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Yamuna Nagar News: नारा लेखन में डिंपी और पोस्टर बनाने में शगुन ने मारी बाजी
Thu, 18 Sep 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 18 Sep 2025 06:03 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान मौजूद मुख्य अतिथि, स्टाफ व छात्राएं। संस्थान
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यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज के वुमेन सेल, यूथ रेडक्राॅस सेंटर व रेड रिबन क्लब की ओर से थैलेसीमिया व एचआईवी एड्स पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। इसमें नियो मेडिकेयर चिल्ड्रन अस्पताल की डॉ. नम्रता भाटिया, इनरव्हील क्लब की प्रेसिडेंट स्वीटी आनंद, सिविल अस्पताल में थैलेसीमिया प्रोजेक्ट चेयरमैन पारूल खन्ना, भाग फाउंडेशन के सचिव अभिनव थापर ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इस दौरान कई प्रतियोगिताएं कराई गई। इस अवसर पर स्लोगन राइटिंग में बीए द्वितीय वर्ष की डिंपी ने पहला, बीएससी फिजिकल साइंस प्रथम वर्ष की दिव्या ने दूसरा, तृप्ति ने तीसरा तथा पंखुनी को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया। पोस्टर मेकिंग में बीएससी फिजिकल साइंस प्रथम वर्ष की शगुन ने पहला, बीएससी कंप्यूटर साइंस तृतीय वर्ष की दविंद्र ने दूसरा तथा बीएससी कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष की कीर्ति ने तीसरा अर्जित किया। बीए अर्थशास्त्र ऑनर्स द्वितीय वर्ष की वासुकी को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।
नियो मेडिकेयर चिल्ड्रन अस्पताल की डॉ नम्रता भाटिया ने माइनर व मेजर थैलेसीमिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शादी से पहले कुंडली मिलान के साथ अगर युवा थैलेसीमिया की भी जांच करवा लें तो आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। उन्होंने एचआईवी एड्स से बचाव के लिए छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कि एड्स वास्तव में कोई बीमारी नहीं है बल्कि एचआईवी के संक्रमण के बाद जब रोगी व्यक्ति छोटी-छोटी बीमारियों से लड़ने की शारीरिक क्षमता भी खो देता है। संवाद
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नियो मेडिकेयर चिल्ड्रन अस्पताल की डॉ नम्रता भाटिया ने माइनर व मेजर थैलेसीमिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शादी से पहले कुंडली मिलान के साथ अगर युवा थैलेसीमिया की भी जांच करवा लें तो आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। उन्होंने एचआईवी एड्स से बचाव के लिए छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कि एड्स वास्तव में कोई बीमारी नहीं है बल्कि एचआईवी के संक्रमण के बाद जब रोगी व्यक्ति छोटी-छोटी बीमारियों से लड़ने की शारीरिक क्षमता भी खो देता है। संवाद
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