फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   District Consumer Commission

Yamuna Nagar News: दोषपूर्ण इन्वर्टर लेना होगा वापस, विक्रेता को लौटाने होंगे 88 हजार रुपये

Sat, 25 Apr 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 25 Apr 2026 12:24 AM IST
विज्ञापन
District Consumer Commission
जिला उपभोक्ता आयोग। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दोषपूर्ण सोलर इन्वर्टर और बैटरी के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए विक्रेता मसलग्रिड इंडिया को उपभोक्ता को कुल 88,292 रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11,000 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा, अन्यथा शिकायत दायर करने की तिथि से भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना पड़ेगा। आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि जगाधरी निवासी प्रदीप कुमार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोलर इन्वर्टर और बैटरी खरीदी थी।
विज्ञापन

उन्होंने 27 मार्च 2024 को 22,500 रुपये में सोलर इन्वर्टर और पांच अप्रैल 2024 को 65,792 रुपये में लिथियम सोलर बैटरी खरीदी थी। इन उत्पादों पर क्रमशः दो साल और पांच साल तक की वारंटी भी दी गई थी। डिलीवरी के बाद इन्हें शिकायतकर्ता के घर पर स्थापित किया गया और शुरुआती कुछ दिनों तक यह सही ढंग से काम करते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ समय बाद तकनीकी खराबी आने के कारण दोनों उत्पादों ने काम करना बंद कर दिया। शिकायतकर्ता ने कई बार ऑनलाइन और फोन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद विक्रेता ने उत्पाद बदलने के लिए शिकायतकर्ता को मेरठ स्थित गोदाम बुलाया। शिकायतकर्ता छह जुलाई 2024 को वाहन किराये पर लेकर मेरठ गया और खराब उत्पाद वापस कर दिए।
प्रदीप कुमार का आरोप है कि बदले में जो पैक्ड सामान दिया गया, वह घटिया गुणवत्ता का था और उस पर किसी कंपनी का लोगो या बैच नंबर भी नहीं था। घर पहुंच कर पैकेट खोलने पर इसका पता चला। इसके बाद भी विक्रेता ने शिकायत का समाधान नहीं किया और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए टालमटोल करता रहा। इस पर 27 सितंबर 2024 को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।
मामले में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह केवल एक मध्यस्थ है, जो स्वतंत्र विक्रेताओं और खरीदारों के बीच लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की गुणवत्ता, वारंटी और सेवा की जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होती है।
आयोग ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए फ्लिपकार्ट के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया। वहीं विक्रेता मसलग्रिड इंडिया ने समय पर लिखित जवाब दाखिल नहीं दिया और आयोग के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष भी नहीं रखा। आयोग ने माना कि विक्रेता का यह रवैया लापरवाही, सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार को दर्शाता है।
रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों और शिकायतकर्ता के साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने पाया कि उत्पाद खरीद के पांच-छह महीनों के भीतर ही खराब हो गए थे और विक्रेता ने शिकायत के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आयोग ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में केवल उत्पाद की मरम्मत या बदलना पर्याप्त नहीं है।

उपभोक्ता पहले ही काफी समय और धन का नुकसान उठा चुका है। इसलिए उपभोक्ता को उत्पाद की पूरी लागत वापस मिलनी चाहिए। आदेश में कहा गया है कि शिकायतकर्ता दोषपूर्ण इन्वर्टर और बैटरी को विक्रेता को लौटाएगा, जिसके बाद विक्रेता उसे 22,500 रुपये (इन्वर्टर) और 65,792 रुपये (बैटरी) वापस करेगा। साथ ही 11,000 रुपये अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed