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Yamuna Nagar News: भाटली शिव मंदिर में एलईडी पर भी होंगे दर्शन
Sun, 15 Feb 2026 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:06 AM IST
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हाथ जोड़कर मन्नत मांगती बच्ची। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भाटली गांव स्थित स्वयंभू प्राचीन शिव मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहली बार दो बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही है, जिनके माध्यम से कार्यक्रमों का सजीब प्रसारण किया जाएगा। मंदिर कमेटी के प्रधान ईश्वर कांबोज ने बताया कि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु एलईडी पर आसानी से दर्शन कर सकेंगे।
धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 12 फरवरी को हल्दी रस्म के साथ हो चुकी है। मंदिर परिसर को लगभग 300 क्विंटल फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा, जिससे पूरा परिसर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा। मंदिर परिसर में करीब 300 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे यहां मेले जैसा वातावरण देखने को मिलेगा। 16 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली माना जाता है। मान्यता है कि पांडवों ने यहां जलाभिषेक किया था और परिसर में स्थित वटवृक्ष के नीचे विश्राम किया था। वर्तमान में मंदिर के पुजारी जितेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न हो रहे हैं।
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यमुनानगर। भाटली गांव स्थित स्वयंभू प्राचीन शिव मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहली बार दो बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही है, जिनके माध्यम से कार्यक्रमों का सजीब प्रसारण किया जाएगा। मंदिर कमेटी के प्रधान ईश्वर कांबोज ने बताया कि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु एलईडी पर आसानी से दर्शन कर सकेंगे।
धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 12 फरवरी को हल्दी रस्म के साथ हो चुकी है। मंदिर परिसर को लगभग 300 क्विंटल फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा, जिससे पूरा परिसर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा। मंदिर परिसर में करीब 300 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे यहां मेले जैसा वातावरण देखने को मिलेगा। 16 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली माना जाता है। मान्यता है कि पांडवों ने यहां जलाभिषेक किया था और परिसर में स्थित वटवृक्ष के नीचे विश्राम किया था। वर्तमान में मंदिर के पुजारी जितेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न हो रहे हैं।

हाथ जोड़कर मन्नत मांगती बच्ची। संवाद

हाथ जोड़कर मन्नत मांगती बच्ची। संवाद
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