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जेल से मांगी डेढ़ लाख की चौथ
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Wed, 07 Oct 2015 12:02 AM IST
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जिला जेल से फोन पर डेढ़ लाख रुपये की चौथ मांगने वाले आरोपी के कहने पर पीड़ित से पैसे मांगने वाले चार आरोपियों को सीआईए स्टाफ ने गिरफ्तार किया है। जेल में बंद कैदी और तीन आरोपी हिसार के रहने वाले हैं जबकि एक आरोपी कैथल का है।
जेल में बंद आरोपी ने जेल के अंदर रहकर ही जेल के बाहर अपने साथियों से वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस ने जेल में बंद आरोपी से पूछताछ के बाद चार आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों को सीआईए पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि विकास नगर निवासी अशोक कुमार ने 28 सितंबर को फर्कपुर थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि जिला जेल में डकैती के मामले में सजा काट रहे कैदी हिसार निवासी विक्रम ने उसे फोन कर डेढ़ लाख रुपये की चौथ मांगी है। आरोपी ने अपने साथियों को उसके घर भेजकर जान से मारने की धमकी दी है। मामले में फर्कपुर पुलिस ने आरोपी विक्रम को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात युवकों से फिरौती मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
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मामले की जांच पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण नेहरा ने सीआईए निरीक्षक राकेश कुमार को सौंपी। उन्होंने टीम का गठन कर आरोपी विक्रम को गिरफ्तार करके जेल में छिपाया उसका मोबाइल फोन बरामद कर लिया। विक्रम से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके साथियों हिसार निवासी नवदीप पूनिया, कलायत निवासी राकेश, हिसार निवासी अंकित कुमार व रमेश कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
कब्जा मुक्त करवाने के लिए हुए सौदे के मांगे थे पैसे
डीएसपी मदन लाल ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि हिसार निवासी विक्रम जिला जेल में डकैती के मामले में सजा काट रहा है। कुछ माह पूर्व जेल में बंद विकास नगर निवासी अशोक कुमार ने विक्रम से उसका प्लॉट कब्जा मुक्त करवाने की बात कही। प्लॉट कब्जा मुक्त करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये में डील तय हो गई। आरोपी विक्रम ने जेल से अपने साथियों को फोन करके उसके प्लॉट को कब्जा मुक्त करवा दिया। अशोक ने जेल से बाहर आकर विक्रम का पैसे देने की बात कही। अशोक जेल से बाहर आ गया, लेकिन उसने उसके पैसे नहीं दिए। जिस पर उसने जेल से फोन कर डेढ़ लाख रुपये मांगे लेकिन उसने देने से मना कर दिए। 28 सितंबर को जेल में बंद विक्रम के कहने पर हिसार निवासी नवदीप पूनिया, अंकित कुमार, रमेश कुमार व कलायत निवासी राकेश अशोक कुमार के घर कार में पहुंचे और अशोक कुमार से कब्जा छुड़वाने के डेढ़ लाख रुपये मांगे। अशोक के मना करने पर आरोपी नवदीप ने फोन पर जेल में बंद विक्रम से अशोक की बात करवाई। जिस पर विक्रम ने अशोक को धमकी दी कि पैसे दे दो नहीं इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा।
जेल में अंदर रहकर दिया जेल से बाहर घटना को अंजाम
जिला जेल में कैदी विक्रम ने मोबाइल से फोन कर चौथ मांगी थी। आरोपी ने जेल में ही बैठकर फोन पर प्लॉट को कब्जा मुक्त करवाया। जेल में बैठे ही आरोपी जेल से बाहर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलाता रहा। आरोपी जेल में मोबाइल का प्रयोग कब से कर रहा था, जिला जेल में कैदी के पास मोबाइल कहां से आया, उसका सिम किसके नाम है। इन सवालों के जवाब पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई।
और भी हो सकते है खुलासे
डीएसपी मदन लाल ने कहा कि आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपियों से अन्य वारदात को भी खुलासा हो सकता है। जहां तक जेल में मोबाइल मिलने का मामला है, उसकी जांच की जा रही है।
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जेल में बंद आरोपी ने जेल के अंदर रहकर ही जेल के बाहर अपने साथियों से वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस ने जेल में बंद आरोपी से पूछताछ के बाद चार आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों को सीआईए पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि विकास नगर निवासी अशोक कुमार ने 28 सितंबर को फर्कपुर थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि जिला जेल में डकैती के मामले में सजा काट रहे कैदी हिसार निवासी विक्रम ने उसे फोन कर डेढ़ लाख रुपये की चौथ मांगी है। आरोपी ने अपने साथियों को उसके घर भेजकर जान से मारने की धमकी दी है। मामले में फर्कपुर पुलिस ने आरोपी विक्रम को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात युवकों से फिरौती मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
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मामले की जांच पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण नेहरा ने सीआईए निरीक्षक राकेश कुमार को सौंपी। उन्होंने टीम का गठन कर आरोपी विक्रम को गिरफ्तार करके जेल में छिपाया उसका मोबाइल फोन बरामद कर लिया। विक्रम से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके साथियों हिसार निवासी नवदीप पूनिया, कलायत निवासी राकेश, हिसार निवासी अंकित कुमार व रमेश कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
कब्जा मुक्त करवाने के लिए हुए सौदे के मांगे थे पैसे
डीएसपी मदन लाल ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि हिसार निवासी विक्रम जिला जेल में डकैती के मामले में सजा काट रहा है। कुछ माह पूर्व जेल में बंद विकास नगर निवासी अशोक कुमार ने विक्रम से उसका प्लॉट कब्जा मुक्त करवाने की बात कही। प्लॉट कब्जा मुक्त करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये में डील तय हो गई। आरोपी विक्रम ने जेल से अपने साथियों को फोन करके उसके प्लॉट को कब्जा मुक्त करवा दिया। अशोक ने जेल से बाहर आकर विक्रम का पैसे देने की बात कही। अशोक जेल से बाहर आ गया, लेकिन उसने उसके पैसे नहीं दिए। जिस पर उसने जेल से फोन कर डेढ़ लाख रुपये मांगे लेकिन उसने देने से मना कर दिए। 28 सितंबर को जेल में बंद विक्रम के कहने पर हिसार निवासी नवदीप पूनिया, अंकित कुमार, रमेश कुमार व कलायत निवासी राकेश अशोक कुमार के घर कार में पहुंचे और अशोक कुमार से कब्जा छुड़वाने के डेढ़ लाख रुपये मांगे। अशोक के मना करने पर आरोपी नवदीप ने फोन पर जेल में बंद विक्रम से अशोक की बात करवाई। जिस पर विक्रम ने अशोक को धमकी दी कि पैसे दे दो नहीं इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा।
जेल में अंदर रहकर दिया जेल से बाहर घटना को अंजाम
जिला जेल में कैदी विक्रम ने मोबाइल से फोन कर चौथ मांगी थी। आरोपी ने जेल में ही बैठकर फोन पर प्लॉट को कब्जा मुक्त करवाया। जेल में बैठे ही आरोपी जेल से बाहर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलाता रहा। आरोपी जेल में मोबाइल का प्रयोग कब से कर रहा था, जिला जेल में कैदी के पास मोबाइल कहां से आया, उसका सिम किसके नाम है। इन सवालों के जवाब पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई।
और भी हो सकते है खुलासे
डीएसपी मदन लाल ने कहा कि आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपियों से अन्य वारदात को भी खुलासा हो सकता है। जहां तक जेल में मोबाइल मिलने का मामला है, उसकी जांच की जा रही है।