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एक हजार रुपये में बेचती थी एमटीपी किट, स्वास्थ्य विभाग की टीम नर्सिंग होम संचालक को पकड़ा

Mon, 20 May 2019 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 11:48 PM IST
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एक हजार रुपये में बेचती थी एमटीपी किट, स्वास्थ्य विभाग की टीम नर्सिंग होम संचालक को पकड़ा
साढौरा। क्षेत्र के सामुदायिक केंद्र के समीप नर्सिंग होम की आड़ में एक डॉक्टर को एमटीपी किट बेचते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी नर्सिंग होम संचालिका एक हजार रुपये में एमटीपी किट बेचती थी। विभाग ने योजना के तहत फर्जी ग्राहक बनाकर नर्सिंग होम पर भेजी। इसके बाद होम संचालिका को रंगे हाथ दबोच लिया गया। पुलिस ने मामले आरोपी जोहिया नर्सिंग होम संचालिका डॉ. शोकिना के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
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सीएमओ डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि साढौरा एरिया में जोहिया नर्सिंग होम में अवैध रूप से एमटीपी किट(मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) बेची जाती है। आरोपी नर्सिंग होम संचालिका को रंगे हाथ पकड़ने के लिए उन्होंने पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. राजेश के नेतृत्व में टीम बनाई। टीम में डॉ. गोल्डी, महिला बाल विकास अधिकारी सीडीपीओ सीमा प्रसाद, सूरजभान, नितीश को शामिल किया गया। टीम ने एक फर्जी ग्राहक तैयार किया। फर्जी ग्राहक को रुपयों पर श्याही लगा कर दे दिया गया। फर्जी ग्राहक ने जब डॉक्टर से गर्भपात करने की किट मांगी तो डॉक्टर ने इसके एवज में एक हजार रुपये की मांग की। फर्जी ग्राहक ने बाहर खड़ी टीम को इशारा करके डॉक्टर को रुपये दिए टीम ने तुरंत रुपयों समेत डॉक्टर शोकिना को धर दबोचा। डॉ. राजेश ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। टीम ने डॉक्टर को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ. राजेश ने बताया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) एक्ट सन 1971 में बना था। इसके तहत 20 हफ्ते तक के गर्भपात की इजाजत है। चार कारणों में एमटीपी को मान्य किया गया है। महिला को कोई गंभीर रोग हो और गर्भ रखने से उसको जान का खतरा हो, गर्भ को धारण किए रहने से नवजात को भारी खतरा हो, जिससे उसमें गंभीर शारीरिक, मानसिक अपंगता की आशंका रहे, बलात्कार के परिणाम स्वरूप गर्भधारण और गर्भनिरोधक की असफलता-चाहे जिस भी माध्यम का उपयोग किया गया हो। 18 साल या उससे कम उम्र की किशोरी का उसके अभिभावक की सहमति के बिना गर्भपात नहीं किया जा सकता।
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पीएनडीटी टीम द्वारा पकड़ी गई डॉक्टर के खिलाफ केस दर्जकर लिया गया है। आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
- देवेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना साढौरा।
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