{"_id":"bf5c758437371bff0ab994e636ad41c2","slug":"insorence-policy-froud-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमा करने के नाम पर हड़पे नौ लाख 70 हजार रुपये ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बीमा करने के नाम पर हड़पे नौ लाख 70 हजार रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Sun, 27 Dec 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना बिलासपुर थाना क्षेत्र के गांव सबलपुर में कुछ लोगों ने एक व्यक्ति से बीमा करने के नाम पर नौ लाख 70 हजार रुपये हड़प लिए। पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर महिला समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
थाना बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में गांव सबलपुर के रणबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने बीमा पॉलिसी करानी थी। इस दौरान उनकी मुलाकात महिपाल से हुई। महिपाल ने बताया कि वह बीमा कंपनी में काम करता है और उसका बीमा पॉलिसी कर देगा। इससे उसे अन्य कंपनियों के बीमा पॉलिसी से अधिक पैसे मिलेंगे।
वह आरोपी की बातों में आ गए और आरोपी ने उन्हें निशा व गौरव से मिलवाया। तीनों ने उन से अलग-अलग समय में बीमा पॉलिसी के नाम पर नौ लाख 70 हजार रुपये ले लिए और उन्हें पॉलिसी के दस्तावेज थमा दिए। लेकिन पॉलिसी के दस्तावेजों की जांच करने पर वह नकली पाए गए।
विज्ञापन
आरोपियों से बात की गई, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परेशान होकर आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया। इस पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने जांच कर तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
थाना बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में गांव सबलपुर के रणबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने बीमा पॉलिसी करानी थी। इस दौरान उनकी मुलाकात महिपाल से हुई। महिपाल ने बताया कि वह बीमा कंपनी में काम करता है और उसका बीमा पॉलिसी कर देगा। इससे उसे अन्य कंपनियों के बीमा पॉलिसी से अधिक पैसे मिलेंगे।
विज्ञापन
वह आरोपी की बातों में आ गए और आरोपी ने उन्हें निशा व गौरव से मिलवाया। तीनों ने उन से अलग-अलग समय में बीमा पॉलिसी के नाम पर नौ लाख 70 हजार रुपये ले लिए और उन्हें पॉलिसी के दस्तावेज थमा दिए। लेकिन पॉलिसी के दस्तावेजों की जांच करने पर वह नकली पाए गए।
विज्ञापन
आरोपियों से बात की गई, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परेशान होकर आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया। इस पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने जांच कर तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया।