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मांगों को लेकर एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे चिकित्सक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 12:54 AM IST
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Doctors will be on one day strike for demands
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच चिकित्सकों की हड़ताल ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। मंगलवार को जिले के सभी सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे, जिसके चलते ओपीडी बंद रहेगी। वहीं चिकित्सकों ने घोषणा की यदि 13 जनवरी तक उनकी मांगें न मानी गई, तो वे 14 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। चिकित्सकों ने किसी भी मरीज की स्वास्थ्य जांच न करने की घोषणा की है, जबकि आपातकालीन सेवाएं व पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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जिले के सभी सरकारी चिकित्सक हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल पर रहेंगे। एचसीएमए के प्रधान डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) की सीधी भर्ती पर रोक, विशेषज्ञ कैडर बनाने और स्नातकोत्तर नीति में संशोधन की मांग न माने जाने को लेकर चिकित्सकों में रोष है। जिसके चलते एचसीएमए ने मंगलवार को हड़ताल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के जिले में करीब 80 चिकित्सक हैं। जो जिला नागरिक, उप नागरिक अस्पताल सहित जिले की पीएचसी, सीएचसी में सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. गोंदवाल ने कहा कि मंगलवार को चिकित्सक हाजिरी नहीं लगाएंगे और न ही मरीज देखेंगे। वहीं सिविल अस्पताल में एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन करेंगे। संगठन की ओर से सोमवार को पदाधिकारियों ने सिविल सर्जन को हड़ताल का नोटिस दिया है।
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डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि कोई चिकित्सक हड़ताल पर नहीं जाना चाहता है, लेकिन सरकार उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने बताया कि पांच दिसंबर को करनाल में प्रदेशभर के सरकारी चिकित्सकों की बैठक हुई थी। जिसमें 12 दिसंबर को प्रदेशभर में हड़ताल करने का निर्णय लिया गया था। परंतु 12 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से हुई बैठक थी, जिसमें मंत्री विज ने 31 दिसंबर तक मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। परंतु जनवरी के 10 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। डॉ. विपिन ने कहा कि 11 जनवरी को सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान यदि 13 जनवरी तक सरकार ने उनकी मांगे न मानी तो 14 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकट भरे दौर में सरकारी चिकित्सकों ने अपनी जान पर खेलकर लोगों की जान बचाई है। बावजूद इसके उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी से आपातकाली, ओपीडी सहित पोस्टमार्टम भी नहीं किया जाएगा।
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कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच सरकारी चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य विभाग सहित प्रशासन व सरकार के हाथ पांव फूल गए हैं। प्रशासनिक व विभाग के अधिकारी लगातार संगठन नेताओं को मनाने में जुटे हुए थे, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध पर चिकित्सक बुलाए हैं। सिविल सर्जन विजय दहिया ने बताया कि मंगलवार को सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। परंतु इस दौरान लोगों को ओपीडी में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध के आधार पर चिकित्सक बुलाए हैं। इसके अलावा पांच-पांच सामुदायिक केंद्र अधिकारी की नागरिक व उपनागरिक अस्पताल में वैकल्पिक ड्यूटी लगाई है।
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