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Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था अब निजी एजेंसी के हवाले
Fri, 03 Jul 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:24 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने अस्पतालों में सफाई व्यवस्था निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। मुख्यालय स्तर पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और संभावना है कि इसी माह से चयनित एजेंसी अस्पताल में सफाई का कार्य संभाल लेगी।
विभाग का मानना है कि पेशेवर एजेंसी के जिम्मा मिलने से सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और मरीजों व तीमारदारों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में जिला अस्पताल में सफाई का काम हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) के तहत लगे कर्मचारियों से कराया जा रहा है। लेकिन कर्मचारियों की कमी और प्रभावी निगरानी के अभाव के कारण अस्पताल में सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही।
कई वार्डों, गलियारों और सार्वजनिक स्थानों पर दिनभर कूड़ा जमा रहने और समय पर फर्श की सफाई नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर बदबू की शिकायत भी लगातार सामने आती रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह व्यवस्था केवल यमुनानगर तक सीमित नहीं रहेगी।
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पंचकूला, कुरुक्षेत्र, अंबाला, करनाल, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, सोनीपत और हिसार के जिला अस्पतालों में भी सफाई कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा। जिन अस्पतालों में स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं रही, वहां यह निर्णय लागू किया जा रहा है।
47 में से 20 कर्मचारी सफाई में लगे
जिला नागरिक अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के करीब 47 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से केवल 17 से 20 कर्मचारी ही नियमित रूप से सफाई कार्य में लगे हैं। शेष कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में लगाया गया है। कुछ कर्मचारी डाटा एंट्री का कार्य कर रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारियों के कार्यालयों में अन्य जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों पर नेताओं व प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में रहते हुए नियमित कार्य नहीं करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में उपलब्ध कर्मचारियों पर पूरे अस्पताल की सफाई का भार होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
निजी एजेंसी के सफाई कार्य की नियमित निगरानी संभव होगी और जवाबदेही भी तय होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल परिसर की स्वच्छता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर साफ-सुथरा वातावरण भी उपलब्ध हो सकेगा। - डॉ. दिव्या मंगला, कार्यवाहक सिविल सर्जन।
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यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने अस्पतालों में सफाई व्यवस्था निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। मुख्यालय स्तर पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और संभावना है कि इसी माह से चयनित एजेंसी अस्पताल में सफाई का कार्य संभाल लेगी।
विभाग का मानना है कि पेशेवर एजेंसी के जिम्मा मिलने से सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और मरीजों व तीमारदारों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में जिला अस्पताल में सफाई का काम हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) के तहत लगे कर्मचारियों से कराया जा रहा है। लेकिन कर्मचारियों की कमी और प्रभावी निगरानी के अभाव के कारण अस्पताल में सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही।
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कई वार्डों, गलियारों और सार्वजनिक स्थानों पर दिनभर कूड़ा जमा रहने और समय पर फर्श की सफाई नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर बदबू की शिकायत भी लगातार सामने आती रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह व्यवस्था केवल यमुनानगर तक सीमित नहीं रहेगी।
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पंचकूला, कुरुक्षेत्र, अंबाला, करनाल, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, सोनीपत और हिसार के जिला अस्पतालों में भी सफाई कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा। जिन अस्पतालों में स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं रही, वहां यह निर्णय लागू किया जा रहा है।
47 में से 20 कर्मचारी सफाई में लगे
जिला नागरिक अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के करीब 47 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से केवल 17 से 20 कर्मचारी ही नियमित रूप से सफाई कार्य में लगे हैं। शेष कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में लगाया गया है। कुछ कर्मचारी डाटा एंट्री का कार्य कर रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारियों के कार्यालयों में अन्य जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों पर नेताओं व प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में रहते हुए नियमित कार्य नहीं करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में उपलब्ध कर्मचारियों पर पूरे अस्पताल की सफाई का भार होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
निजी एजेंसी के सफाई कार्य की नियमित निगरानी संभव होगी और जवाबदेही भी तय होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल परिसर की स्वच्छता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर साफ-सुथरा वातावरण भी उपलब्ध हो सकेगा। - डॉ. दिव्या मंगला, कार्यवाहक सिविल सर्जन।