फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Demand, Water, Yamunanagar, Haryana

ट्विनसिटी में लगातार बढ़ रही कैंपर सर्विस की डिमांड

Mon, 11 Apr 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 11 Apr 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
Demand, Water, Yamunanagar, Haryana
पानी की समस्या - फोटो : यमुना नगर
जगाधरी वर्कशाप। ट्विनसिटी में पानी की कोई कमी नहीं है, बावजूद इसके यमुनानगर-जगाधरी में कैंपर सर्विस की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। आगे गर्मी बढने के साथ कैंपर के जरिए पानी सप्लाई का धंधा जोरो पर होगा। मौजूदा समय में कैंपर वॉटर सप्लायर्स की संख्या एक दर्जन है, जो बिना रोक-टोक काम को अंजाम दे रहे हैं। चूंकि इस ओर जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी और स्वास्थ्य विभाग आंख मुंदे हुए है। दोनों विभागों ने आज तक कैंपर के पानी की सेंपलिंग नहीं की और एक-दूसरे पर ही यह जिम्मेदारी थोप पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं। ऐसे में कैंपर के पानी की गुणवत्ता पर प्रश्रचिह्न लगना लाजमी है।
विज्ञापन


बता दें कि सरकार की ओर से सील बंद बोतल के पानी की बिक्री हेतु मानक तय किए गए हैं, किंतु कैंपर के जरिए बिकने वाला पानी लूज वॉटर की श्रेणी में आता है। लूज वॉटर सप्लाई के लिए कोई सरकारी नियम-कायदा नहीं है, ऐसे में यह कारोबार बिना रोक-टोक चल रहा है। वाटर प्लांट लगाने की लंबी चौड़ी औपचारिकता भी नहीं है व चार से आठ लाख रुपये में कारोबार शुरू हो जाता है।
विज्ञापन

हालांकि जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग और स्वास्थ्य विभाग पर इनकी निगरानी का जिम्मा है। बावजूद इसके कैंपर के पानी की गुणवत्ता को जांचने के लिए कोई जहमत नहीं उठाई जा रही है। शहरी क्षेत्र में कैंपर वॉटर सप्लायर्स की संख्या करीब एक दर्जन है, किंतु कार्रवाई की बात करें तो किसी भी विभाग ने कैंपर के पानी की सेंपलिंग नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्थानों और शादी समारोह में खूब डिमांड :
यमुना नदी से सटे होने के कारण ट्विनसिटी में वैसे तो भू-जल की कोई कमी नहीं है। जिले में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी प्रति दिन से अधिक की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में वाटर कैंपर की डिमांड घरों में नहीं है। लेकिन गैर सरकारी संस्थानों में काम करने वाले लोगों की प्यास बुझाने को कैंपर सप्लाई सर्विस का सहारा लिया जा रहा है वहीं, शादी व अन्य समारोह में भी कैंपर की खूब मांग रहने लगी है। निजी कंपनी के आफिस इंचार्ज प्रवीण कुमार कहते हैं कि उनके आफिस में दो वाटर कैंपर आते हैं, जिन पर प्रतिदिन तीस रुपये खर्च होते हैं और वह बंद बोतल पानी के बजाए वाटर कैंपर लेना ही पसंद करते हैं।

एक दशक में एक से दर्जनभर हुए सप्लायर्स:
करीब एक दशक पहले ट्विनसिटी में कैंपर सप्लाई का काम शुरू हुआ। तब शहर में एक ही वाटर सप्लायर था, अब उनकी संख्या बढ़कर करीब एक दर्जन हो चुकी है। यमुनानगर में करीब छह व जगाधरी में चार से अधिक सप्लायर हैं। कैंपर कारोबार से जुड़े जानकारों की मानें तो सरकार की ओर से कोई नियम तय नहीं किए गए हैं। तब भी वाटर सप्लाई में पानी को बकायदा ट्रीट व चिल्ड करके ही कैंपरों में भरा जाता है। पानी को भरने की पूरी प्रक्रिया में साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है। वाटर सप्लाई प्लांट लगाने में करीब चार से आठ लाख रुपए की लागत बैठती है। आरओ प्लांट लगाने के लिए पांच से आठ लाख रुपये की पूंजी की जरूरत पड़ती है, जबकि बिना आरओ का प्लांट चार से पांच लाख से शुरु किया जा सकता है।


वर्जन :::::
सील वाटर के सेंपल लिए जाते हैं और विभाग ने आठ सेंपल लिए हैं। कैंपर वॉटर की सेंपलिंग नहीं होती है। सेंपल जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग ले सकता है।
सुभाष कुमार, इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग।

वर्जन :::::::::
विभाग पानी की आपूर्ति करता है। कैंपर वाटर के सेंपल नहीं लेता है। यह काम स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आता है और वह ही सेंपल ले सकते हैं।
आरके बनकट, एसई, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed