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मिट्टी के तोंद के नीचे दबने से मजदूर की मौत

Sat, 27 Aug 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 27 Aug 2016 12:43 AM IST
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पिता सहित तीन बाल बाल बचे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव परवालों जंगल में मिट्टी के तोंद के नीचे दबने से एक मजदूर की मौत हो गई। जबकि उसका पिता और दो अन्य मजदूर बाल बाल बच गए। चारों मजदूर गांव में मनरेगा के तहत चल रहे गलियों के निर्माण के लिए ट्रॉली में मिट्टी भर रहे थे। मृतक अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया।
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बुड़िया थाना क्षेत्र के गांव परवालों में कई दिनों से मनरेगा के तहत गलियों का निर्माण किया जा रहा है। गांव में काटे गए नए प्लाटों की गलियों में मिट्टी डालने के लिए गांव परवालों के ही राकेश (32), उसके  पिता राजकुमार, गांव के ही संत कुमार और टीटू ट्रैक्टर ट्रॉली में मिट्टी भरने के लिए जंगल में गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे चारों मजदूर जंगल में एक टीले के नजदीक ट्रॉली लगाकर उसमें मिट्टी भर रहे थे। राकेश सबसे आगे थे। राकेश के पिता राजकुमार ने बताया कि जब वह मिट्टी ट्रॉली में भर रहे थे तो टीले में दरार आ गई और मिट्टी गिरने लगी। जिसे देख वह तुरंत पीछे हट गए। जब तक वे राकेश को हटने के लिए बोलते मिट्टी का तोंद नीचे गिर गया। जिससे उसके नीचे खड़ा राकेश तोंद के नीचे दब गया। अन्य मजदूरों ने शोर मचा दिया। घटना की सूचना गांव के सरपंच को दी गई।
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आनन फानन में अन्य मजदूरों से कस्सी के द्वारा मिट्टी से निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर सरपंच जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से मजदूरों ने मिट्टी के नीचे दबे राकेश को निकाला। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने राकेश को ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। सूचना मिलने पर बुडिय़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
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पूरा परिवार बेसहारा हुआ
हादसे में इकलौते बेटे राकेश की जान चली जाने के बाद उसके पिता राजकुमार का रो रोकर बुरा हाल था। रोते हुए राजकुमार यहीं बुदबुदा रहे थे कि उसका एक ही बेटा था। वह भी नहीं रहा। राकेश के पास तीन बेटियां और एक बेटा है। उसकी मौत से तीनों बेटियों और बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया। राकेश की मौत से परिवार के भरण पोषण की चिंता बढ़ गई है। परिवार का रो रोकर बुरा हाल था।

फिर सामने आई लापरवाही
मनरेगा के तहत किए जा रहे कामों में पहली बार लापरवाही सामने नहीं आई। इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी है। जिनमें मजदूरों की जान गई है। कई स्थानों पर मजदूर घायल हुए है। कुछ माह पूर्व बिलासपुर में नाले के निर्माण के दौरान गिरी दीवार के नीचे दबने से कुछ मजदूर घायल हो गए थे। इससे पहले भी मनरेगा के तहत काम करते हुए ऐसी कई घटनाएं हुई।


वर्जन
परवालों में मिट्टी के तोंद के नीचे दबने से मजदूर की हुई मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौप दिया गया।
- एसआई रमेश कुमार, एसएचओ, थाना बुड़िया।
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