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फर्जी लोन पास कर फंसे बैंक मैनेजर व दो बैंक कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Thu, 19 Jan 2017 12:03 AM IST
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को-ऑपरेटिव बैंक कलावड़ के मैनेजर व अन्य कर्मचारियों द्वारा फर्जी तरीके से 87 लाख रुपये से अधिक लोन पास करने का मामला सामाने आया है। यहां फर्जी फर्म दिखाकर अनजान व्यक्ति के नाम पहले लोन पास कर दिया गया और जब रिकवरी नहीं हुई तो जांच में बैंक मैनेजर समेत अन्य कर्मियों की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। थाना छप्पर पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत दो सीईओ व एक अन्य पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक यमुनानगर के चेयरमैन केहर सिंह की शिकायत पर की।
थाना छप्पर पुलिस को दी शिकायत में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक यमुनानगर के चेयरमैन केहर सिंह ने बताया कि गांव कलावड़ स्थित को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर करनैल सिंह, सीईओ कृष्ण कुमार, सीईओ लोकेश कुमार व रणधीर सिंह के साथ मिलकर दवाईयों की दुकान के नाम नाम करीब 87 लाख रुपये का लोन पास कर दिया। बाद में बैंक को लोन की रिकवरी नहीं हुई तो इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने जांच में उक्त फर्म व उसके दस्तावेज फर्जी पाए। साथ ही इसमें बैंक के मैनेजर करनैल सिंह, सीईओ कृष्ण कुमार व सीईओ लोकेश कुमार ने रणधीर सिंह की मिलीभगत का पता चला। मामले में आरोपियों ने बैंक को करीब 87 लाख रुपये का चूना लगाया। उन्होंने उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ थाना छप्पर पुलिस को शिकायत कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बैंक के मैनेजर करनैल सिंह, सीईओ कृष्ण कुमार व सीईओ लोकेश कुमार ने रणधीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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न बैंक क्षेत्र का निवासी और न काम का लाइसेंस: सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन केहर सिंह ने बताया कि बैंक क्षेत्र के व्यक्ति का ही बैंकलोन पास कर सकता है। मगर बैंक मैनेजर व अन्य कर्मियों ने जिसके नामलोन पास दिखाया है, वह न तो बैंक क्षेत्र के निवासी हैं और न ही उसके पास जिस काम के लिएलोन पास हुआ है, उसका लाइसेंस है। विभागीय जांच जारी है और आरोपियों से और भी जानकारियां मिल सकती हैं।
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बैंक मैनेजर व अन्य कर्मियों ने फर्जी तरीके से लोन पास कर दिया। इस संबंध में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन केहर सिंह की शिकायत पर 420, 409, 120बी के तहत केस दर्ज करने के बाद मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
रमेश चंद, एसएचओ, थाना छप्पर।