{"_id":"5db34c908ebc3e013371e2b8","slug":"dhantersh-yamuna-nagar-news-knl96720108","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़, औसतन रहा धंधा, आसमान पर सोने के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़, औसतन रहा धंधा, आसमान पर सोने के दाम
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जगाधरी के बाजार स्थित दुकान में खरीदारी करते लोग।
- फोटो : Yamuna Nagar
धनतेरस पर शुक्रवार को शहर के बाजारों में खूब रौनक रही। खरीदारी करने के लिए बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान लोगों ने सोना-चांदी, स्टील व पीतल के बर्तन व आभूषण खरीदें। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदारों ने खरीद पर उपहार, ईएमआई सहित अन्य स्कीम दे रहे थे। जिसका लोगों ने पूरा लाभ उठाया। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे फेस्टिवल स्पेशल सेल लगाई थी। इस दौरान विक्रेता युवक चिल्ला-चिल्ल कर हर माल सौ रुपये, 150 रुपये की आवाजें लगा रहे थे। धनतेरस के लिए एक रात पहली ही दुकानदारों ने तैयारी कर रखी थी। ताकि सुबह दुकान खोलते ही दुकानदारी की जा सके। लोगों ने बाजार में सेल का खूब लाभ उठाया। सुबह ही बाजार में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। दोपहर होते-होते बाजार में भीड़ होने लगी। शाम को बाजार में भारी भीड़ के कारण जाम की स्थिति पैैदा हो गई। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्टेशन से भगत सिंह चौक आने में लग गया आधा घंटा
धनतेरस पर बाजारों में भारी भीड़ रही। वहीं हजारों वाहन सड़कों पर होने से जाम की स्थिति पैदा हो गई। शाम होते होते भीड़ इतनी बढ़ गई की, पैदल लोगों को भी बार-बार रूकना पड़ा। शुक्रवार शाम पांच बजे रेलवे स्टेशन से भगत सिंह चौक आने में आधा घंटा लग गया। जबकि वाहन से इसकी दूरी मात्र छह मिनट की है।
चांदी के गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियों व सिक्कों की रही मांग
धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल खरीदने की परंपरा है। शुक्रवार को भी लोगों ने परंपरा अनुसार सोने, चांदी इत्यादि की खरीद की। जगाधरी की इंदिरा मार्केट स्थित अशोक ज्वेलर्स के संचालक हरीश वर्मा ने बताया कि दिवाली धनतेरस से शुरू हो जाती है। इसदिन खरीदारी की जाती है। शुक्रवार को धनतेरस पर लोगों में सबसे ज्यादा मांग सोने चांदी के लक्ष्मी गणेश वाले सिक्के और मूर्तियां की रही। इस बार लोगों ने आभूषण से ज्यादा सिक्कों व मूर्तियों को तवज्जों दी।
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सोना पहुंचा चालीस के पास
दिन प्रतिदिन सोने के दाम आसमान छूते जा रहे हैं। शुक्रवार को सोना अब तक के सबसे ऊंचे दाम पर ब्रिका। शुक्रवार को सोना 38 हजार नौ सौ रुपये प्रति दस ग्राम बिका। वहीं चांदी 488 रुपये प्रति तोला बिकी। व्यापारियों का मानना है कि दिवाली तक सोने के दाम में और उछाल आ सकता है।
इलेक्ट्रानिक्स आइटम की हुई खरीदारी
धनतेरस पर इलेक्ट्रानिक्स शॉप पर भी लोगों की भारी भीड़ रही। शहर में इलेक्ट्रानिक्स की करीब 60 मुख्य दुकानें हैं। शुक्रवार को लोगों ने विभिन्न कंपनियों के टीवी, फ्रिज, एलईडी, वाशिग मशीन, लैपटॉप आदि की खरीदारी को लेकर पूछताछ की। दुकानदारों ने बताया कि लोग एलईडी की ज्यादा अहमियत दी। बाजार में ग्राहकों के लिए 19 इंच से 55 इंच तक की एलईडी उपलब्ध हैं। जिनकी कीमत साढ़े 10 हजार से सवा लाख रुपये तक है। इस बार ऑटोमेटिक वाशिग मशीन ने लोगों को खूब आकर्षित किया। ऑटोमेटिक वाशिग मशीन भी लोगों की पसंद में रही। वहीं मॉर्डन लाइफ में लैपटॉप की डिमांड भी खूब रही। लैपटॉप की मांग करने वालों में बढ़ रही है। लैपटॉप में रूचि दिखाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या 15 से 35 साल के युवाओं की रही। बाजार में विभिन्न कंपनियों के 25 से 30 मॉडल उपलब्ध हैं। जिनकी कीमती 14 से 70 हजार रुपये है। जबकि कई कंपनियां ऐसी भी हैं जिनके लैपटॉप की कीमत एक लाख रुपये है।
उम्मीद से कम रहा व्यापार, औसतन हुई खरीदारी
इस बार धनतेरस पर खरीदारी न तो ज्यादा हुई और न ही कम हुई। खरीदारी औसतन रही। व्यापारियों ने जितनी आशा की थी उससे कम ही धंधा रहा। दुकानदारों ने बताया कि दिवाली महीने के आखिरी दिनों में होना इसका सबसे बड़ा कारण है। वहीं दूसरा कारण सभी त्योहार एक ही महीने में होना रहा। एक ही महीने में दशहरा, करवा, अहोई जैसे सभी बड़े त्योहार पड़ गए। जिस कारण लोगों का बजट टाइट हो गया। वहीं सर्राफा व्यापरियों ने बताया कि सोने की कीमत अधिक होने के कारण भी लोगों ने हाथ खींच कर काम किया।
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स्टेशन से भगत सिंह चौक आने में लग गया आधा घंटा
धनतेरस पर बाजारों में भारी भीड़ रही। वहीं हजारों वाहन सड़कों पर होने से जाम की स्थिति पैदा हो गई। शाम होते होते भीड़ इतनी बढ़ गई की, पैदल लोगों को भी बार-बार रूकना पड़ा। शुक्रवार शाम पांच बजे रेलवे स्टेशन से भगत सिंह चौक आने में आधा घंटा लग गया। जबकि वाहन से इसकी दूरी मात्र छह मिनट की है।
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चांदी के गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियों व सिक्कों की रही मांग
धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल खरीदने की परंपरा है। शुक्रवार को भी लोगों ने परंपरा अनुसार सोने, चांदी इत्यादि की खरीद की। जगाधरी की इंदिरा मार्केट स्थित अशोक ज्वेलर्स के संचालक हरीश वर्मा ने बताया कि दिवाली धनतेरस से शुरू हो जाती है। इसदिन खरीदारी की जाती है। शुक्रवार को धनतेरस पर लोगों में सबसे ज्यादा मांग सोने चांदी के लक्ष्मी गणेश वाले सिक्के और मूर्तियां की रही। इस बार लोगों ने आभूषण से ज्यादा सिक्कों व मूर्तियों को तवज्जों दी।
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सोना पहुंचा चालीस के पास
दिन प्रतिदिन सोने के दाम आसमान छूते जा रहे हैं। शुक्रवार को सोना अब तक के सबसे ऊंचे दाम पर ब्रिका। शुक्रवार को सोना 38 हजार नौ सौ रुपये प्रति दस ग्राम बिका। वहीं चांदी 488 रुपये प्रति तोला बिकी। व्यापारियों का मानना है कि दिवाली तक सोने के दाम में और उछाल आ सकता है।
इलेक्ट्रानिक्स आइटम की हुई खरीदारी
धनतेरस पर इलेक्ट्रानिक्स शॉप पर भी लोगों की भारी भीड़ रही। शहर में इलेक्ट्रानिक्स की करीब 60 मुख्य दुकानें हैं। शुक्रवार को लोगों ने विभिन्न कंपनियों के टीवी, फ्रिज, एलईडी, वाशिग मशीन, लैपटॉप आदि की खरीदारी को लेकर पूछताछ की। दुकानदारों ने बताया कि लोग एलईडी की ज्यादा अहमियत दी। बाजार में ग्राहकों के लिए 19 इंच से 55 इंच तक की एलईडी उपलब्ध हैं। जिनकी कीमत साढ़े 10 हजार से सवा लाख रुपये तक है। इस बार ऑटोमेटिक वाशिग मशीन ने लोगों को खूब आकर्षित किया। ऑटोमेटिक वाशिग मशीन भी लोगों की पसंद में रही। वहीं मॉर्डन लाइफ में लैपटॉप की डिमांड भी खूब रही। लैपटॉप की मांग करने वालों में बढ़ रही है। लैपटॉप में रूचि दिखाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या 15 से 35 साल के युवाओं की रही। बाजार में विभिन्न कंपनियों के 25 से 30 मॉडल उपलब्ध हैं। जिनकी कीमती 14 से 70 हजार रुपये है। जबकि कई कंपनियां ऐसी भी हैं जिनके लैपटॉप की कीमत एक लाख रुपये है।
उम्मीद से कम रहा व्यापार, औसतन हुई खरीदारी
इस बार धनतेरस पर खरीदारी न तो ज्यादा हुई और न ही कम हुई। खरीदारी औसतन रही। व्यापारियों ने जितनी आशा की थी उससे कम ही धंधा रहा। दुकानदारों ने बताया कि दिवाली महीने के आखिरी दिनों में होना इसका सबसे बड़ा कारण है। वहीं दूसरा कारण सभी त्योहार एक ही महीने में होना रहा। एक ही महीने में दशहरा, करवा, अहोई जैसे सभी बड़े त्योहार पड़ गए। जिस कारण लोगों का बजट टाइट हो गया। वहीं सर्राफा व्यापरियों ने बताया कि सोने की कीमत अधिक होने के कारण भी लोगों ने हाथ खींच कर काम किया।