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Yamuna Nagar News: ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के बावजूद 360 हादसों में गई 161 लोगों की जान
Fri, 02 Oct 2026 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:19 AM IST
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चांदपुर बाईपास से पहले जान जोखिम में डाल सड़क पार करते विद्यार्थी। संवाद
सचिन शर्मा
यमुनानगर। जिले में वर्ष 2026 में सितंबर तक कुल 360 सड़क हादसों में 161 लोगों की जान जा चुकी है। हादसों में 225 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस की रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए हैं। इससे ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के बावजूद सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठ रहे है।
यातायात पुलिस की ओर से हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद खराब सिग्नल लाइटें, वाहन चालकों की लापरवाही और सड़क पार करने के दौरान बरती जाने वाली असुरक्षा हादसों का कारण बन रही है। सड़क सुरक्षा को लेकर समय-समय पर जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों के साथ बैठकें की जाती हैं। इनमें दुर्घटनाओं को रोकने, ब्लैक स्पॉट सुधारने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर समस्याएं बनी हुई हैं। सड़क हादसों में जान गंवाने और घायल होने वालों की संख्या को कम करने के लिए केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय सुरक्षा इंतजामों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। चांदपुर निवासी अमित कुमार का कहना है कि प्रशासन को केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय सुरक्षा इंतजामों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। संवाद
अधूरे रेलिंग निर्माण से राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा
शहर के कई मार्गों पर सड़क के साइड में रेलिंग का निर्माण अधूरा होने के कारण राहगीर बीच सड़क से रास्ता पार करते दिखाई देते हैं। इससे तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। यातायात नियमों की अनदेखी भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही है। सहारनपुर अंबाला पुराना नेशनल हाईवे पर अधूरी रेलिंग से जल्दबाजी के कारण सड़क पार करते समय भी कई हादसे हो चुके है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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खराब सिग्नल लाइटों से आवागमन में समस्या
शहर के विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक, मटका चौक सहित विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें खराब हैं। वहीं अधिकांश चौराहों पर सिग्नल की टाइमिंग भी ठीक नहीं है। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है और वाहनों के आपस में टकराने का खतरा बना रहता है। स्थानीय स्तर पर इन अव्यवस्थाओं के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद सिग्नल व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंह पर काला कपड़ा ढककर स्टंट कर रहे युवा
शहर की सड़कों पर कुछ युवा मुंह पर काला कपड़ा ढककर बाइक से स्टंट करते नजर आ रहे हैं। तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाने और अचानक कट मारने से दूसरे वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ रहा है। पहचान छिपाकर यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले इन युवाओं पर कार्रवाई नहीं होने से सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
सिग्नल लाइटों के संबंध में नगर निगम को पत्र लिखा गया है। मुख्य चौराहों पर यातायात संचालन सुचारु रखने व हादसों पर नियंत्रण करने के लिए यातायात पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। - संदीप कुमार, यातायात थाना प्रभारी
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यमुनानगर। जिले में वर्ष 2026 में सितंबर तक कुल 360 सड़क हादसों में 161 लोगों की जान जा चुकी है। हादसों में 225 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस की रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए हैं। इससे ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के बावजूद सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठ रहे है।
यातायात पुलिस की ओर से हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद खराब सिग्नल लाइटें, वाहन चालकों की लापरवाही और सड़क पार करने के दौरान बरती जाने वाली असुरक्षा हादसों का कारण बन रही है। सड़क सुरक्षा को लेकर समय-समय पर जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों के साथ बैठकें की जाती हैं। इनमें दुर्घटनाओं को रोकने, ब्लैक स्पॉट सुधारने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर समस्याएं बनी हुई हैं। सड़क हादसों में जान गंवाने और घायल होने वालों की संख्या को कम करने के लिए केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय सुरक्षा इंतजामों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। चांदपुर निवासी अमित कुमार का कहना है कि प्रशासन को केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय सुरक्षा इंतजामों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। संवाद
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अधूरे रेलिंग निर्माण से राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा
शहर के कई मार्गों पर सड़क के साइड में रेलिंग का निर्माण अधूरा होने के कारण राहगीर बीच सड़क से रास्ता पार करते दिखाई देते हैं। इससे तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। यातायात नियमों की अनदेखी भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही है। सहारनपुर अंबाला पुराना नेशनल हाईवे पर अधूरी रेलिंग से जल्दबाजी के कारण सड़क पार करते समय भी कई हादसे हो चुके है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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खराब सिग्नल लाइटों से आवागमन में समस्या
शहर के विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक, मटका चौक सहित विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें खराब हैं। वहीं अधिकांश चौराहों पर सिग्नल की टाइमिंग भी ठीक नहीं है। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है और वाहनों के आपस में टकराने का खतरा बना रहता है। स्थानीय स्तर पर इन अव्यवस्थाओं के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद सिग्नल व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंह पर काला कपड़ा ढककर स्टंट कर रहे युवा
शहर की सड़कों पर कुछ युवा मुंह पर काला कपड़ा ढककर बाइक से स्टंट करते नजर आ रहे हैं। तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाने और अचानक कट मारने से दूसरे वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ रहा है। पहचान छिपाकर यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले इन युवाओं पर कार्रवाई नहीं होने से सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
सिग्नल लाइटों के संबंध में नगर निगम को पत्र लिखा गया है। मुख्य चौराहों पर यातायात संचालन सुचारु रखने व हादसों पर नियंत्रण करने के लिए यातायात पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। - संदीप कुमार, यातायात थाना प्रभारी

चांदपुर बाईपास से पहले जान जोखिम में डाल सड़क पार करते विद्यार्थी। संवाद

चांदपुर बाईपास से पहले जान जोखिम में डाल सड़क पार करते विद्यार्थी। संवाद