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Yamuna Nagar News: पश्चिमी यमुना नहर में छोड़ा जा रहा गंदा पानी
Wed, 04 Sep 2024 06:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 04 Sep 2024 06:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद भी शहर का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट किए सीधे पश्चिमी यमुना नहर में छोड़ा जा रहा है। यह नजारा नहर की पटरी पर ओपी जिंदल पार्क समीप पंपिंग स्टेशन के ठीक सामने हैं, जहां पाइप के जरिये गंदा पानी सीधे नहर में गिर रहा है।
एनजीटी के आदेश हैं कि नहर में बिना ट्रीट किए गंदा पानी ना गिराया जाए। एनजीटी के आदेश पर नगर निगम ने नहर में सीधे गिरते नालों को डायवर्ट कर पंपिंग स्टेशन से जोड़ा है। यहीं से गंदा पानी सीधे नहर में गिराया जा रहा है। यह पंपिंग स्टेशन जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के अंतर्गत है, जिसके अफसर नहर में गंदा पानी गिराए जाने से अंजान बने हुए हैं।
शांति कॉलोनी व आजाद नगर से दो नाले डायवर्ट कर नगर निगम की ओर से जिंदल पार्क के पास स्थित पंपिंग स्टेशन से जोड़े गए। इसके लिए पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते 1200 एमएम के पाइप बिछाए गए। इस काम पर करीब 77 लाख रुपये खर्चे गए। मकसद था कि नालों का गंदा पानी सीधे नहर में न जाए।
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वहीं पंपिंग स्टेशन के ठीक सामने पाइप निकाल नहर की ओर खोल दिया गया। इस पाइप से पंपिंग स्टेशन से रात तो कभी दिन में भी गंदा पानी सीधे नहर में छोड़ दिया जाता है। वहीं नियमानुसार पंपिंग स्टेशन से गंदे पानी को बाडी माजरा एसटीपी तक भेजने का प्रावधान है, जहां गंदे पानी को ट्रीट किया जाता है, लेकिन बिना ट्रीट किए पंपिंग स्टेशन से ही नहर में गंदा पानी गिराया जा रहा है।
आसपास के लोगों से पता चला कि पंपिंग स्टेशन से लगातार गंदा पानी नहर में गिराया जा रहा है। इस पर जम टीम सोमवार दोपहर मौके पर पहुंची। यहां पंपिंग स्टेशन के सामने पाइप से नहर में गंदे पानी गिरता पाया। इसकी तस्वीर व वीडियो मोबाइल से कैद की गई तो पंपिंग स्टेशन में मौजूद स्टाफ ने तुरंत नहर में गंदा पानी गिराना बंद कर दिया।
आस्था को पहुंच रही ठेस
शहर के चिराग सिंघल, राहुल भान, विकास जैन ने कहा कि नालों को डायवर्ट करने का कोई लाभ नहीं, क्योंकि जिस पंपिंग स्टेशन से नाले जोड़े गए, वहां से ही गंदा पानी सीधे नहर में गिराया जा रहा है। गंदा पानी एसटीपी में ट्रीट किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा न होने से लगातार यमुना नहर के जल को दूषित किया जा रहा है। इससे यमुना में रह रहे जीवों को नुकसान हो रहा है, वहीं यमुना नहर पर तीज-त्योहारों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाई जा रही है।
पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन दिनेश गाबा से सीधी बात
सवाल- पंपिंग स्टेशन के सामने पाइप से नहर में गंदा पानी गिराया जा रहा है।
जवाब- यह पाइप सिर्फ बारिश के दौरान इस्तेमाल होता है।
सवाल- क्या बिना ट्रीट इस तरह पानी को नहर में छोड़ा जा सकता है?
जवाब- केवल भारी बारिश होने पर ही ऐसा करते हैं। सामान्य दिनों में नहीं।
सवाल- जब ऐसी तस्वीरें ली गईं, उस दिनब बारिश नहीं थी?
जवाब- इस बारे में पता करेंगे।
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यमुनानगर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद भी शहर का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट किए सीधे पश्चिमी यमुना नहर में छोड़ा जा रहा है। यह नजारा नहर की पटरी पर ओपी जिंदल पार्क समीप पंपिंग स्टेशन के ठीक सामने हैं, जहां पाइप के जरिये गंदा पानी सीधे नहर में गिर रहा है।
एनजीटी के आदेश हैं कि नहर में बिना ट्रीट किए गंदा पानी ना गिराया जाए। एनजीटी के आदेश पर नगर निगम ने नहर में सीधे गिरते नालों को डायवर्ट कर पंपिंग स्टेशन से जोड़ा है। यहीं से गंदा पानी सीधे नहर में गिराया जा रहा है। यह पंपिंग स्टेशन जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के अंतर्गत है, जिसके अफसर नहर में गंदा पानी गिराए जाने से अंजान बने हुए हैं।
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शांति कॉलोनी व आजाद नगर से दो नाले डायवर्ट कर नगर निगम की ओर से जिंदल पार्क के पास स्थित पंपिंग स्टेशन से जोड़े गए। इसके लिए पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते 1200 एमएम के पाइप बिछाए गए। इस काम पर करीब 77 लाख रुपये खर्चे गए। मकसद था कि नालों का गंदा पानी सीधे नहर में न जाए।
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वहीं पंपिंग स्टेशन के ठीक सामने पाइप निकाल नहर की ओर खोल दिया गया। इस पाइप से पंपिंग स्टेशन से रात तो कभी दिन में भी गंदा पानी सीधे नहर में छोड़ दिया जाता है। वहीं नियमानुसार पंपिंग स्टेशन से गंदे पानी को बाडी माजरा एसटीपी तक भेजने का प्रावधान है, जहां गंदे पानी को ट्रीट किया जाता है, लेकिन बिना ट्रीट किए पंपिंग स्टेशन से ही नहर में गंदा पानी गिराया जा रहा है।
आसपास के लोगों से पता चला कि पंपिंग स्टेशन से लगातार गंदा पानी नहर में गिराया जा रहा है। इस पर जम टीम सोमवार दोपहर मौके पर पहुंची। यहां पंपिंग स्टेशन के सामने पाइप से नहर में गंदे पानी गिरता पाया। इसकी तस्वीर व वीडियो मोबाइल से कैद की गई तो पंपिंग स्टेशन में मौजूद स्टाफ ने तुरंत नहर में गंदा पानी गिराना बंद कर दिया।
आस्था को पहुंच रही ठेस
शहर के चिराग सिंघल, राहुल भान, विकास जैन ने कहा कि नालों को डायवर्ट करने का कोई लाभ नहीं, क्योंकि जिस पंपिंग स्टेशन से नाले जोड़े गए, वहां से ही गंदा पानी सीधे नहर में गिराया जा रहा है। गंदा पानी एसटीपी में ट्रीट किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा न होने से लगातार यमुना नहर के जल को दूषित किया जा रहा है। इससे यमुना में रह रहे जीवों को नुकसान हो रहा है, वहीं यमुना नहर पर तीज-त्योहारों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाई जा रही है।
पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन दिनेश गाबा से सीधी बात
सवाल- पंपिंग स्टेशन के सामने पाइप से नहर में गंदा पानी गिराया जा रहा है।
जवाब- यह पाइप सिर्फ बारिश के दौरान इस्तेमाल होता है।
सवाल- क्या बिना ट्रीट इस तरह पानी को नहर में छोड़ा जा सकता है?
जवाब- केवल भारी बारिश होने पर ही ऐसा करते हैं। सामान्य दिनों में नहीं।
सवाल- जब ऐसी तस्वीरें ली गईं, उस दिनब बारिश नहीं थी?
जवाब- इस बारे में पता करेंगे।