{"_id":"618043c461c67248c678d6ca","slug":"dhanteras-today-businessmen-expect-business-of-60-crores-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl884326137","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस आज : व्यापारियों को 60 करोड़ के व्यापार की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस आज : व्यापारियों को 60 करोड़ के व्यापार की उम्मीद
विज्ञापन
धनतेरस के त्योहार के कारण बाजार में भीड़। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। देश का सबसे बड़ा बर्तन बाजार सज चुका है और धनतेरस को लेकर व्यापारी व दुकानदार उत्साहित हैं। दूसरी तरफ इसे लेकर दोहरी असमंजस में हैं। चूंकि महंगाई के कारण व्यापारी व दुकानदार परेशान हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार बर्तन के दाम में करीब 50 से 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बाजार में लोगों की भीड़ तो है, लेकिन भीड़ के अनुरूप अभी तक बाजार में उछाल नहीं देखा जा रहा है। इसके अलावा महंगाई के कारण हर वस्तु के दाम लगभग दोगुना हैं। वहीं धनतेरस पर ऑटोमोबाइल कंपनियों को भारी बिक्री की उम्मीद होती है, लेकिन अभी तक पिछले साल तरह लोगों का रुझान नहीं दिखा है। लुभावने ऑफर भी ग्राहकों को लुभाने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों को धनतेरस और दिवाली से काफी उम्मीदें हैं। शहर के सभी बाजारों में खूब रौनक है, जो व्यापारियों का उत्साह व उमंग बढ़ा रही है।
धनतेरस के लिए धातु का खरीदना शुभ माना जाता है। सामर्थ के अनुसार लोग सोना, चांदी, वाहन, बर्तन सहित अन्य वस्तुओं की खरीद करते हैं। यमुनानगर जिला स्टील का सबसे बड़ा हब है। यहां से दिवाली के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इस बार भी बाजार के व्यापारियों को करीब 60 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार महंगाई का असर देखा जा रहा है, ऐसे में अनुमानित इतना कारोबार की आस कर रहे हैं। इससे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
पिछले साल की अपेक्षा इस साल बर्तन के दामों में जमीन आसमान का अंतर है। बाजार में कच्चे माल की कीमत ऊपर नीचे चल रही है। व्यापारियों ने महंगा माल लेकर सामान तैयार किया। दुकानदार योगेश ने बताया कि पिछले साल जो स्टील के गिलास 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिल रहे थे, इस बार उनका दाम सात से आठ सौ रुपये हैं। इसी तरह पिछले साल जो भोजन थाल का दाम 180 रुपये था, वह इस बार 160 से 180 रुपये का हो गया है।
महंगाई से दुविधा में हैं व्यापारी
दी जगाधरी मैटल मैन्यूफैक्चरर्स एंड स्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदरलाल बतरा ने बताया कि इस बार बाजार में दिवाली का बूम नहीं आया है। यह सब महंगाई के कारण है, जिसका असर हर वस्तु पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि बर्तन निर्माण के लिए उद्यमियों ने महंगा कच्चा माल खरीदा था, जिस कारण इस बार बर्तन के दामों में भारी उछाल आया है। कच्चे माल की कीमत हर दिन ऊपर नीचे हो रही है। जिसे लेकर व्यापारियों में असमंजस है। महंगा माल तैयार करके सस्ता नहीं बेचा जा सकता है। वहीं ग्राहक महंगाई के कारण खरीदारी करने से गुरेज कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल डीजल के दाम से माल भाड़ा बढ़ गया है, जिसका असर भी है।
विज्ञापन
यमुनानगर। देश का सबसे बड़ा बर्तन बाजार सज चुका है और धनतेरस को लेकर व्यापारी व दुकानदार उत्साहित हैं। दूसरी तरफ इसे लेकर दोहरी असमंजस में हैं। चूंकि महंगाई के कारण व्यापारी व दुकानदार परेशान हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार बर्तन के दाम में करीब 50 से 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बाजार में लोगों की भीड़ तो है, लेकिन भीड़ के अनुरूप अभी तक बाजार में उछाल नहीं देखा जा रहा है। इसके अलावा महंगाई के कारण हर वस्तु के दाम लगभग दोगुना हैं। वहीं धनतेरस पर ऑटोमोबाइल कंपनियों को भारी बिक्री की उम्मीद होती है, लेकिन अभी तक पिछले साल तरह लोगों का रुझान नहीं दिखा है। लुभावने ऑफर भी ग्राहकों को लुभाने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों को धनतेरस और दिवाली से काफी उम्मीदें हैं। शहर के सभी बाजारों में खूब रौनक है, जो व्यापारियों का उत्साह व उमंग बढ़ा रही है।
विज्ञापन
धनतेरस के लिए धातु का खरीदना शुभ माना जाता है। सामर्थ के अनुसार लोग सोना, चांदी, वाहन, बर्तन सहित अन्य वस्तुओं की खरीद करते हैं। यमुनानगर जिला स्टील का सबसे बड़ा हब है। यहां से दिवाली के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इस बार भी बाजार के व्यापारियों को करीब 60 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार महंगाई का असर देखा जा रहा है, ऐसे में अनुमानित इतना कारोबार की आस कर रहे हैं। इससे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
पिछले साल की अपेक्षा इस साल बर्तन के दामों में जमीन आसमान का अंतर है। बाजार में कच्चे माल की कीमत ऊपर नीचे चल रही है। व्यापारियों ने महंगा माल लेकर सामान तैयार किया। दुकानदार योगेश ने बताया कि पिछले साल जो स्टील के गिलास 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिल रहे थे, इस बार उनका दाम सात से आठ सौ रुपये हैं। इसी तरह पिछले साल जो भोजन थाल का दाम 180 रुपये था, वह इस बार 160 से 180 रुपये का हो गया है।
महंगाई से दुविधा में हैं व्यापारी
दी जगाधरी मैटल मैन्यूफैक्चरर्स एंड स्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदरलाल बतरा ने बताया कि इस बार बाजार में दिवाली का बूम नहीं आया है। यह सब महंगाई के कारण है, जिसका असर हर वस्तु पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि बर्तन निर्माण के लिए उद्यमियों ने महंगा कच्चा माल खरीदा था, जिस कारण इस बार बर्तन के दामों में भारी उछाल आया है। कच्चे माल की कीमत हर दिन ऊपर नीचे हो रही है। जिसे लेकर व्यापारियों में असमंजस है। महंगा माल तैयार करके सस्ता नहीं बेचा जा सकता है। वहीं ग्राहक महंगाई के कारण खरीदारी करने से गुरेज कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल डीजल के दाम से माल भाड़ा बढ़ गया है, जिसका असर भी है।

त्योहार के कारण बाजार में भीड़ से बनी जाम की स्थिति। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar