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ढाई साल से भ्रूण लिंग जांच कर रहा था आरोपी
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 26 Sep 2015 12:02 AM IST
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जिला पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच के मामले में सहारनपुर से गिरफ्तार किया छठा आरोपी वाहन भी में भ्रूण लिंग की जांच कर देता था। यह खुलासा आरोपी को रिमांड पर लेने के बाद की गई पूछताछ में हुआ है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लिंग जांच करने वाली अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद कर ली है।
डीएसपी जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी अजीत ने पूछताछ में बताया कि वह ढाई साल से भ्रूण लिंग की जांच कर रहा था। वह अपने घर पर तो लिंग जांच करता ही था, साथ ही वाहन में बैठकर भी मशीन से लिंग जांच करता था। अजीत ने सहारनपुर में लिंग जांच करवाने आई कई महिलाओं की उनकी गाड़ी में बैठकर ही भ्रूण के लिंग की जांच की है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस धंधे में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े थे।
डीसी के निर्देशानुसार गठित टीम में शामिल डीएसपी जोगिंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया, जगाधरी तहसीलदार दर्शन कुमार व जिला बाल कल्याण अधिकारी मनीषा खन्ना ने 20 सितंबर को भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।
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उस समय टीम द्वारा नकली ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला व उसकी साथी को अगवा कर भ्रूण लिंग जांच गिरोह के सदस्यों ने जान से मारने का प्रयास किया था। सही समय पर टीम ने गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया और उनके चंगुल से महिलाओं को छुड़ाया।
गिरोह के सदस्य महिलाओं को लिंग जांच के लिए यमुनानगर के बजाय सहारनपुर ले जाने वाले थे। आरोपियों के कब्जे से एक कार, नकली ग्राहकों द्वारा दिए गए 20 हजार रुपये व अन्य सामान बरामद हुआ था। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अगवा, हत्या के प्रयास, भ्रूण लिंग जांच करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो महिलाओं को भी राउंड अप किया। आरोपियों में जसबीर निवासी रामगढ़ (मुलाना) व गुरमीत सिंह निवासी सलेमपुर व मिंटू निवासी रादौरी व अन्य दो सहयोगी महिलाएं शामिल थीं। इन पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने धारा 23, 25 पीएनडीटी एक्ट व 342, 365, 307, 506 आईपीसी के तहत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
आरोपी जसबीर, गुरमीत सिंह व दो सहयोगी महिलाओं को कोर्ट में पेश करने पर जेल भेज दिया गया, जबकि अरोपी मिंटू को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। मिंटू ने पूछताछ में बताया कि वह भ्रूण में लिंग की जांच सहारनपुर में जयप्रभा कॉलोनी निवासी अजीत से कराते थे। मिंटू द्वारा बताने पर पुलिस ने आरोपी अजीत निवासी (सहारनपुर) को गिरफ्तार किया था।
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डीएसपी जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी अजीत ने पूछताछ में बताया कि वह ढाई साल से भ्रूण लिंग की जांच कर रहा था। वह अपने घर पर तो लिंग जांच करता ही था, साथ ही वाहन में बैठकर भी मशीन से लिंग जांच करता था। अजीत ने सहारनपुर में लिंग जांच करवाने आई कई महिलाओं की उनकी गाड़ी में बैठकर ही भ्रूण के लिंग की जांच की है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस धंधे में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े थे।
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डीसी के निर्देशानुसार गठित टीम में शामिल डीएसपी जोगिंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया, जगाधरी तहसीलदार दर्शन कुमार व जिला बाल कल्याण अधिकारी मनीषा खन्ना ने 20 सितंबर को भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।
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उस समय टीम द्वारा नकली ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला व उसकी साथी को अगवा कर भ्रूण लिंग जांच गिरोह के सदस्यों ने जान से मारने का प्रयास किया था। सही समय पर टीम ने गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया और उनके चंगुल से महिलाओं को छुड़ाया।
गिरोह के सदस्य महिलाओं को लिंग जांच के लिए यमुनानगर के बजाय सहारनपुर ले जाने वाले थे। आरोपियों के कब्जे से एक कार, नकली ग्राहकों द्वारा दिए गए 20 हजार रुपये व अन्य सामान बरामद हुआ था। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अगवा, हत्या के प्रयास, भ्रूण लिंग जांच करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो महिलाओं को भी राउंड अप किया। आरोपियों में जसबीर निवासी रामगढ़ (मुलाना) व गुरमीत सिंह निवासी सलेमपुर व मिंटू निवासी रादौरी व अन्य दो सहयोगी महिलाएं शामिल थीं। इन पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने धारा 23, 25 पीएनडीटी एक्ट व 342, 365, 307, 506 आईपीसी के तहत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
आरोपी जसबीर, गुरमीत सिंह व दो सहयोगी महिलाओं को कोर्ट में पेश करने पर जेल भेज दिया गया, जबकि अरोपी मिंटू को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। मिंटू ने पूछताछ में बताया कि वह भ्रूण में लिंग की जांच सहारनपुर में जयप्रभा कॉलोनी निवासी अजीत से कराते थे। मिंटू द्वारा बताने पर पुलिस ने आरोपी अजीत निवासी (सहारनपुर) को गिरफ्तार किया था।