{"_id":"6a27203040a0d09c0f06be4d","slug":"demand-for-the-implementation-of-the-sand-belongs-to-the-farm-owner-policy-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-157455-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: जिसका खेत उसकी रेत नीति लागू करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: जिसका खेत उसकी रेत नीति लागू करने की मांग
Tue, 09 Jun 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। किसानों ने जिसका खेत उसकी रेत नीति लागू करने की मांग उठाई है। यह मांग सोम नदी के किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा के सामने उठाई गई।
किसानों ने बताया कि बाढ़ के दौरान नदी अपने साथ भारी मात्रा में रेत लेकर आई, जो कई खेतों में कई-कई फीट तक जमा हो गई है। इससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बतरा ने कहा कि बरसाती नदियों का तल लगातार ऊंचा होता जा रहा है, जबकि खेत नीचे चले गए हैं।
समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बाढ़ और कटाव का खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से जिसका खेत उसकी रेत नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि यह नीति लागू करना संभव नहीं है तो प्रभावित किसानों को अपने खेतों से रेत निकालने के लिए परमिट जारी किए जाएं, ताकि खेत दोबारा खेती योग्य बन सकें और किसानों को आर्थिक लाभ भी मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने जिला प्रशासन से इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर स्थायी समाधान तलाशने का आग्रह किया। साथ ही सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सरकार नदी के बहाव वाले क्षेत्रों की भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को राहत प्रदान करे। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद जरनैल सिंह, विक्रम राठी, रणधीर जाट, अनिल कुमार, नूर मोहम्मद, बलिंद्र राठी, नरेंद्र संधू, पूरन बलौली, फूलचंद नागरा, अशोक और लक्ष्मण अंसल सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
छछरौली। किसानों ने जिसका खेत उसकी रेत नीति लागू करने की मांग उठाई है। यह मांग सोम नदी के किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा के सामने उठाई गई।
किसानों ने बताया कि बाढ़ के दौरान नदी अपने साथ भारी मात्रा में रेत लेकर आई, जो कई खेतों में कई-कई फीट तक जमा हो गई है। इससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बतरा ने कहा कि बरसाती नदियों का तल लगातार ऊंचा होता जा रहा है, जबकि खेत नीचे चले गए हैं।
विज्ञापन
समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बाढ़ और कटाव का खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से जिसका खेत उसकी रेत नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि यह नीति लागू करना संभव नहीं है तो प्रभावित किसानों को अपने खेतों से रेत निकालने के लिए परमिट जारी किए जाएं, ताकि खेत दोबारा खेती योग्य बन सकें और किसानों को आर्थिक लाभ भी मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने जिला प्रशासन से इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर स्थायी समाधान तलाशने का आग्रह किया। साथ ही सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सरकार नदी के बहाव वाले क्षेत्रों की भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को राहत प्रदान करे। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद जरनैल सिंह, विक्रम राठी, रणधीर जाट, अनिल कुमार, नूर मोहम्मद, बलिंद्र राठी, नरेंद्र संधू, पूरन बलौली, फूलचंद नागरा, अशोक और लक्ष्मण अंसल सहित अनेक किसान मौजूद रहे।