रावधान है। लेकिन रेलवे ने नाले को सीधे यमुना नहर में जोड़ दिया है और मौजूदा समय में नाले से कुछ मात्रा में पानी नहर में जाने भी लगा है।
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सिंचाई विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करे कार्रवाई
पश्चिमी यमुना नहर को स्वच्छ रखने के लिए कई समाजसेवी संस्थाएं यमुना बचाओ सेवा समिति व यमुना मैया बचाओ संस्था व अन्य संगठन आगे आकर गंगा की तर्ज पर इसे साफ-सुथरा रखने की मांग कर रहे हैं। उधर, शहर में तीन स्थानों पर यमुना नहर में नाले गिर रहे हैं, इसी तरह रेलवे भी नहर को दूषित करने पर उतारू है। यमुना बचाओ सेवा समिति के किरण पाल (कनालसी) यमुना मैया बचाओ संस्था के महेंद्र कुमार मित्तल ने कहा कि यमुना नहर में नाले-सीवरेज का दूषित पानी छोड़ा जाना किसी भी सूरत में सही नहीं है। इस संबंध में सिंचाई विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई करनी चाहिए। अगर जल्द किसी ने सुध नहीं ली तो स्थानीय लोगों की मदद से यमुना पर सफाई अभियान चलाएंगे।
अंडरग्राउंड नाला ट्रैक व आसपास बरसाती पानी जमा न हो, इसलिए बनाया जा रहा है। जहां तक बात नाले को यमुना नहर से जोड़े जाने की है, इस बारे में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से बात करें। मैं इस संबंध में कुछ कह नहीं सकता। फिलहाल सीवर लाइन निर्माणाधीन है जिसका कार्य एक-दो सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
आरके राणा, स्टेशन अधीक्षक, जगाधरी रेलवे स्टेशन।
मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो चेक कराते हैं। अगर गंदगी युक्त पानी नहर में छोड़ा जाता है, तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जेबी शर्मा, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।