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Yamuna Nagar News: नागरिक अस्पताल में कुत्तों का आतंक
Thu, 27 Jun 2024 06:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 27 Jun 2024 06:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आवारा कुत्ते बेधड़क घूम रहे हैं, जिससे यहां आने वाले मरीजों व तीमारदारों को खतरा बना रहता है। ये कुत्ते न केवल अस्पताल परिसर के बाहर बल्कि भीतर भी आराम से पसरे रहते हैं।
अस्पताल में ओपीडी की पर्ची कटने से लेकर डॉक्टरों की ओपीडी, दवा काउंटर से लेकर महिला वार्ड के पास तक कुत्ते बड़े आराम से दिनभर चक्कर काटते रहते हैं। अस्पताल की तरफ से भी इन कुत्तों को अंदर आने से रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं है।
जिला अस्पताल में रोजाना 1500 से 1800 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल में सुबह से दोपहर तक बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में लावारिस कुत्ते अस्पताल में बड़े आराम से बैठे रहते हैं। अस्पताल में एंट्री करते ही सबसे पहले गेट के पास कुत्ते मरीजों का स्वागत करते हैं। यदि किसी मरीज की गलती से आंख लग जाए तो कुत्ते उसका सामान उठाकर भाग जाते हैं। अस्पताल का स्टाफ भी इन्हें देख कर आगे बढ़ जाता है, लेकिन कोई भी कुत्तों को बाहर भगाने की जहमत नहीं उठाता।
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स्ट्रेचर भी दुरुस्त नहीं ःअस्पताल में जिन स्ट्रेचर पर मरीजों को एंबुलेंस से उतार कर उपचार के लिए ले जाया जाता है वह भी ठीक नहीं है। स्ट्रेचर के पहिये कब निकल जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। अचानक पहिया निकलने से मरीज को भी जोर का झटका लगता है जिससे उसकी तबीयत पहले से ज्यादा खराब हो सकती है। वहीं अस्पताल परिसर में लगाई गई इंटरलॉक टाइलें उबड़-खाबड़ हैं।
जिन पर स्ट्रेचर के मरीज को लेटाकर चलना इतना आसान नहीं है। यदि अस्पताल से मरीज को स्ट्रेचर पर लेटाकर सीटी स्कैन के लिए ले जाना पड़ जाए तो मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ती है।
उधर 105 करोड़ रुपये से 200 बेड के जिला अस्पताल का नया भवन पिछले साल ही बनकर तैयार हुआ था। अस्पताल परिसर में तीन जगह पार्किंग की जगह पर शेड लगाए गए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय के सामने लगा पार्किंग शेड अब से पहले टूट भी गया है। शेड को लकड़ी फंसा कर अटकाया है। ए, बी ब्लॉक के बीच जहां पर वाटर कूलर रखा है उसके पास ही वेस्ट वाटर के पाइप के पास लगी जाली टूटी है।
नगर निगम की जिम्मेदारी है कुत्तों को पकड़ना : मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि एसकेएस की बैठक में नगर निगम के अधिकारियों को अस्पताल परिसर में घूम रहे कुत्तों का मुद्दा उठाया था परंतु उन्होंने कुत्ते पकड़ने से मना कर दिया। उल्टा वह यह कहते हैं कि गाइडलाइन के अनुसार नसबंदी के बाद कुत्तों को वहीं छोड़ना पड़ता है जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आवारा कुत्ते बेधड़क घूम रहे हैं, जिससे यहां आने वाले मरीजों व तीमारदारों को खतरा बना रहता है। ये कुत्ते न केवल अस्पताल परिसर के बाहर बल्कि भीतर भी आराम से पसरे रहते हैं।
अस्पताल में ओपीडी की पर्ची कटने से लेकर डॉक्टरों की ओपीडी, दवा काउंटर से लेकर महिला वार्ड के पास तक कुत्ते बड़े आराम से दिनभर चक्कर काटते रहते हैं। अस्पताल की तरफ से भी इन कुत्तों को अंदर आने से रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं है।
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जिला अस्पताल में रोजाना 1500 से 1800 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल में सुबह से दोपहर तक बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में लावारिस कुत्ते अस्पताल में बड़े आराम से बैठे रहते हैं। अस्पताल में एंट्री करते ही सबसे पहले गेट के पास कुत्ते मरीजों का स्वागत करते हैं। यदि किसी मरीज की गलती से आंख लग जाए तो कुत्ते उसका सामान उठाकर भाग जाते हैं। अस्पताल का स्टाफ भी इन्हें देख कर आगे बढ़ जाता है, लेकिन कोई भी कुत्तों को बाहर भगाने की जहमत नहीं उठाता।
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स्ट्रेचर भी दुरुस्त नहीं ःअस्पताल में जिन स्ट्रेचर पर मरीजों को एंबुलेंस से उतार कर उपचार के लिए ले जाया जाता है वह भी ठीक नहीं है। स्ट्रेचर के पहिये कब निकल जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। अचानक पहिया निकलने से मरीज को भी जोर का झटका लगता है जिससे उसकी तबीयत पहले से ज्यादा खराब हो सकती है। वहीं अस्पताल परिसर में लगाई गई इंटरलॉक टाइलें उबड़-खाबड़ हैं।
जिन पर स्ट्रेचर के मरीज को लेटाकर चलना इतना आसान नहीं है। यदि अस्पताल से मरीज को स्ट्रेचर पर लेटाकर सीटी स्कैन के लिए ले जाना पड़ जाए तो मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ती है।
उधर 105 करोड़ रुपये से 200 बेड के जिला अस्पताल का नया भवन पिछले साल ही बनकर तैयार हुआ था। अस्पताल परिसर में तीन जगह पार्किंग की जगह पर शेड लगाए गए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय के सामने लगा पार्किंग शेड अब से पहले टूट भी गया है। शेड को लकड़ी फंसा कर अटकाया है। ए, बी ब्लॉक के बीच जहां पर वाटर कूलर रखा है उसके पास ही वेस्ट वाटर के पाइप के पास लगी जाली टूटी है।
नगर निगम की जिम्मेदारी है कुत्तों को पकड़ना : मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि एसकेएस की बैठक में नगर निगम के अधिकारियों को अस्पताल परिसर में घूम रहे कुत्तों का मुद्दा उठाया था परंतु उन्होंने कुत्ते पकड़ने से मना कर दिया। उल्टा वह यह कहते हैं कि गाइडलाइन के अनुसार नसबंदी के बाद कुत्तों को वहीं छोड़ना पड़ता है जहां से उन्हें पकड़ा गया था।