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Yamunanagar: उपभोक्ताओं का डाटा लेकर साइबर ठगी करने में निजी बैंक कर्मी गिरफ्तार, तीन दिन के रिमांड पर

Fri, 13 Oct 2023 09:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 13 Oct 2023 09:31 PM IST
सार

उपभोक्ताओं का डाटा लेकर साइबर ठगी करने में निजी बैंक कर्मी को गिरफ्तार किया गया है। टास्क पूरा कर रुपये कमाने का लालच देकर 1.19 लाख रुपये ठगने का आरोपी है। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। बड़े खुलासे हो सकते हैं। 

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Yamunanagar: Private bank employee arrested for cyber fraud by taking consumer data
arrest symbol - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरियाणा के यमुनानगर में बैंक से डाटा एकत्रित कर लोगों से ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने एक निजी बैंक कर्मी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश पर पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में यह खुलासा हो सकेगा कि अब तक उसने कितने लोगों से ठगी की है।

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सेक्टर-17 निवासी सुमित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पास 27 सितंबर को मोबाइल में इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि फ्लिपकार्ट के जरिए रुपये कमा सकते हैं। इसमें दिए गए टास्क को पूरा करना होगा। इस लिंक पर क्लिक किया तो यहां से टेलीग्राम की पांच आईडी भेजी गई।
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फिर एक कोड भेजा और कहा गया कि इस कोड को टेलीग्राम आईडी पर भेज दो। यह कोड टेलीग्राम आईडी पर भेजा, जिसके बाद सुमित से नाम पता और बैंक डिटेल मांगी। उसने यह डिटेल भेज दी। फिर एक ग्रुप लक्की डे 3001 में एड कर दिया गया। इसके बाद सुमित के पास ग्रुप में लिंक भेजते रहे और कहते रहे कि लिंक को लाइक करते रहो और पैसे मिलते रहेंगे।
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सुमित इसी तरह से करने लगा। 28 सितंबर को उसके अकाउंट में 150 रुपये आए। जैसे-जैसे वह टास्क पूरा करता गया। उसके पास रुपये आते गए। बाद में पेड टास्क देना शुरू कर दिया, जिसमें एक हजार रुपये डालकर टास्क पूरा करना था। इसके बदले में 1300 रुपये मिलते। शुरुआत में उसे कुछ रुपये मिले। बाद में वह लालच में आकर रुपये टास्क के नाम पर जमा करता गया।


इस तरह से उसने एक लाख 19 हजार रुपये जमा कर दिए थे। बाद में वह खाते में रुपये वापस लेने लगा तो वह रिवर्ट नहीं हुए थे। इस शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस मामले में भिवानी के गांव धूलकोट निवासी योगेश का ही हाथ है, जो इंडसलैंड बैंक में काम करता है और उपभोक्ताओं के नंबर और डिटेल लेकर उन्हें ठगी का शिकार बनाता है।

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