{"_id":"5f77856b8ebc3e9b8d7076a8","slug":"deepiks-will-play-next-year-yamuna-nagar-news-knl46208376","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसव के कारण बनाई थी खेल से दूरी, अगले साल हॉकी टूर्नामेंट में खेलेंगी दीपिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसव के कारण बनाई थी खेल से दूरी, अगले साल हॉकी टूर्नामेंट में खेलेंगी दीपिका
विज्ञापन
deepiks will play next year
- फोटो : Yamuna Nagar
तीन साल पहले उन्हें यह अवार्ड मिलना था, लेकिन ऐसा न हुआ। अर्जुन पुरस्कार मिलने से उन्हें बेहद खुशी मिली है, लेकिन इस बात का मलाल रहेगा कि कोरोना वायरस की गाइडलाइन के चलते यह अवार्ड उन्हें प्रत्यक्ष रूप से न देकर ऑनलाइन दिया गया। अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान जिले की बेटी दीपिका ठाकुर का यह कहना है।
पुरस्कार मिलने के बाद शुक्रवार को पहली बार यमुना विहार कॉलोनी अपने घर पहुंचीं। इस दौरान खेल प्रेमियों ने उनका स्वागत किया। यह पहुंचने पर अंतर्राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी पंकज चुघ के घर वे पत्रकारों से रूबरू हुईं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रसव के कारण उन्होंने खेल से कुछ दिनों के लिए दूरी बना ली थी, लेकिन अब एक बार फिर वे मैदान में उतर रही हैं। अगले साल होने वाले हॉकी टूर्नामेंट में खेलेंगी। इसके लिए वे जी जान से तैयारी में जुटी हुई हैं। दो सौ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकीं दीपिका ने कहा कि उन्हें यह मलाल रहेगा कि कोरोना के चलते उन्हें ऑनलाइन व्यवस्था से अर्जुन अवार्ड दिया गया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि महामहिम राष्ट्रपति के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाए। दीपिका ने बताया कि भारतीय टीम अब किसी से कम नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रदेश के खेलमंत्री संदीप सिंह जो खुद हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं को वह अपना आदर्श मानती है। उन्होंने बताया कि जिस तरह संदीप सिंह को गोली लगने के बाद भी मैदान में उतरे और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, इसी प्रकार वह भी डिलीवरी के बाद अब नए सिरे से मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे कोच की देखरेख में अब वे निरंतर अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुमकिन है कि आने वाले समय में महामहिम राष्ट्रपति की और से उन्हें राष्ट्रपति भवन में बुला उन्हें सम्मानित किया जाए।
दीपिका के भाई भूपेंद्र सिंह का कहना था कि हालांकि उनके परिवार में सभी खिलाड़ी फुटबाल को महत्व देते हैं। घर में से ही कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल खेल चुके हैं। दीपिका ने फुटबाल की परंपरा तोड़ते हुए हाथ में हॉकी उठाई और यह मुकाम हासिल किया। उन्हें अपनी बहन पर गर्व है। सभी को अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी पंकज चुघ व सीनियर फुटबॉल खिलाड़ी नरेन्द्र चुघ ने कहा कि दीपिका पूर्व में हुए ओलंपिक में भाग ले चुकी है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले ओलंपिक में भी दीपिका भाग लेंगी। उन्होंने बताया कि दीपिका के खेल को बढ़ावा देने के लिए उनके पति विक्रम दहिया व परिवार के अन्य सदस्य भी उनका लगातार सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरस्कार मिलने के बाद शुक्रवार को पहली बार यमुना विहार कॉलोनी अपने घर पहुंचीं। इस दौरान खेल प्रेमियों ने उनका स्वागत किया। यह पहुंचने पर अंतर्राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी पंकज चुघ के घर वे पत्रकारों से रूबरू हुईं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रसव के कारण उन्होंने खेल से कुछ दिनों के लिए दूरी बना ली थी, लेकिन अब एक बार फिर वे मैदान में उतर रही हैं। अगले साल होने वाले हॉकी टूर्नामेंट में खेलेंगी। इसके लिए वे जी जान से तैयारी में जुटी हुई हैं। दो सौ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकीं दीपिका ने कहा कि उन्हें यह मलाल रहेगा कि कोरोना के चलते उन्हें ऑनलाइन व्यवस्था से अर्जुन अवार्ड दिया गया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि महामहिम राष्ट्रपति के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाए। दीपिका ने बताया कि भारतीय टीम अब किसी से कम नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रदेश के खेलमंत्री संदीप सिंह जो खुद हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं को वह अपना आदर्श मानती है। उन्होंने बताया कि जिस तरह संदीप सिंह को गोली लगने के बाद भी मैदान में उतरे और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, इसी प्रकार वह भी डिलीवरी के बाद अब नए सिरे से मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे कोच की देखरेख में अब वे निरंतर अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुमकिन है कि आने वाले समय में महामहिम राष्ट्रपति की और से उन्हें राष्ट्रपति भवन में बुला उन्हें सम्मानित किया जाए।
विज्ञापन
दीपिका के भाई भूपेंद्र सिंह का कहना था कि हालांकि उनके परिवार में सभी खिलाड़ी फुटबाल को महत्व देते हैं। घर में से ही कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल खेल चुके हैं। दीपिका ने फुटबाल की परंपरा तोड़ते हुए हाथ में हॉकी उठाई और यह मुकाम हासिल किया। उन्हें अपनी बहन पर गर्व है। सभी को अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी पंकज चुघ व सीनियर फुटबॉल खिलाड़ी नरेन्द्र चुघ ने कहा कि दीपिका पूर्व में हुए ओलंपिक में भाग ले चुकी है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले ओलंपिक में भी दीपिका भाग लेंगी। उन्होंने बताया कि दीपिका के खेल को बढ़ावा देने के लिए उनके पति विक्रम दहिया व परिवार के अन्य सदस्य भी उनका लगातार सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन